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सेक्टर-11 कंपनी का मालिक गिरफ्तार
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गिरफ्तार फैक्ट्री मालिक आरके भारद्वाज।
लापरवाही बरतने के आरोप में फैक्टरी मालिक गिरफ्तार
नोएडा। सेक्टर-11 में शुक्रवार शाम को फैक्ट्री का हिस्सा भरभराकर गिरने से कानपुर देहात निवासी ठेकेदार जैनेंद व मजदूर गोपी की मौत और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जैनेंद्र की पत्नी की ओर से सेक्टर-24 कोतवाली में निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई। इसके बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक आरके भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, फैक्ट्री का रजिस्ट्रेशन नहीं होना, अवैध निर्माण निर्माण समेत विभिन्न गैर कानूनी कामों के आरोप में प्रशासन, पुलिस, प्राधिकरण व श्रम विभाग ने भी भारद्वाज पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वहीं, डीएम ने भी सिटी मजिस्ट्रेट को जांच के आदेश दिए हैं।
एडीसी रणविजय सिंह ने बताया कि बिजली कंट्रोल पैनल बनाने वाली शक्ति टेक्नो फैब्रिक्स प्रोडक्ट में कुछ निर्माण कार्य चल रहा था। इस कंपनी में प्लंबर ठेकेदार जैनेंद्र तीन मजदूरों के साथ काम कर रहा था। अचानक शटरिंग व बिल्डिंग का एक जर्जर हिस्सा गिर गया। हादसे में जैनेंद्र और मजदूर गोपी की मौत हो गई थी। जबकि बागपत के छपरौली निवासी सागर व लोनी बार्डर निवासी आशु गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जैनेंद्र की पत्नी रेनू की ओर से कोतवाली सेक्टर-24 में तहरीर देकर फैक्ट्री मालिक आरके भारद्वाज पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आईपीसी की धारा-279, 338 और 304 के तहत मामला दर्ज करके आरके भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, कारखाना निदेशालय और श्रम विभाग की टीमों ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया और सुरक्षा समेत अन्य मुद्दों को लेकर आसपास के लोगों से जानकारी हासिल की।
फैक्ट्री एक्ट और श्रम विभाग में नहीं है कंपनी रजिस्टर्ड
सहायक निदेशक कारखाना ब्रजेश कुमार ने बताया कि फैक्टरी शुरू करने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन कराना होता है। यदि 20 कर्मचारी हैं तो कारखाना निदेशालय और कर्मचारियों की संख्या इससे कम है तो श्रम विभाग में पंजीकरण कराना होता है। कारखाना निदेशालय में काफी तलाश किया गया, लेकिन इस फैक्ट्री का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है। एक बार मालिक या कंपनी के अन्य अधिकारियों से बात की जाएगी। यदि 20 से अधिक कर्मचारी हुए तो रजिस्ट्रेशन न कराने के आरोप में सीजेएम के समक्ष वाद दर्ज कराया जाएगा।
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श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन की गाजियाबाद में कराई जा रही जांच
उपश्रमायुक्त पीके सिंह ने बताया कि फैक्ट्री के संबंध में विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को घटनास्थल पर जाकर निरीक्षण किया और कुछ मामलों की बारीकी से जांच की। साथ ही, विभाग में कंपनी का पंजीकरण तलाश किया गया, लेकिन उनके यहां पर कंपनी रजिस्टर्ड नहीं है और न ही कोई श्रमिक रजिस्टर्ड है। हालांकि, हादसे में जान गंवाने वालों की जांच कराई जा रही है कि गाजियाबाद में तो उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो रखा है।
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नोएडा। सेक्टर-11 में शुक्रवार शाम को फैक्ट्री का हिस्सा भरभराकर गिरने से कानपुर देहात निवासी ठेकेदार जैनेंद व मजदूर गोपी की मौत और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जैनेंद्र की पत्नी की ओर से सेक्टर-24 कोतवाली में निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई। इसके बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक आरके भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, फैक्ट्री का रजिस्ट्रेशन नहीं होना, अवैध निर्माण निर्माण समेत विभिन्न गैर कानूनी कामों के आरोप में प्रशासन, पुलिस, प्राधिकरण व श्रम विभाग ने भी भारद्वाज पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वहीं, डीएम ने भी सिटी मजिस्ट्रेट को जांच के आदेश दिए हैं।
एडीसी रणविजय सिंह ने बताया कि बिजली कंट्रोल पैनल बनाने वाली शक्ति टेक्नो फैब्रिक्स प्रोडक्ट में कुछ निर्माण कार्य चल रहा था। इस कंपनी में प्लंबर ठेकेदार जैनेंद्र तीन मजदूरों के साथ काम कर रहा था। अचानक शटरिंग व बिल्डिंग का एक जर्जर हिस्सा गिर गया। हादसे में जैनेंद्र और मजदूर गोपी की मौत हो गई थी। जबकि बागपत के छपरौली निवासी सागर व लोनी बार्डर निवासी आशु गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जैनेंद्र की पत्नी रेनू की ओर से कोतवाली सेक्टर-24 में तहरीर देकर फैक्ट्री मालिक आरके भारद्वाज पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आईपीसी की धारा-279, 338 और 304 के तहत मामला दर्ज करके आरके भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, कारखाना निदेशालय और श्रम विभाग की टीमों ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया और सुरक्षा समेत अन्य मुद्दों को लेकर आसपास के लोगों से जानकारी हासिल की।
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फैक्ट्री एक्ट और श्रम विभाग में नहीं है कंपनी रजिस्टर्ड
सहायक निदेशक कारखाना ब्रजेश कुमार ने बताया कि फैक्टरी शुरू करने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन कराना होता है। यदि 20 कर्मचारी हैं तो कारखाना निदेशालय और कर्मचारियों की संख्या इससे कम है तो श्रम विभाग में पंजीकरण कराना होता है। कारखाना निदेशालय में काफी तलाश किया गया, लेकिन इस फैक्ट्री का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है। एक बार मालिक या कंपनी के अन्य अधिकारियों से बात की जाएगी। यदि 20 से अधिक कर्मचारी हुए तो रजिस्ट्रेशन न कराने के आरोप में सीजेएम के समक्ष वाद दर्ज कराया जाएगा।
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श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन की गाजियाबाद में कराई जा रही जांच
उपश्रमायुक्त पीके सिंह ने बताया कि फैक्ट्री के संबंध में विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को घटनास्थल पर जाकर निरीक्षण किया और कुछ मामलों की बारीकी से जांच की। साथ ही, विभाग में कंपनी का पंजीकरण तलाश किया गया, लेकिन उनके यहां पर कंपनी रजिस्टर्ड नहीं है और न ही कोई श्रमिक रजिस्टर्ड है। हालांकि, हादसे में जान गंवाने वालों की जांच कराई जा रही है कि गाजियाबाद में तो उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो रखा है।