फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Even after eight months the authority could not implement the dog policy

Noida News: आठ माह बाद भी प्राधिकरण लागू नहीं कर पाया डॉग पाॅलिसी

Mon, 11 Sep 2023 01:05 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 11 Sep 2023 01:05 AM IST
विज्ञापन
Even after eight months the authority could not implement the dog policy
आठ माह बाद भी प्राधिकरण लागू नहीं कर पाया डॉग पालिसी
विज्ञापन

-शहर में कुत्तों को लेकर आए दिन होते रहते हैं विवाद, पैट रजिस्ट्रेशन के लिए एप भी नहीं किया जा सका चालू

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पिछले साल दिसंबर में ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मंजूर हुई डॉग पालिसी (सभी तरह के पैट) आठ माह बाद भी लागू नहीं हो पाई। विगत जनवरी माह से डॉग पॉलिसी लागू करनी थी और इसका एप रजिस्ट्रेशन शुरू कराया जाना था। यह हाल तब है जब आए दिन कुत्तों को लेकर विवाद हो रहे हैं। कुत्तों के काटने की घटनाओं से ग्रेनो वासी परेशान हैं। हालांकि प्राधिकरण के अधिकारी जल्द ही डॉग पालिसी लागू करने का दावा कर रहे हैं।
दरअसल, नोएडा में डॉग पॉलिसी लागू होने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी इसी तरह की नीति लागू करने की योजना बनाई थी। दिसंबर-2022 के अंतिम सप्ताह में नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक हुई थी। उसी में एक जनवरी से डॉग पॉलिसी लागू करने पर मुहर लगी थी। साथ ही रजिस्ट्रेशन कराने के लिए एप बनाने की भी योजना बनाई थी। वर्तमान समय में ग्रेटर नोएडा में करीब तीन हजार और ग्रेनो वेस्ट में करीब दो हजार डॉग ऐसे हैं, जिनकी नसबंदी होनी थी। मगर प्राधिकरण की ओर से इन पर कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
विज्ञापन

-----------

डॉग पॉलिसी में क्या है नियम
कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी की जिम्मेदारी प्राधिकरण की होगी। पॉलिसी के तहत लावारिस कुत्तों के लिए शेल्टर होम कम अस्पताल का भी निर्माण कराने की भी योजना थी। देसी कुत्ते के रजिस्ट्रेशन के लिए 100 रुपये तो विदेशी नस्ल के के लिए 500 रुपये तय किए गए थे। सेक्टर और सोसाइटियों में फीडिंग प्वाइंट बनाने के लिए भी कमेटी का गठन किया जाना था। इसमें सेक्टरों और सोसाइटियों के आरडब्ल्यूए और एओए को अपने क्षेत्र में नसबंदी का खर्च उठाना था। जबकि लावारिस और गांव के कुत्तों की नसबंदी का खर्च प्राधिकरण को वहन करना था। जिन सेक्टर-साेसाइटियों में आरडब्ल्यूए और एओए नहीं है, वहां पर प्राधिकरण ही खर्च वहन करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या कहते हैं अधिकारी
डॉग पालिसी को लागू करने में क्या दिक्कतें आ रही है, इसके लिए जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके इसे लागू कराया जाएगा।
रवि कुमार एनजी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed