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Noida News: रहस्य बने सोसाइटियों में खड़े वाहन, वर्षों बाद भी वारिसों का नहीं लगा सुराग
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-सोसाइटियों में ऐसे दर्जनों संदिग्ध वाहन घेर रहे निवासियों की पार्किंग, बढ़ रहा खतरा
-एओए का दावा-प्रशासन से शिकायत के बाद भी नहीं निकला ठोस समाधान
ऋषभ कौशल
नोएडा। बेसमेंट की हर इंच जगह अब सोने जैसी कीमती हो चुकी है। एक तरफ गाड़ियों की बढ़ती कतारें हैं, तो दूसरी ओर धूल और जंग से ढके ऐसे वाहन, जिनके मालिकों का कोई अता-पता नहीं। महीनों से एक ही कोने में खड़े ये लावारिस वाहन अब सिर्फ पार्किंग की जगह नहीं घेर रहे, बल्कि सोसाइटियों की सुरक्षा और व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल बनते जा रहे हैं। बढ़ती आबादी और घटती पार्किंग के बीच ये भूली-बिसरी गाड़ियां अब शहर की नई मुसीबत बनकर उभर रही हैं।
सेक्टर 100 स्थित लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी की एओए सदस्य अल्का वर्मा ने बताया कि सोसाइटी के बेसमेंट में एक दर्जन से ज्यादा ऐसे वाहन हैं, जो कई सालों से धूल फांक रहे हैं। जब इन वाहनों के वाहन स्वामियों का पता लगाने का प्रयास किया गया तो सामने आया कि कुछ वाहन स्वामी या तो विदेश चले गये या फिर उनके वाहन स्वामी कई साल पहले ही सोसाइटी छोड़ चुके हैं। ऐसे में उनसे न तो संपर्क हो पा रहा है और न ही उनकी कोई ठोस जानकारी मिल पा रही है। यह हाल सिर्फ एक सोसाइटी का नहीं, बल्कि शहर की सेवन एक्स से लेकर नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे किनारे बसीं तमाम सोसाइटियों की समस्या है। सेक्टर 137 स्थित पारस टिएरा सोसाइटी में पिछली एओए इसको लेकर कुछ काम किया था, तब ऐसे कुछ वाहन हटाए गए थे, हालांकि वह भी पूरी तरह से संभव नहीं हो सका।
अधिकारियों से की शिकायत से भी नहीं निकला हल : एओए का दावा है कि इस समस्या की शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में की गई, जिन्होंने यह समस्या एआरटीओ से करने की बात कही। जब एआरटीओ से इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना है कि वाहन को तब तक स्क्रैप की अनुमति नहीं दी जा सकती है, जब तक कि उनकी आयु सीमा पूरी नहीं हो जाती है। ऐसे में एओए भी इस समस्या को दूर करने के लिए बेबस है।
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हमारे यहां करीब एक दर्जन से ज्यादा ऐसे वाहन हैं जो बेसमेंट में खड़े हैं, इनका उपयोग करके क्राइम किया गया है, या कौन छोड़ गया है, इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है।
-राजेश रस्तोगी, एओए अध्यक्ष, लोटस बुलेवर्ड
हमारे यहां ऐसे बहुत से वाहन संदिग्ध रूप से खड़े हैं जो कई साल से बेसमेंट की जगह घेर हैं, कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई हल नहीं निकला। -अर्चना चतुर्वेदी, निवासी, आम्रपाली जोडिएक
हमारे यहां आंतरिक वाहनों के लिए आरएफ आईडी अनिवार्य है, बाहरी वाहनों के लिए सोसाइटी के अंदर गेस्ट पार्किंग है, जहां वाहन खड़े होते हैं, हर वाहन का सत्यापन किया जाता है।
-अमित त्रिपाठी, एओए उपाध्यक्ष, प्रतीक लॉरेल
हमारे यहां भी ऐसे वाहनों के लिए पिछले कुछ दिन पहले अभियान चलाया गया, ताकि पता लगाया जाए कि यह वाहन किनके हैं, हालांकि अधिकतर के मालिक सोसाइटी से जा चुके हैं।
-उमेश, लोटस पनाश सोसाइटी, सेक्टर 110
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-एओए का दावा-प्रशासन से शिकायत के बाद भी नहीं निकला ठोस समाधान
ऋषभ कौशल
नोएडा। बेसमेंट की हर इंच जगह अब सोने जैसी कीमती हो चुकी है। एक तरफ गाड़ियों की बढ़ती कतारें हैं, तो दूसरी ओर धूल और जंग से ढके ऐसे वाहन, जिनके मालिकों का कोई अता-पता नहीं। महीनों से एक ही कोने में खड़े ये लावारिस वाहन अब सिर्फ पार्किंग की जगह नहीं घेर रहे, बल्कि सोसाइटियों की सुरक्षा और व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल बनते जा रहे हैं। बढ़ती आबादी और घटती पार्किंग के बीच ये भूली-बिसरी गाड़ियां अब शहर की नई मुसीबत बनकर उभर रही हैं।
सेक्टर 100 स्थित लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी की एओए सदस्य अल्का वर्मा ने बताया कि सोसाइटी के बेसमेंट में एक दर्जन से ज्यादा ऐसे वाहन हैं, जो कई सालों से धूल फांक रहे हैं। जब इन वाहनों के वाहन स्वामियों का पता लगाने का प्रयास किया गया तो सामने आया कि कुछ वाहन स्वामी या तो विदेश चले गये या फिर उनके वाहन स्वामी कई साल पहले ही सोसाइटी छोड़ चुके हैं। ऐसे में उनसे न तो संपर्क हो पा रहा है और न ही उनकी कोई ठोस जानकारी मिल पा रही है। यह हाल सिर्फ एक सोसाइटी का नहीं, बल्कि शहर की सेवन एक्स से लेकर नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे किनारे बसीं तमाम सोसाइटियों की समस्या है। सेक्टर 137 स्थित पारस टिएरा सोसाइटी में पिछली एओए इसको लेकर कुछ काम किया था, तब ऐसे कुछ वाहन हटाए गए थे, हालांकि वह भी पूरी तरह से संभव नहीं हो सका।
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अधिकारियों से की शिकायत से भी नहीं निकला हल : एओए का दावा है कि इस समस्या की शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में की गई, जिन्होंने यह समस्या एआरटीओ से करने की बात कही। जब एआरटीओ से इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना है कि वाहन को तब तक स्क्रैप की अनुमति नहीं दी जा सकती है, जब तक कि उनकी आयु सीमा पूरी नहीं हो जाती है। ऐसे में एओए भी इस समस्या को दूर करने के लिए बेबस है।
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हमारे यहां करीब एक दर्जन से ज्यादा ऐसे वाहन हैं जो बेसमेंट में खड़े हैं, इनका उपयोग करके क्राइम किया गया है, या कौन छोड़ गया है, इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है।
-राजेश रस्तोगी, एओए अध्यक्ष, लोटस बुलेवर्ड
हमारे यहां ऐसे बहुत से वाहन संदिग्ध रूप से खड़े हैं जो कई साल से बेसमेंट की जगह घेर हैं, कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई हल नहीं निकला। -अर्चना चतुर्वेदी, निवासी, आम्रपाली जोडिएक
हमारे यहां आंतरिक वाहनों के लिए आरएफ आईडी अनिवार्य है, बाहरी वाहनों के लिए सोसाइटी के अंदर गेस्ट पार्किंग है, जहां वाहन खड़े होते हैं, हर वाहन का सत्यापन किया जाता है।
-अमित त्रिपाठी, एओए उपाध्यक्ष, प्रतीक लॉरेल
हमारे यहां भी ऐसे वाहनों के लिए पिछले कुछ दिन पहले अभियान चलाया गया, ताकि पता लगाया जाए कि यह वाहन किनके हैं, हालांकि अधिकतर के मालिक सोसाइटी से जा चुके हैं।
-उमेश, लोटस पनाश सोसाइटी, सेक्टर 110