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ट्यूबवेल के लिए 2 रुपये प्रति यूनिट मिलेगी बिजली
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जेवर (मनोज कुमार शर्मा)। जिले के किसानों को फसल सिंचाई के लिए मीटर से सस्ती बिजली मिलेगी। इसके लिए विद्युत निगम किसानों के ट्यूबवेलों पर मीटर लगा रहा है। मीटर लगने के बाद किसानों को मात्र 2 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली दी जाएगी। साथ ही किसान जितनी बिजली खर्च करेगा, उतनी ही यूनिट का पैसा जमा करना होगा। इससे निगम को लाइन लॉस भी कम होगा और बिजली चोरी भी रोकी जा सकेगी। योजना के तहत फिक्सड चार्ज को खत्म करने के लिए सभी किसानों की ट्यूबवेलों पर मीटर लगाने का काम चल रहा है। जेवर विद्युत वितरण खंड अष्टम के अंतर्गत लगभग 3500 किसानों के ट्यूबवेल के कनेक्शन है, इसमें से 200 कनेक्शन नए जारी किए गए हैं। जिले में 6800 ट्यूबवेल कनेक्शन हैं।
जितनी यूनिट खर्च होगी उतना बिल देना होगा
पुरानी व्यवस्था के तहत किसानों से 170 रुपये प्रति हार्स पावर के हिसाब से फिक्सड चार्ज वसूला जाता था। ऐसे में अगर कोई किसान ट्यूबवेल को उपयोग भी नहीं करता तब भी 7.5 हार्सपावर के कनेक्शन धारक किसान को करीब 1700 रुपये मासिक बिल देना ही होता था, लेकिन नई व्यवस्था में किसानों को यूनिट के हिसाब से बिल देना होगा। अगर किसान ने पूरे महीने ट्यूबवेल नहीं चलाया तो उसे बिल भी नहीं देना पड़ेगा।
7.5 हार्सपावर की मोटर 6 घंटे में खर्च करेगी 25 से 30 यूनिट
विद्युत निगम के मुख्य अभियंता वीएन सिंह ने बताया कि मीटर यूनिट से बिल चार्ज होने पर किसानों को बचत होगी। अब तक 7.5 हार्सपावर के ट्यूबवेल कनेक्शन का लगभग 1700 रुपये फिक्सड मासिक चार्ज के अनुसार बिल आता है। किसान चाहे ट्यूबवेल चलाए या न चलाए लेकिन मीटर लगने के बाद 7.5 हार्सपावर की मोटर 6 घंटे में मात्र 25 से 30 यूनिट खर्च करेगी। महीने में 750 से 900 यूनिट, ऐसे में अगर किसान प्रतिदिन 6 घंटे मोटर चलाता है तो उसे 1500 से 1800 रुपये देने पड़ेंगे। अगर मोटर कम चलता है तो उसे खर्च की गई यूनिट के हिसाब से चार्ज देना होगा।
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जितनी यूनिट खर्च होगी उतना बिल देना होगा
पुरानी व्यवस्था के तहत किसानों से 170 रुपये प्रति हार्स पावर के हिसाब से फिक्सड चार्ज वसूला जाता था। ऐसे में अगर कोई किसान ट्यूबवेल को उपयोग भी नहीं करता तब भी 7.5 हार्सपावर के कनेक्शन धारक किसान को करीब 1700 रुपये मासिक बिल देना ही होता था, लेकिन नई व्यवस्था में किसानों को यूनिट के हिसाब से बिल देना होगा। अगर किसान ने पूरे महीने ट्यूबवेल नहीं चलाया तो उसे बिल भी नहीं देना पड़ेगा।
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7.5 हार्सपावर की मोटर 6 घंटे में खर्च करेगी 25 से 30 यूनिट
विद्युत निगम के मुख्य अभियंता वीएन सिंह ने बताया कि मीटर यूनिट से बिल चार्ज होने पर किसानों को बचत होगी। अब तक 7.5 हार्सपावर के ट्यूबवेल कनेक्शन का लगभग 1700 रुपये फिक्सड मासिक चार्ज के अनुसार बिल आता है। किसान चाहे ट्यूबवेल चलाए या न चलाए लेकिन मीटर लगने के बाद 7.5 हार्सपावर की मोटर 6 घंटे में मात्र 25 से 30 यूनिट खर्च करेगी। महीने में 750 से 900 यूनिट, ऐसे में अगर किसान प्रतिदिन 6 घंटे मोटर चलाता है तो उसे 1500 से 1800 रुपये देने पड़ेंगे। अगर मोटर कम चलता है तो उसे खर्च की गई यूनिट के हिसाब से चार्ज देना होगा।
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