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Noida News: आठ माह बाद भी प्राधिकरण लागू नहीं कर पाया डॉग पाॅलिसी
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आठ माह बाद भी प्राधिकरण लागू नहीं कर पाया डॉग पालिसी
-शहर में कुत्तों को लेकर आए दिन होते रहते हैं विवाद, पैट रजिस्ट्रेशन के लिए एप भी नहीं किया जा सका चालू
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पिछले साल दिसंबर में ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मंजूर हुई डॉग पालिसी (सभी तरह के पैट) आठ माह बाद भी लागू नहीं हो पाई। विगत जनवरी माह से डॉग पॉलिसी लागू करनी थी और इसका एप रजिस्ट्रेशन शुरू कराया जाना था। यह हाल तब है जब आए दिन कुत्तों को लेकर विवाद हो रहे हैं। कुत्तों के काटने की घटनाओं से ग्रेनो वासी परेशान हैं। हालांकि प्राधिकरण के अधिकारी जल्द ही डॉग पालिसी लागू करने का दावा कर रहे हैं।
दरअसल, नोएडा में डॉग पॉलिसी लागू होने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी इसी तरह की नीति लागू करने की योजना बनाई थी। दिसंबर-2022 के अंतिम सप्ताह में नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक हुई थी। उसी में एक जनवरी से डॉग पॉलिसी लागू करने पर मुहर लगी थी। साथ ही रजिस्ट्रेशन कराने के लिए एप बनाने की भी योजना बनाई थी। वर्तमान समय में ग्रेटर नोएडा में करीब तीन हजार और ग्रेनो वेस्ट में करीब दो हजार डॉग ऐसे हैं, जिनकी नसबंदी होनी थी। मगर प्राधिकरण की ओर से इन पर कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
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डॉग पॉलिसी में क्या है नियम
कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी की जिम्मेदारी प्राधिकरण की होगी। पॉलिसी के तहत लावारिस कुत्तों के लिए शेल्टर होम कम अस्पताल का भी निर्माण कराने की भी योजना थी। देसी कुत्ते के रजिस्ट्रेशन के लिए 100 रुपये तो विदेशी नस्ल के के लिए 500 रुपये तय किए गए थे। सेक्टर और सोसाइटियों में फीडिंग प्वाइंट बनाने के लिए भी कमेटी का गठन किया जाना था। इसमें सेक्टरों और सोसाइटियों के आरडब्ल्यूए और एओए को अपने क्षेत्र में नसबंदी का खर्च उठाना था। जबकि लावारिस और गांव के कुत्तों की नसबंदी का खर्च प्राधिकरण को वहन करना था। जिन सेक्टर-साेसाइटियों में आरडब्ल्यूए और एओए नहीं है, वहां पर प्राधिकरण ही खर्च वहन करेगा।
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क्या कहते हैं अधिकारी
डॉग पालिसी को लागू करने में क्या दिक्कतें आ रही है, इसके लिए जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके इसे लागू कराया जाएगा।
रवि कुमार एनजी।
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-शहर में कुत्तों को लेकर आए दिन होते रहते हैं विवाद, पैट रजिस्ट्रेशन के लिए एप भी नहीं किया जा सका चालू
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पिछले साल दिसंबर में ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मंजूर हुई डॉग पालिसी (सभी तरह के पैट) आठ माह बाद भी लागू नहीं हो पाई। विगत जनवरी माह से डॉग पॉलिसी लागू करनी थी और इसका एप रजिस्ट्रेशन शुरू कराया जाना था। यह हाल तब है जब आए दिन कुत्तों को लेकर विवाद हो रहे हैं। कुत्तों के काटने की घटनाओं से ग्रेनो वासी परेशान हैं। हालांकि प्राधिकरण के अधिकारी जल्द ही डॉग पालिसी लागू करने का दावा कर रहे हैं।
दरअसल, नोएडा में डॉग पॉलिसी लागू होने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी इसी तरह की नीति लागू करने की योजना बनाई थी। दिसंबर-2022 के अंतिम सप्ताह में नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक हुई थी। उसी में एक जनवरी से डॉग पॉलिसी लागू करने पर मुहर लगी थी। साथ ही रजिस्ट्रेशन कराने के लिए एप बनाने की भी योजना बनाई थी। वर्तमान समय में ग्रेटर नोएडा में करीब तीन हजार और ग्रेनो वेस्ट में करीब दो हजार डॉग ऐसे हैं, जिनकी नसबंदी होनी थी। मगर प्राधिकरण की ओर से इन पर कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
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डॉग पॉलिसी में क्या है नियम
कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी की जिम्मेदारी प्राधिकरण की होगी। पॉलिसी के तहत लावारिस कुत्तों के लिए शेल्टर होम कम अस्पताल का भी निर्माण कराने की भी योजना थी। देसी कुत्ते के रजिस्ट्रेशन के लिए 100 रुपये तो विदेशी नस्ल के के लिए 500 रुपये तय किए गए थे। सेक्टर और सोसाइटियों में फीडिंग प्वाइंट बनाने के लिए भी कमेटी का गठन किया जाना था। इसमें सेक्टरों और सोसाइटियों के आरडब्ल्यूए और एओए को अपने क्षेत्र में नसबंदी का खर्च उठाना था। जबकि लावारिस और गांव के कुत्तों की नसबंदी का खर्च प्राधिकरण को वहन करना था। जिन सेक्टर-साेसाइटियों में आरडब्ल्यूए और एओए नहीं है, वहां पर प्राधिकरण ही खर्च वहन करेगा।
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क्या कहते हैं अधिकारी
डॉग पालिसी को लागू करने में क्या दिक्कतें आ रही है, इसके लिए जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके इसे लागू कराया जाएगा।
रवि कुमार एनजी।