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दिवाली पर तीन साल में सबसे प्रदूषित रहा फरीदाबाद
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फरीदाबाद में छाया स्मॉग ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। दिवाली को छोड़े गए पटाखों का असर शुक्रवार को भी दिखा। पूरे दिन हवा का स्तर गंभीर श्रेणी में बना रहा। सुबह से ही औद्योगिक नगर का एक्यूआई का स्तर आपात स्थिति में पहुंच गया। सुबह से छाये स्मॉग की वजह से आंखों में जलन की शिकायत दिखी, वहीं कुछ लोगों ने सांस लेने में परेशानी हुई। तीन साल में इस साल दिवाली पर एक्यूआई का स्तर सबसे अधिक खराब रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी डेली बुलेटिन के अनुसार शाम 4 बजे तक फरीदाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 469 और बल्लभगढ़ का एक्यूआई 462 रहा। चिकित्सक इसे लोगों के स्वास्थ्य के लिए आपात स्थिति मानते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इससे हर उम्र के लोगों को परेशानी हो सकती है। हवा की बेहद खराब गुणवत्ता और स्मॉग के कारण सांस लेने में परेशानी के साथ आंखों में जलन हुई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार गुरुग्राम 472, गाजियाबाद 470 के बाद फरीदाबाद 469 एक्यूआई के साथ देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। जानकार इसका मुख्य कारण दिवाली की रात जमकर हुई आतिशबाजी के साथ शहर में जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्य व पराली को मान रहे हैं। हरियाणा राज्य प्रदूषिण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार पटाखे के साथ पराली के जलाने से शहर की हवा की गुणवत्ता खराब हुई है।
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2018 बाद सबसे प्रदूषित रहा शहर
दिवाली बाद शहर का प्रदूषण स्तर साल 2018 बाद सबसे खराब रहा। साल-2018 में दिवाली बाद शहर का एक्यूआई 438, साल-2019 में 347, साल-2020 में 425 दर्ज किया गया। वहीं इस साल प्रदूषण का स्तर 469 तक पहुंच गया। यह बीते तीन साल में बेहद खराब रहा।
सेक्टर-11 रहा सबसे प्रदूषित
जिले में बल्लभगढ़ के नाथू कॉलोनी, एनआईटी, सेेक्टर-11, 30, 16ए में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित हैं। यहां लगे एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम से शाम 5 बजे तक लिए गए डाटा में सेक्टर-11 जिले का सबसे प्रदूषित रहा। शाम पांच बजे इस क्षेत्र का एक्यूआई 482 दर्ज किया गया। इसके बाद सेक्टर-16ए का एक्यूआई 474, सेक्टर-30 469 और एनआईटी का एक्यूआई 450 दर्ज किया गया।
सुबह की सैर से बचें
ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड अस्पताल के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. ऋषि गुप्ता ने बताया कि प्रदूषित हवा में सुबह की सैर करने स्वास्थ्य के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। खासकर हृदय रोगियों की दिक्कत आ सकती है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी की जरूरत है। उन्होंने सुबह सैर पर नहीं निकलने की सलाह दी है। लोग घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूर पहनें। बुजुर्ग और बच्चे घर से बाहर नहीं निकलें। बाहर के खाने से परहेज करें।
जिला प्रशासन, नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस समेत सभी विभागों द्वारा शहर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व पुलिस को दिवाली पर आतिशबाजी को रोकने के लिए पहले से ही निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद शहर में प्रदूषण स्तर खराब रहा। - जितेंद्र यादव, उपायुक्त
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी डेली बुलेटिन के अनुसार शाम 4 बजे तक फरीदाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 469 और बल्लभगढ़ का एक्यूआई 462 रहा। चिकित्सक इसे लोगों के स्वास्थ्य के लिए आपात स्थिति मानते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इससे हर उम्र के लोगों को परेशानी हो सकती है। हवा की बेहद खराब गुणवत्ता और स्मॉग के कारण सांस लेने में परेशानी के साथ आंखों में जलन हुई।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार गुरुग्राम 472, गाजियाबाद 470 के बाद फरीदाबाद 469 एक्यूआई के साथ देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। जानकार इसका मुख्य कारण दिवाली की रात जमकर हुई आतिशबाजी के साथ शहर में जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्य व पराली को मान रहे हैं। हरियाणा राज्य प्रदूषिण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार पटाखे के साथ पराली के जलाने से शहर की हवा की गुणवत्ता खराब हुई है।
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2018 बाद सबसे प्रदूषित रहा शहर
दिवाली बाद शहर का प्रदूषण स्तर साल 2018 बाद सबसे खराब रहा। साल-2018 में दिवाली बाद शहर का एक्यूआई 438, साल-2019 में 347, साल-2020 में 425 दर्ज किया गया। वहीं इस साल प्रदूषण का स्तर 469 तक पहुंच गया। यह बीते तीन साल में बेहद खराब रहा।
सेक्टर-11 रहा सबसे प्रदूषित
जिले में बल्लभगढ़ के नाथू कॉलोनी, एनआईटी, सेेक्टर-11, 30, 16ए में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित हैं। यहां लगे एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम से शाम 5 बजे तक लिए गए डाटा में सेक्टर-11 जिले का सबसे प्रदूषित रहा। शाम पांच बजे इस क्षेत्र का एक्यूआई 482 दर्ज किया गया। इसके बाद सेक्टर-16ए का एक्यूआई 474, सेक्टर-30 469 और एनआईटी का एक्यूआई 450 दर्ज किया गया।
सुबह की सैर से बचें
ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड अस्पताल के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. ऋषि गुप्ता ने बताया कि प्रदूषित हवा में सुबह की सैर करने स्वास्थ्य के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। खासकर हृदय रोगियों की दिक्कत आ सकती है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी की जरूरत है। उन्होंने सुबह सैर पर नहीं निकलने की सलाह दी है। लोग घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूर पहनें। बुजुर्ग और बच्चे घर से बाहर नहीं निकलें। बाहर के खाने से परहेज करें।
जिला प्रशासन, नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस समेत सभी विभागों द्वारा शहर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व पुलिस को दिवाली पर आतिशबाजी को रोकने के लिए पहले से ही निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद शहर में प्रदूषण स्तर खराब रहा। - जितेंद्र यादव, उपायुक्त