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Noida News: मतदान करने बंगाल गईं घरेलू सहायिका, सेक्टरवासी असहाय
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दफ्तर, बच्चों और किचन एक साथ संभालने में हो रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टरों और सोसाइटियों में रहने वाले कई लोगों को इन दिनों घरेलू कामकाज खुद करने पड़ रहे हैं। इससे उनके दफ्तर का काम प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल में मतदान की वजह घरेलू सहायिका या सहायक अपने घर चले गए हैं। दरअसल, एसआईआर प्रक्रिया में वोटर लिस्ट से नाम कटने के डर से वे अपने मूल निवास गए थे फिर चुनाव की तारीखें आ गईं। इस वजह से वे मतदान के लिए वहीं रुक गए। ऐसी परिस्थिति में दो-चार दिन तक तो लोगों ने घर और ऑफिस का काम किसी तरह संभाला लेकिन अब परेशानी होने लगी।
लोगों को उम्मीद है कि 29 अप्रैल को आखिरी वोटिंग या चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद बंगाल प्रवासी नोएडा लौटेंगे। कामकाजी महिलाओं का कहना है कि ऑफिस, बच्चों और किचन एक साथ संभालने में दिक्कत हो रही है। कई सोसाइटियों में सफाई, खाना बनाने और बच्चों की देखभाल जैसी व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं।
घरेलू सहायिका 20 अप्रैल को चली गई। हम दोनों पति-पत्नी नौकरी करते हैं। ऐसे में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। -सुनीता शारदा, सेक्टर-22
सहायिका के जाने से बच्चों और घर दोनों को बमुश्किल संभाल पा रही हूं। दूसरी घरेलू सहायिका का इंतजाम नहीं हो पा रहा। -सरिता चंद, सेक्टर-12
अधिक काम होने दो घरेलू सहायिका रखी थी। पहले से कोई सूचना नहीं दीं। घर चली गईं। ऐसे में अब दिक्कत हो रही है। -अल्पना तोमर, सेक्टर-21
घरेलू सहायिका कहकर गई थी कि घर जाना है लेकिन अब तक नहीं आई है। रोजमर्रा का काम काफी प्रभावित हो रहा है। -कृष्णा गोयल, सेक्टर-22
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टरों और सोसाइटियों में रहने वाले कई लोगों को इन दिनों घरेलू कामकाज खुद करने पड़ रहे हैं। इससे उनके दफ्तर का काम प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल में मतदान की वजह घरेलू सहायिका या सहायक अपने घर चले गए हैं। दरअसल, एसआईआर प्रक्रिया में वोटर लिस्ट से नाम कटने के डर से वे अपने मूल निवास गए थे फिर चुनाव की तारीखें आ गईं। इस वजह से वे मतदान के लिए वहीं रुक गए। ऐसी परिस्थिति में दो-चार दिन तक तो लोगों ने घर और ऑफिस का काम किसी तरह संभाला लेकिन अब परेशानी होने लगी।
लोगों को उम्मीद है कि 29 अप्रैल को आखिरी वोटिंग या चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद बंगाल प्रवासी नोएडा लौटेंगे। कामकाजी महिलाओं का कहना है कि ऑफिस, बच्चों और किचन एक साथ संभालने में दिक्कत हो रही है। कई सोसाइटियों में सफाई, खाना बनाने और बच्चों की देखभाल जैसी व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं।
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घरेलू सहायिका 20 अप्रैल को चली गई। हम दोनों पति-पत्नी नौकरी करते हैं। ऐसे में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। -सुनीता शारदा, सेक्टर-22
सहायिका के जाने से बच्चों और घर दोनों को बमुश्किल संभाल पा रही हूं। दूसरी घरेलू सहायिका का इंतजाम नहीं हो पा रहा। -सरिता चंद, सेक्टर-12
अधिक काम होने दो घरेलू सहायिका रखी थी। पहले से कोई सूचना नहीं दीं। घर चली गईं। ऐसे में अब दिक्कत हो रही है। -अल्पना तोमर, सेक्टर-21
घरेलू सहायिका कहकर गई थी कि घर जाना है लेकिन अब तक नहीं आई है। रोजमर्रा का काम काफी प्रभावित हो रहा है। -कृष्णा गोयल, सेक्टर-22