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यमुना प्राधिकरण में मास्टर प्लान-2041 का अंतिम खाका पेश

Wed, 20 Apr 2022 01:30 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2022 01:30 AM IST
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Final blueprint of Master Plan-2041 presented in Yamuna Authority
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के सीईओ के समक्ष मंगलवार को मास्टर प्लान-2041 बना रही कंपनी ने अंतिम खाका पेश किया। इसमें बताया गया कि उद्योगों के साथ-साथ घर व खेलकूद के लिए पार्क बनाए जाएंगे। इनमें काम करने वाले लोगों के रहने की भी व्यवस्था की जाएगी। मास्टर प्लान में मिश्रित भू-उपयोग की योजना पर काम किया जा रहा है। किसी भी सेक्टर में कोई श्रमिक झुग्गी डालकर नहीं रहेगा, बल्कि संस्था को घर बनाकर देने होंगे। इससे शहर में झुग्गी-झोपड़ियों को बढ़ावा नहीं मिलेगा और श्रमिकों को भी काम के दौरान अच्छे घर में रहने का अवसर मिलेगा। अब इसे प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा।
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अधिकारियों ने बताया कि अब व्यक्ति कार्य स्थल के पास ही सुविधाएं चाहता है, इसलिए इस बार कार्य स्थल के पास ही घर और उद्योगों के पास कर्मचारियों के लिए आवास बनाने का भी मास्टर प्लान में प्रावधान किया गया है। इस तरह का प्रावधान अभी तक कुछ देशों में ही था। अब इसे जिले में भी लागू किया जाएगा। नए मास्टर प्लान में लॉजिस्टिक सिटी, फन सिटी, स्पोर्ट्स सिटी का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही, फाइनेंशियल सिटी, इलेक्ट्रॉनिक सिटी आदि भी बसेंगी। 2041 तक यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आबादी 39 लाख हो जाएगी और इसमें 8 लाख घरों की आवश्यकता होगी। जनसंख्या के अनुसार लगभग 12 हजार हेक्टेयर जमीन व्यावसायिक इस्तेमाल लिए जरूरत होगी।
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पानी को शोधित कर करेंगे इस्तेमाल
नए मास्टर प्लान में ऐसी व्यवस्था की गई है कि सभी सेक्टरों से निकले पानी को शोधित कर दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सके। इसी तरह कूड़ा प्रबंधन के लिए भी सेक्टरों में ही विशेष प्रबंध किया जाएगा।
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सर्विस कॉरिडोर से सुंदर बनेगा शहर
नए मास्टर प्लान में सर्विस कॉरिडोर बनाने की योजना है। इसमें रेहड़ी पटरी, मोची, धोबी, नाई, सब्जी विक्रेता समेत अन्य सभी तरह के लोगों को जगह दी जाएगी। यह सर्विस कॉरिडोर वेंडिंग जोन का विकसित रूप होगा। इसमें सभी तरह के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग शामिल होंगे।
सर्विस अपार्टमेंट संग डोरमेट्री की सुविधा
यमुना प्राधिकरण के नए मास्टर प्लान में कारखानों के साथ कामगारों पर पूरा जोर दिया गया है। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सर्विस अपार्टमेंट संग डोरमेट्री बनाने की योजना भी है। देश के किसी भी इंडस्ट्रियल क्षेत्र में अभी तक ऐसी सुविधाएं नहीं है।
नीचे दुकानें ऊपर घर बनाए जा सकेंगे
नोएडा एयरपोर्ट के पास एरोपोलिस सिटी कविकसित करने की भी फाइनल रिपोर्ट में व्याख्या की गई है। इस रिपोर्ट में ओलंपिक पार्क, ओलंपिक विलेज, गोल्फ कोर्स, सेंट्रल बिजनेस सेंटर, वेयर हाउस, लॉजिस्टिक हब आदि गतिविधियों के लिए भी जगह चिह्नित की गई है। इसे यूरोपीय देशों की तर्ज पर महायोजना स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करते हुए नीचे दुकान और ऊपर घर भी बनाए जा सकेंगे। इसके लिए करीब 5 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी।

नए मास्टर प्लान में हरियाली होगी दोगुनी
मास्टर प्लान में इंडस्ट्रियल लैंड के लिए करीब-20 फीसदी, मिश्रित भूमि उपयोग करीब 15 फीसदी, आवासीय 12 फीसदी, व्यावसायिक में 8 फीसदी, ग्रीन बेल्ट में 35 फीसदी, सड़क आदि में 10 फीसदी जमीन का उपयोग किया जाएगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाद यमुना में हरियाली को लगभग दोगुना कर दिया गया है।
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