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Noida News: दो साल बाद भी नहीं मिली फायर सेफ्टी, हाईकोर्ट ने तय की समयसीमा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बीमारी के इलाज के लिए बने राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की अपनी ही बीमारी दो साल से दूर नहीं हो पा रही है। इमारत तैयार होने के बावजूद फायर सेफ्टी की खामियों के कारण फायर लिफ्ट का काम शुरू नहीं हो सका है। सोशल ज्यूरिस्ट संस्था की जनहित याचिका पर बृहस्पतिवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में नाराजगी जताते हुए सभी खामियां दूर करने के लिए 31 जनवरी 2027 की समयसीमा तय की।
सरकार की ओर से बताया गया कि फायर विभाग से एनओसी टुकड़ों में जारी करना नियमों के अनुरूप संभव नहीं है। इस पर अदालत ने निर्देश दिया कि फायर विभाग तीन सप्ताह में सभी अनापत्तियों पर निर्णय ले। अदालत ने अगली सुनवाई छह नवंबर को तय करते हुए तब तक निर्माण की प्रगति और फायर विभाग के फैसले की पूरी जानकारी मांगी है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यकाम और अशोक अग्रवाल ने पैरवी की।
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नई दिल्ली। बीमारी के इलाज के लिए बने राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की अपनी ही बीमारी दो साल से दूर नहीं हो पा रही है। इमारत तैयार होने के बावजूद फायर सेफ्टी की खामियों के कारण फायर लिफ्ट का काम शुरू नहीं हो सका है। सोशल ज्यूरिस्ट संस्था की जनहित याचिका पर बृहस्पतिवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में नाराजगी जताते हुए सभी खामियां दूर करने के लिए 31 जनवरी 2027 की समयसीमा तय की।
सरकार की ओर से बताया गया कि फायर विभाग से एनओसी टुकड़ों में जारी करना नियमों के अनुरूप संभव नहीं है। इस पर अदालत ने निर्देश दिया कि फायर विभाग तीन सप्ताह में सभी अनापत्तियों पर निर्णय ले। अदालत ने अगली सुनवाई छह नवंबर को तय करते हुए तब तक निर्माण की प्रगति और फायर विभाग के फैसले की पूरी जानकारी मांगी है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यकाम और अशोक अग्रवाल ने पैरवी की।
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