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खाद के लिए मारामारी
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फिरोजपुर झिरका। एक माह पहले सरसों की फसल की बुआई के लिए डीएपी खाद की इलाके में भारी मारामारी देखने को मिली। वहीं, अब डीएपी के बाद यूरिया के लिए भी आपाधापी मची है। लोग लंबी कतारों में डीएपी खाद लेने के लिए ही सुबह से स्थानीय अनाज मंडी में खड़े नजर आए।
बृहस्पतिवार को यूरिया खाद के आने और बढ़ने की सूचना स्थानीय किसानों को लगी तो फिरोजपुर झिरका की अनाज मंडी में भारी संख्या में किसान और लोग जमा हो गए जो यूरिया खाद के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस बल को बुलाया गया। इलाके की महिलाओं ने भी स्थानीय मंडी में पहुंचकर लाइन में लगकर यूरिया लेने के लिए लाइन लगाई।
वहीं, जिला उपायुक्त के कड़े निर्देशों का पालन किया गया। यूरिया खाद को लेने के लिए सरकार द्वारा आधार कार्ड व वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी था। लेकिन कुछ किसानों पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट न होने की वजह से उन्हें यूरिया खाद लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने तो वैक्सीनेशन कराया ही नहीं था। जिन्होंने कराया था उनके पास सर्टिफिकेट नहीं था। इसलिए कुछ लोग सामान्य अस्पताल की तरफ भागते नजर आए तो कुछ लोग कंप्यूटर ऑपरेटर की दुकानों पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट निकलवाने के लिए खड़े नजर आए। जिन किसानों ने वैक्सीनेशन कराया ही नहीं, वो लोग मायूस होकर बिना यूरिया लिए अपने घर की तरफ लौट गए। दुकानदार भूषण भटेजा ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा दिशा निर्देशों के अनुसार आधार कार्ड व वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के आधार पर ही यूरिया लोगों को दिया जाएगा। जिसके लिए जिला प्रशासन ने दुकानदारों को कड़े निर्देश दिए हैं।
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बृहस्पतिवार को यूरिया खाद के आने और बढ़ने की सूचना स्थानीय किसानों को लगी तो फिरोजपुर झिरका की अनाज मंडी में भारी संख्या में किसान और लोग जमा हो गए जो यूरिया खाद के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस बल को बुलाया गया। इलाके की महिलाओं ने भी स्थानीय मंडी में पहुंचकर लाइन में लगकर यूरिया लेने के लिए लाइन लगाई।
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वहीं, जिला उपायुक्त के कड़े निर्देशों का पालन किया गया। यूरिया खाद को लेने के लिए सरकार द्वारा आधार कार्ड व वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी था। लेकिन कुछ किसानों पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट न होने की वजह से उन्हें यूरिया खाद लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने तो वैक्सीनेशन कराया ही नहीं था। जिन्होंने कराया था उनके पास सर्टिफिकेट नहीं था। इसलिए कुछ लोग सामान्य अस्पताल की तरफ भागते नजर आए तो कुछ लोग कंप्यूटर ऑपरेटर की दुकानों पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट निकलवाने के लिए खड़े नजर आए। जिन किसानों ने वैक्सीनेशन कराया ही नहीं, वो लोग मायूस होकर बिना यूरिया लिए अपने घर की तरफ लौट गए। दुकानदार भूषण भटेजा ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा दिशा निर्देशों के अनुसार आधार कार्ड व वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के आधार पर ही यूरिया लोगों को दिया जाएगा। जिसके लिए जिला प्रशासन ने दुकानदारों को कड़े निर्देश दिए हैं।
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