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Noida News: मीट की दुकान का लाइसेंस लेने के लिए सीईओ का फर्जी बनाया पत्र
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मीट की दुकान का लाइसेंस लेने के लिए सीईओ का फर्जी बनाया पत्र
यमुना प्राधिकरण के सीईओ ने पत्र जारी करने से किया इन्कार
जिलाधिकारी ने आवेदक के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश
राजेश भाटी
ग्रेटर नोएडा। खाद्य सुरक्षा विभाग से मीट की दुकान का लाइसेंस लेने के लिए लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। एक आवेदक से अधिकारियों ने यमुना प्राधिकरण (यीडा) का नोड्यूज प्रमाणपत्र मांगा तो उसने मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम से फर्जी पत्र बनाकर जमा करा दिया। डीएम ने मामले की जांच कराई तो पत्र फर्जी पाया गया। अब जिलाधिकारी ने आवेदक के खिलाफ कार्रवाई करने और सभी लाइसेंसों की जांच के निर्देश दिए हैं।
दनकौर ब्लाॅक स्थित उस्मानपुर गांव में मीट की दुकान खोलने के लिए गुलफाम ने खाद्य सुरक्षा विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदक ने अपने पहचान पत्र समेत आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड किए। उस्मानपुर गांव यीडा के अधिसूचित क्षेत्र में आता है, इसलिए खाद्य विभाग ने यमुना प्राधिकरण की ओर से नोड्यूज प्रमाणपत्र मांगा। इस पर आवेदक ने यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डाॅ. अरुणवीर सिंह के हस्ताक्षरयुक्त पत्र को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। इसमें एनओसी देते हुए आवेदक को मीट की दुकान का लाइसेंस देने के लिए सिफारिश भी की गई थी।
गुलफाम शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित खाद्य विभाग के दफ्तर पहुंचा और जिला अभिहीत अधिकारी अर्चना धीमान को पत्र सौंपा। शक होने पर उन्होंने पत्र जिलाधिकारी को भेजकर मार्गदर्शन मांगा। डीएम ने जांच कराने के लिए एक कर्मचारी को यीडा के सीईओ के पास भेजा। सीईओ ने इस तरह का पत्र जारी करने से इन्कार कर दिया। इस पर डीएम ने जिला अभिहीत अधिकारी को आवेदक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा।
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मीट की दुकान के लाइसेंस के संबंध में न तो कोई पत्र जारी किया है और न ही सिफारिश की है। पत्र पूरी तरह फर्जी है। इसकी जानकारी डीएम को देते हुए कार्रवाई के लिए कहा है। - डाॅ. अरुणवीर सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यमुना प्राधिकरण
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पत्र को संदेहास्पद मानते हुए आला अधिकारियों के समक्ष भेजा गया और जांच में इसे फर्जी पाया गया है। अभी लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। आवेदक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। - अर्चना धीमान, जिला अभिहीत अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर
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मीट का लाइसेंस लेने के लिए आवेदक ने फर्जी पत्र बनाया है। उक्त के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं, साथ सभी लाइसेंसों की जांच कराई जाएगी। - मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी
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यमुना प्राधिकरण के सीईओ ने पत्र जारी करने से किया इन्कार
जिलाधिकारी ने आवेदक के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश
राजेश भाटी
ग्रेटर नोएडा। खाद्य सुरक्षा विभाग से मीट की दुकान का लाइसेंस लेने के लिए लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। एक आवेदक से अधिकारियों ने यमुना प्राधिकरण (यीडा) का नोड्यूज प्रमाणपत्र मांगा तो उसने मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम से फर्जी पत्र बनाकर जमा करा दिया। डीएम ने मामले की जांच कराई तो पत्र फर्जी पाया गया। अब जिलाधिकारी ने आवेदक के खिलाफ कार्रवाई करने और सभी लाइसेंसों की जांच के निर्देश दिए हैं।
दनकौर ब्लाॅक स्थित उस्मानपुर गांव में मीट की दुकान खोलने के लिए गुलफाम ने खाद्य सुरक्षा विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदक ने अपने पहचान पत्र समेत आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड किए। उस्मानपुर गांव यीडा के अधिसूचित क्षेत्र में आता है, इसलिए खाद्य विभाग ने यमुना प्राधिकरण की ओर से नोड्यूज प्रमाणपत्र मांगा। इस पर आवेदक ने यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डाॅ. अरुणवीर सिंह के हस्ताक्षरयुक्त पत्र को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। इसमें एनओसी देते हुए आवेदक को मीट की दुकान का लाइसेंस देने के लिए सिफारिश भी की गई थी।
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गुलफाम शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित खाद्य विभाग के दफ्तर पहुंचा और जिला अभिहीत अधिकारी अर्चना धीमान को पत्र सौंपा। शक होने पर उन्होंने पत्र जिलाधिकारी को भेजकर मार्गदर्शन मांगा। डीएम ने जांच कराने के लिए एक कर्मचारी को यीडा के सीईओ के पास भेजा। सीईओ ने इस तरह का पत्र जारी करने से इन्कार कर दिया। इस पर डीएम ने जिला अभिहीत अधिकारी को आवेदक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा।
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मीट की दुकान के लाइसेंस के संबंध में न तो कोई पत्र जारी किया है और न ही सिफारिश की है। पत्र पूरी तरह फर्जी है। इसकी जानकारी डीएम को देते हुए कार्रवाई के लिए कहा है। - डाॅ. अरुणवीर सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यमुना प्राधिकरण
पत्र को संदेहास्पद मानते हुए आला अधिकारियों के समक्ष भेजा गया और जांच में इसे फर्जी पाया गया है। अभी लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। आवेदक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। - अर्चना धीमान, जिला अभिहीत अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर
मीट का लाइसेंस लेने के लिए आवेदक ने फर्जी पत्र बनाया है। उक्त के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं, साथ सभी लाइसेंसों की जांच कराई जाएगी। - मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी