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Noida News: एनएबीएच की फर्जी मान्यता मामले में एफआईआर का निर्देश
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(अदालत से)
नोएडा के सेक्टर-46 स्थित विनोद आई सेंटर का मामला, आरटीआई से खुलासा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-46 स्थित विनोद आई सेंटर में एनएबीएच (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स) का फर्जी दावा कर मरीजों को गुमराह करने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतमबुद्ध नगर की अदालत ने मामले को संज्ञेय अपराध माना है। उन्होंने थाना सेक्टर-39 पुलिस को 14 दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता पियूष दत्त कौशिक ने डॉ श्वेता गोयल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अदालत में दायर प्रार्थना पत्र के अनुसार विज्ञापन बोर्डों पर एनएबीच का लोगो और मान्यता दर्शाने के बाद वे नौ मार्च, 2024 को इलाज के लिए वे विनोद आई सेंटर पहुंचे थे। लेकिन, आरटीआई के जवाब में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने बताया कि विनोद आई सेंटर को एनएबीएच से मान्यता प्राप्त नहीं है। एनएबीएच की ओर से 10 फरवरी 2025 को पब्लिक नोटिस में भी डॉ. श्वेता गोयल के अस्पताल पर एनएबीएच के फर्जी इस्तेमाल की बात कही गई। अदालत में मेडिकल एस्टेब्लिशमेंट सर्टिफिकेट (2021 से 2024 तक) भी पेश किए गए, जिनमें अस्पताल का मालिक डॉ. श्वेता गोयल को बताया गया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रस्तुत दस्तावेज एनएबीएच के फर्जी इस्तेमाल को दर्शाते हैं।
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नोएडा के सेक्टर-46 स्थित विनोद आई सेंटर का मामला, आरटीआई से खुलासा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-46 स्थित विनोद आई सेंटर में एनएबीएच (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स) का फर्जी दावा कर मरीजों को गुमराह करने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतमबुद्ध नगर की अदालत ने मामले को संज्ञेय अपराध माना है। उन्होंने थाना सेक्टर-39 पुलिस को 14 दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता पियूष दत्त कौशिक ने डॉ श्वेता गोयल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अदालत में दायर प्रार्थना पत्र के अनुसार विज्ञापन बोर्डों पर एनएबीच का लोगो और मान्यता दर्शाने के बाद वे नौ मार्च, 2024 को इलाज के लिए वे विनोद आई सेंटर पहुंचे थे। लेकिन, आरटीआई के जवाब में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने बताया कि विनोद आई सेंटर को एनएबीएच से मान्यता प्राप्त नहीं है। एनएबीएच की ओर से 10 फरवरी 2025 को पब्लिक नोटिस में भी डॉ. श्वेता गोयल के अस्पताल पर एनएबीएच के फर्जी इस्तेमाल की बात कही गई। अदालत में मेडिकल एस्टेब्लिशमेंट सर्टिफिकेट (2021 से 2024 तक) भी पेश किए गए, जिनमें अस्पताल का मालिक डॉ. श्वेता गोयल को बताया गया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रस्तुत दस्तावेज एनएबीएच के फर्जी इस्तेमाल को दर्शाते हैं।
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