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Noida News: गैंगस्टर मामले में चारों आरोपी बरी
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत ने वर्ष 2005 में थाना जेवर में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में चारों आरोपियों थान सिंह, जितेंद्र, मोहित व सतवीर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। मामले के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष जेवर ने जिलाधिकारी से गैंगचार्ट स्वीकृत कराकर 7 दिसंबर 2005 को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर 29 अगस्त 2004 को एक बाइक लूटी थी और अगले दिन पुलिस पार्टी पर जानलेवा फायरिंग की थी, जिसके बाद उनसे अवैध असलहा व कारतूस बरामद हुए थे। अदालत ने अपने फैसले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि केवल गैंगचार्ट तैयार होना और जिलाधिकारी से अनुमोदित होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि आरोपियों ने भौतिक लाभ या लोक व्यवस्था बिगाड़ने के उद्देश्य से संगठित गिरोह बनाया था। अभियोजन यह साबित करने में विफल रहा कि आरोपियों ने अवैध रूप से कोई संपत्ति अर्जित की या समाज में भय व आतंक फैलाया। इसी आधार पर चारों को दोषमुक्त कर दिया।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत ने वर्ष 2005 में थाना जेवर में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में चारों आरोपियों थान सिंह, जितेंद्र, मोहित व सतवीर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। मामले के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष जेवर ने जिलाधिकारी से गैंगचार्ट स्वीकृत कराकर 7 दिसंबर 2005 को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर 29 अगस्त 2004 को एक बाइक लूटी थी और अगले दिन पुलिस पार्टी पर जानलेवा फायरिंग की थी, जिसके बाद उनसे अवैध असलहा व कारतूस बरामद हुए थे। अदालत ने अपने फैसले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि केवल गैंगचार्ट तैयार होना और जिलाधिकारी से अनुमोदित होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि आरोपियों ने भौतिक लाभ या लोक व्यवस्था बिगाड़ने के उद्देश्य से संगठित गिरोह बनाया था। अभियोजन यह साबित करने में विफल रहा कि आरोपियों ने अवैध रूप से कोई संपत्ति अर्जित की या समाज में भय व आतंक फैलाया। इसी आधार पर चारों को दोषमुक्त कर दिया।