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कृषि विभाग 6 भागों में बंटने से किसानों को नहीं मिल रहीं सुविधाएं

Sat, 25 Dec 2021 11:03 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Dec 2021 11:03 PM IST
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Farmers are not getting facilities due to division of Agriculture Department into 6 parts
नूंह। प्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों की सूचि में नूंह जिला अंतिम पायदान पर है। यहां के 80 फीसदी लोग प्रत्यक्ष रूप से कृषि कार्यों से जुड़े हुए हैं। लेकिन, जिला कृषि विभाग को अब तक अपना स्थायी कार्यालय नसीब नहीं हुआ है। इस कारण अधिकारियों द्वारा किसानों तक विभाग की योजनाओं को बेहतर तरीके से अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा है। एक कृषि विभाग 6 जगहों पर बांटा हुआ है। इनमें नूंह के नई सब्जीमंडी रोड पर एसडीओ कार्यालय जर्जर भवन में चल रहा है। मृदा परीक्षण व सहायक भूमि मृदा परीक्षण पुराने एडीसी कार्यालय में, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, सहायक कृषि अभियंता महिला थाना परिसर में, टेक्निकल असिस्टेंट अंत्योदय भवन परिसर में व कृषि उपनिदेशक कार्यालय भी पुराने एसडीएम कार्यालय में चल रहा है। ऐसे में यहां पर आने वाले किसानों को अपने कार्यों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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कृषि विभाग के पास नूंह शहर के नई सब्जीमंडी और मेडिकल रोड पर करीब साढ़े तीन एकड़ अपनी जमीन भी है। इसकी चारदीवारी के लिए कई साल पूर्व 57 लाख रुपये की धनराशि पीडब्ल्यूडी विभाग के पास आई हुई थी। इसके बावजूद विभाग का जिला कार्यालय नहीं बन पा रहा है। जिला प्रशासन व विभाग की इस कार्यशैली से किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। लेकिन, किसानों की इस परेशानी की किसी को परवाह नहीं है। किसानों के उत्थान के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं, लेकिन जिले में कृषि विभाग के पास अपना जिला कार्यालय नहीं है। मजबूरी में विभाग को अपना कार्यालय पुराने एसडीएम ऑफिस व महिला थाना परिसर में चलाना पड़ रहा है। इससे अपने कार्यों के लिए आने वाले किसानों को काफी मुश्किलें उठानी पड़ रही है। दूसरी ओर कार्यालय के अभाव में विभाग के कर्मचारी व अधिकारी भी अपने कार्य को सही तरह से नहीं कर पा रहे हैं।
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प्रशासनिक अधिकारी नहीं ले रहे रुचि
जिला कृषि विभाग कार्यालय कई साल पूर्व जिला सचिवालय में चलाया गया था। लेकिन, वहां से जिला कार्यालय को पुराने एसडीएम ऑफिस, महिला थाना परिसर में शिफ्ट कराए हुए भी लगभग तीन साल बीत चुके हैं। इसके बावजूद जिला कार्यालय बनने का रास्ता नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है कि यहां पर आने वाले अधिकारियों के अलावा जिला प्रशासन का भी जिला कार्यालय बनाने में कोई रुचि नहीं है। अगर 16 साल में थोड़ा भी ध्यान दिया होता तो आज जिला कार्यालय बनकर तैयार हो जाता।
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योजनाएं नहीं चढ़ रहीं सिरे
कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मेरी फसल मेरी ब्योरा, मेरा पानी मेरी विरासत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, मृदा नमूना जांच, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना सहित कई योजनाएं सिरे नहीं चढ़ पा रही हैं। इससे किसानों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रह है।
इस समस्या का तुरंत समाधान कराना चाहिए। जिस विभाग के पास अपना कार्यालय ही नहीं है, वहां पर अधिकारी व कर्मचार कैसे कार्य कर सकते हैं।
फकरुद्दीन एडवोकेट।
किसानों के हितैषी बनने के सरकार भले ही बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। निश्चित ही यह जिले में बड़ी समस्या है। समय रहते इस समस्या का समाधान कराना चाहिए।

जाकिर कोटला।
सरकार व प्रशासन को इस बारे में सोचने की जरूरत है। अगर विभाग को कार्यालय मिलता है तो किसानों की काफी जरूरतें पूरी होंगी।
अख्तर चंदेनी, किसान।
कृषि विभाग के पास जिला कार्यालय नहीं होने से अधिकारियों व कर्मचारियों को भी परेशानी हो रही है। जल्द इस समस्या का समाधान कराया जाएगा। संबंधित विभाग के अधिकारियों से इस बारे में जानकारी ली जाएगी।
कैप्टन शक्ति सिंह, उपायुक्त नूंह।
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