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Noida News: हावड़ा रेलवे स्टेशन की तर्ज पर तैयार होगा दुर्गा पंडाल
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- नोएडा में जलवायु विहार में धूमधाम से मनाई जाएगी दुर्गा पूजा
- ईगल गार्डन, विक्टोरिया मेमोरियल, कॉफी हाउस की तरह होगी आंतरिक संरचना
ऋषभ कौशल
नोएडा। जलवायु विहार में इस बार हावड़ा रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार की तर्ज पर दुर्गा पंडाल तैयार किया जाएगा। पंडाल को वैसा ही तैयार करने के लिए पश्चिम बंगाल के कारीगरों को बुलाया गया है। वहीं 28 सितंबर से दुर्गा पूजा शुरू होगी। जहां नई दिल्ली से लाई गई मूर्ति स्थापित की जाएगी, जो शांति की थीम पर नजर आएंगी।
जलवायु विहार सांस्कृतिक कल्याण समिति (जेवीएसकेएस) की पदाधिकारी अनन्या चक्रवर्ती ने बताया कि इस बार दुर्गा पूजा का पंडाल भव्य होने के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के लोगों को अपने घरों की याद दिलाएगा। पंडाल को हावड़ा रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार की थीम पर तैयार किया जा रहा है। साथ ही कोलकाता के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ईगल गार्डन, विक्टोरिया मेमोरियल, कॉफी हाउस समेत अन्य स्थानों की तर्ज पर पंडाल की आंतरिक संरचना होगी। उन्होंने बताया कि हावड़ा का रेलवे स्टेशन सिर्फ ईंट और पत्थर का नहीं, बल्कि यादों और यात्राओं का भी प्रतीक है। हावड़ा स्टेशन घर लौटने और विदाई की कहानियों का प्रहरी है।
इस बार महिषासुर मर्दनी नही, शांति की देवी की होगी स्थापना
समिति के शेखर दास गुप्ता ने बताया कि आम तौर पर मां दुर्गा की प्रतिमा को महिषासुर मर्दनी की देवी के रूप में ही विराजमान किया जाता है। लेकिन इस बार उन्हें शांति के प्रतीक के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा। जो कि करीब 10 फीट की होगी। उन्होंने बताया कि इस बार देवी महिषासुर का वध करते हुए नहीं नजर आएंगी। जबकि महिषासुर देवी के सामने क्षमा मांगता हुआ नजर आएगा। आम तौर पर मां की सारी भी गाढ़े लाल रंग में प्रस्तुत की जाती है, लेकिन इस बार उनकी वेशभूषा सफेद रंग में स्वर्ण रंग की डिजाइनयुक्त नजर आएंगी।
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- ईगल गार्डन, विक्टोरिया मेमोरियल, कॉफी हाउस की तरह होगी आंतरिक संरचना
ऋषभ कौशल
नोएडा। जलवायु विहार में इस बार हावड़ा रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार की तर्ज पर दुर्गा पंडाल तैयार किया जाएगा। पंडाल को वैसा ही तैयार करने के लिए पश्चिम बंगाल के कारीगरों को बुलाया गया है। वहीं 28 सितंबर से दुर्गा पूजा शुरू होगी। जहां नई दिल्ली से लाई गई मूर्ति स्थापित की जाएगी, जो शांति की थीम पर नजर आएंगी।
जलवायु विहार सांस्कृतिक कल्याण समिति (जेवीएसकेएस) की पदाधिकारी अनन्या चक्रवर्ती ने बताया कि इस बार दुर्गा पूजा का पंडाल भव्य होने के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के लोगों को अपने घरों की याद दिलाएगा। पंडाल को हावड़ा रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार की थीम पर तैयार किया जा रहा है। साथ ही कोलकाता के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ईगल गार्डन, विक्टोरिया मेमोरियल, कॉफी हाउस समेत अन्य स्थानों की तर्ज पर पंडाल की आंतरिक संरचना होगी। उन्होंने बताया कि हावड़ा का रेलवे स्टेशन सिर्फ ईंट और पत्थर का नहीं, बल्कि यादों और यात्राओं का भी प्रतीक है। हावड़ा स्टेशन घर लौटने और विदाई की कहानियों का प्रहरी है।
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इस बार महिषासुर मर्दनी नही, शांति की देवी की होगी स्थापना
समिति के शेखर दास गुप्ता ने बताया कि आम तौर पर मां दुर्गा की प्रतिमा को महिषासुर मर्दनी की देवी के रूप में ही विराजमान किया जाता है। लेकिन इस बार उन्हें शांति के प्रतीक के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा। जो कि करीब 10 फीट की होगी। उन्होंने बताया कि इस बार देवी महिषासुर का वध करते हुए नहीं नजर आएंगी। जबकि महिषासुर देवी के सामने क्षमा मांगता हुआ नजर आएगा। आम तौर पर मां की सारी भी गाढ़े लाल रंग में प्रस्तुत की जाती है, लेकिन इस बार उनकी वेशभूषा सफेद रंग में स्वर्ण रंग की डिजाइनयुक्त नजर आएंगी।
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