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Noida News: दिल्ली कूच करते किसानों को परी चौक पर रोका, 45 गिरफ्तार
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पुलिस और महिला-किसानों में हुई धक्कामुक्की और नोकझोंक, वीडियो बना रहे युवकों को भी पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा।
दस फीसदी भूखंड देने समेत अन्य मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को दिल्ली कूच करते पचास से अधिक किसानों और महिलाओं को पुलिस ने परी चौक पर रोक लिया। इसके बाद 45 किसानों को गिरफ्तार कर लुक्सर जेल भेज दिया गया। इस दौरान पुलिस और महिला-किसानों में धक्कामुक्की व नोकझोंक हुई। कुछ युवकों ने वीडियो बनाने का प्रयास किया तो उन्हें पुलिस ने पकड़कर किसानों के साथ जेल भेज दिया।
शुक्रवार सुबह से ही संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सोशल मीडिया पर आंदोलन जारी रखने का आह्वान कर रहे थे। जीरो पाइंट पर पहुंचकर दिल्ली कूच करने का ऐलान किया जा रहा था। इस कारण यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पाइंट पर पुलिस बल तैनात रहा। यहां पर किसी को जाने नहीं दिया जा रहा था। दोपहर करीब 12 बजे महिलाओं के साथ पचास से अधिक किसान नारेबाजी करते हुए परी चौक पर पहुंच गए। पुलिस, पीएसी और आरपीएफ के जवानों ने किसानों और महिलाओं को घेर लिया। आंदोलनरत किसानों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करने की जगह आवाज दबा रही है। किसान आंदोलन को कुचलने का काम किया जा रहा है। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद पुलिस ने विरोध के बीच किसानों की घेराबंदी कर पांच बसों में भर दिया।
अब तक 122 किसान जेल पहुंचे
45 किसानों को पुलिस ने पांच बसों में भरकर जेल पहुंचाया। बुधवार को 34 व बृहस्पतिवार को 43 किसानों को जेल भेजा गया था। ऐसे में अब तक 122 किसानों को यहां लाया जा चुका है। सभी किसानों को सामान्य बैरक में रखा गया है। इनमें एक भी महिला और बुजुर्ग शामिल नहीं है।
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परी चौक पर लगा जाम
किसानों के प्रदर्शन के कारण अल्फा गोलचक्कर से लेकर परी चौक तक जाम लगा रहा। इससे एक्सप्रेसवे और परी चौक आने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल के बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
पुलिस सुबह से रही अलर्ट
महापंचायत के कारण पुलिस सुबह से ही अलर्ट रही। डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी स्तर के अधिकारियों ने मौके पर तैनात पीएसी, आरएएफ के जवानों को किसानों को किसी भी हालत में धरना स्थल पर एकत्रित न होने देने के लिए कहा। पुलिस की ओर से लगातार फ्लैग मार्ग मार्च किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा।
दस फीसदी भूखंड देने समेत अन्य मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को दिल्ली कूच करते पचास से अधिक किसानों और महिलाओं को पुलिस ने परी चौक पर रोक लिया। इसके बाद 45 किसानों को गिरफ्तार कर लुक्सर जेल भेज दिया गया। इस दौरान पुलिस और महिला-किसानों में धक्कामुक्की व नोकझोंक हुई। कुछ युवकों ने वीडियो बनाने का प्रयास किया तो उन्हें पुलिस ने पकड़कर किसानों के साथ जेल भेज दिया।
शुक्रवार सुबह से ही संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सोशल मीडिया पर आंदोलन जारी रखने का आह्वान कर रहे थे। जीरो पाइंट पर पहुंचकर दिल्ली कूच करने का ऐलान किया जा रहा था। इस कारण यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पाइंट पर पुलिस बल तैनात रहा। यहां पर किसी को जाने नहीं दिया जा रहा था। दोपहर करीब 12 बजे महिलाओं के साथ पचास से अधिक किसान नारेबाजी करते हुए परी चौक पर पहुंच गए। पुलिस, पीएसी और आरपीएफ के जवानों ने किसानों और महिलाओं को घेर लिया। आंदोलनरत किसानों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करने की जगह आवाज दबा रही है। किसान आंदोलन को कुचलने का काम किया जा रहा है। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद पुलिस ने विरोध के बीच किसानों की घेराबंदी कर पांच बसों में भर दिया।
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अब तक 122 किसान जेल पहुंचे
45 किसानों को पुलिस ने पांच बसों में भरकर जेल पहुंचाया। बुधवार को 34 व बृहस्पतिवार को 43 किसानों को जेल भेजा गया था। ऐसे में अब तक 122 किसानों को यहां लाया जा चुका है। सभी किसानों को सामान्य बैरक में रखा गया है। इनमें एक भी महिला और बुजुर्ग शामिल नहीं है।
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परी चौक पर लगा जाम
किसानों के प्रदर्शन के कारण अल्फा गोलचक्कर से लेकर परी चौक तक जाम लगा रहा। इससे एक्सप्रेसवे और परी चौक आने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल के बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
पुलिस सुबह से रही अलर्ट
महापंचायत के कारण पुलिस सुबह से ही अलर्ट रही। डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी स्तर के अधिकारियों ने मौके पर तैनात पीएसी, आरएएफ के जवानों को किसानों को किसी भी हालत में धरना स्थल पर एकत्रित न होने देने के लिए कहा। पुलिस की ओर से लगातार फ्लैग मार्ग मार्च किया गया।