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Noida News: ई-बसें चल रहीं, लेकिन स्टॉपेज का पता नहीं... यात्री भटक रहे
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-न बोर्ड लगे, न शेड बने, चालक भी असमंजस में, मनमाने स्थान पर रोक रहे बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। शहर में सिटी ई-बस सेवा शुरू हुए करीब दो माह बीत चुके हैं, लेकिन यात्रियों की परेशानी कम नहीं हुई है। बसों के लिए स्टॉपेज तो निर्धारित कर दिए गए हैं, लेकिन मौके पर उनकी पहचान नहीं है। न स्टॉपेज के बोर्ड लगाए गए हैं और न यात्रियों के खड़े होने के लिए शेड बनाए गए हैं। ऐसे में यात्री अलग-अलग स्थानों पर बस का इंतजार करते नजर आते हैं। स्टॉपेज की स्पष्ट जानकारी नहीं होने से चालक भी असमंजस में रहते हैं।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में करीब दो माह से सिटी ई-बसों का संचालन हो रहा है। ग्रेटर नोएडा में विभिन्न रूटों पर सेक्टर, गांव और कॉमर्शियल स्थानों को स्टॉपेज के रूप में निर्धारित किया गया है। हालांकि, संबंधित स्थान पर बस कहां रुकेगी, इसकी जानकारी देने वाला कोई बोर्ड नहीं है। कई जगह निर्धारित स्टॉपेज बताए गए स्थान से एक से दो किलोमीटर की दूरी पर हैं।
यात्री हर्ष शर्मा ने बताया कि प्रत्येक स्टॉपेज पर बोर्ड लगा हो और बस रुकने का स्थान स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाए तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। शेड नहीं होने के कारण गर्मी और बारिश में यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है।
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सिटी ई-बस चालक हरवीर ने बताया कि उन्हें स्टॉपेज के रूप में केवल स्थानों के नाम दिए गए हैं। यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित स्थान पर बस को ठीक किस जगह रोकना है। ऐसे में यात्री जहां उतरने के लिए कहते हैं, चालक वहीं बस रोककर उन्हें उतार देते हैं।
प्राधिकरण के साथ चल रहा विचार-विमर्श
सिटी ई-बसों के स्टॉपेज को लेकर प्राधिकरण के साथ विचार-विमर्श चल रहा है। स्टॉपेज निर्धारित किए जाएंगे। इसके बाद प्राधिकरण की ओर से वहां बस स्टॉपेज बनाए जाएंगे और बोर्ड लगाए जाएंगे।-राजेश वर्मा, एआरएम, सिटी ई-बस डिपो
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-न बोर्ड लगे, न शेड बने, चालक भी असमंजस में, मनमाने स्थान पर रोक रहे बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। शहर में सिटी ई-बस सेवा शुरू हुए करीब दो माह बीत चुके हैं, लेकिन यात्रियों की परेशानी कम नहीं हुई है। बसों के लिए स्टॉपेज तो निर्धारित कर दिए गए हैं, लेकिन मौके पर उनकी पहचान नहीं है। न स्टॉपेज के बोर्ड लगाए गए हैं और न यात्रियों के खड़े होने के लिए शेड बनाए गए हैं। ऐसे में यात्री अलग-अलग स्थानों पर बस का इंतजार करते नजर आते हैं। स्टॉपेज की स्पष्ट जानकारी नहीं होने से चालक भी असमंजस में रहते हैं।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में करीब दो माह से सिटी ई-बसों का संचालन हो रहा है। ग्रेटर नोएडा में विभिन्न रूटों पर सेक्टर, गांव और कॉमर्शियल स्थानों को स्टॉपेज के रूप में निर्धारित किया गया है। हालांकि, संबंधित स्थान पर बस कहां रुकेगी, इसकी जानकारी देने वाला कोई बोर्ड नहीं है। कई जगह निर्धारित स्टॉपेज बताए गए स्थान से एक से दो किलोमीटर की दूरी पर हैं।
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यात्री हर्ष शर्मा ने बताया कि प्रत्येक स्टॉपेज पर बोर्ड लगा हो और बस रुकने का स्थान स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाए तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। शेड नहीं होने के कारण गर्मी और बारिश में यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है।
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सिटी ई-बस चालक हरवीर ने बताया कि उन्हें स्टॉपेज के रूप में केवल स्थानों के नाम दिए गए हैं। यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित स्थान पर बस को ठीक किस जगह रोकना है। ऐसे में यात्री जहां उतरने के लिए कहते हैं, चालक वहीं बस रोककर उन्हें उतार देते हैं।
प्राधिकरण के साथ चल रहा विचार-विमर्श
सिटी ई-बसों के स्टॉपेज को लेकर प्राधिकरण के साथ विचार-विमर्श चल रहा है। स्टॉपेज निर्धारित किए जाएंगे। इसके बाद प्राधिकरण की ओर से वहां बस स्टॉपेज बनाए जाएंगे और बोर्ड लगाए जाएंगे।-राजेश वर्मा, एआरएम, सिटी ई-बस डिपो