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अस्पतालों की ओपीडी में हर 10वां मरीज बुखार से पीड़ित, 75% बच्चे शामिल

Fri, 24 Sep 2021 01:38 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 01:38 AM IST
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Every 10th patient in the OPD of hospitals suffers from fever, 75% of children are involved
नोएडा। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच वायरल बुखार, डायरिया और डेंगू-मलेरिया का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में हर दसवां मरीज बुखार से पीड़ित पहुंच रहा है। इनमें 75 फीसदी बच्चे शामिल हैं। विशेषज्ञों ने इसे खतरे की घंटी बताया है, क्योंकि सर्दी, जुकाम और बुखार से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। ऐसे में यदि कोरोना की तीसरी लहर आई तो बच्चों को इससे बचाना मुश्किल साबित हो सकता है।
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जिले में सरकारी और निजी अस्पतालों सहित क्लीनिकों की संख्या 450 से ज्यादा है। इनमें बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी व उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अगर बात जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की करें तो सितंबर में अब तक 30 हजार से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंच चुके हैं। इनमें 3000 बुखार पीड़ितों में से 2200 से अधिक यानी 75 फीसदी बच्चे उपचार के लिए पहुंचे हैं। जिला अस्पताल में दस दिन में 850 से अधिक लोगों को भर्ती किया जा चुका है। सितंबर में बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या एकाएक बढ़ी है। 12 वर्ष तक के बच्चे सबसे ज्यादा ओपीडी में पहुंच रहे हैं। एहतियातन डेंगू, मलेरिया के साथ कोरोना जांच की जा रही है। कोरोना और डेंगू दोनों के बाहरी लक्षणों में समानता है। इनमें प्लेटलेट्स भी तेजी से नीचे गिरती हैं।
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जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि ओपीडी में सर्दी-खांसी, बुखार, डायरिया से पीड़ित ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। बच्चों के साथ आने वाले परिजनों से पूरी हिस्ट्री ली जाती है। डेंगू व मलेरिया की जांच अनिवार्य है, लक्षण दिखने पर कोरोना की जांच भी कराई जा रही है।
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डेंगू नहीं फिर भी कम हो रही प्लेटलेट्स
बुखार, डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के मिलते-जुलते लक्षणों ने डॉक्टरों को भी परेशान कर दिया है। बुखार के मरीजों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं, लेकिन डेंगू जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। निजी अस्पतालों में डेंगू के लक्षणों के आधार पर ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

बदलते मौसम की मार बच्चों पर पड़ रही है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से बच्चों को सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार जकड़ लेता है। छोटे बच्चों में यदि ऐसी बीमारी होती है तो अनदेखी करने की जगह तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच बच्चों का खास ध्यान रखना जरूरी है। - डॉ. एसपी शर्मा, अध्यक्ष-इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक
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