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Noida News: दिवाली बाजार में झलक रहा स्वदेशी से प्यार

Fri, 17 Oct 2025 12:51 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Fri, 17 Oct 2025 12:51 AM IST
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Diwali market reflects love for indigenous products
दीवाली के लिए मूर्तियां पसंद करते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। दिवाली पर बाजार में स्वदेशी प्रेम दिख रहा है। दीपावली की खरीदारी में लोगों का स्वदेशी प्रेम झलक रहा है। बाजार से विदेशी (चाइनीज) माल की छुट्टी हो गई है और देसी उत्पादों की बिक्री चार गुना बढ़ गई है। देसी माल की बनावट, गुणवत्ता लोगों को खूब पसंद आ रही है। लोग भी भारत में निर्मित वस्तु पूछकर खरीद रहे हैं।
दिवाली पर तमाम तरह की मूर्तियां, झालर, सजावटी फूल व अन्य सजावटी चाइनीज सामान बाजार में दिखाई नहीं दे रहा है। उसकी जगह देसी सामान की खूब बिक्री हो रही है। भारत चाइना की सबसे बड़ी मंडी है। भारतीय त्योहारों पर चाइना में बना करोड़ों का माल हर बार बिकता था। इस कारण देसी कंपनियों व उद्यमियों को नुकसान हो रहा था।
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अब चाइनीज माल को लोगों ने बाय-बाय कर दिया है। दुकानदार भी देसी माल बेचकर खुश हैं। दुकानदारों का कहना है टिकाऊ माल होने व देश के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लोग देसी माल की खरीदारी कर रहे हैं। पहले बाजार में डिमांड पर रहने वाली चाइनीज लड़ियां इस बार कबाड़ में पड़ी हैं। दुकानों के अलावा जगाधरी, यमुनानगर, व्यासपुर, साढौरा, प्रतापनगर, छछरौली, रादौर सहित सभी कस्बों के बाजारों में दुकानों व स्टॉल पर भी यह देसी सामान उपलब्ध है।
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विक्रेता दीपक ने बताया कि बाजार में आर्टिफिशियल फूल, झालर, कागज की रिबन, बंदनवार सहित अन्य सजावटी सामान उपलब्ध हैं। लोगों में स्वदेशी की मांग देखते हुए इस बार इसमें कई डिजाइन व रंग नए आए हैं। इसके अलावा कभी घर-घर इस्तेमाल होनी वाली लालटेन भी लोगों के लिए आकर्षक का केंद्र बनी हुई है। इसमें एक कांच की चिमनी लगी है और बाती रखने की जगह और तेल भर कर इसे जलाया है।
इसके अलावा इस बार 50 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां नए आकर्षक डिजाइन व रंगों में उपलब्ध हैं। वहीं, रंगोली देश की पारंपरिक सजावटी पद्धति है। अब रंगों, मिट्टी, बुरादा से रंगोली कम बनाई जाती है। इसके लिए बाजार में कई तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। इसमें डिजाइन के छापों की भारी मांग है। यह छाप दस रुपये लेकर 30 रुपये तक बिक रहे हैं। वहीं रंगों की विभिन्न किस्में भी हैं।

महंगी होने बाद भी मिट्टी की मूर्तियां बनीं पहली पसंद

जगाधरी के दुकानदार प्रमोद कुमार ने बताया कि दीपावली भारतवासियों का सबसे प्रमुख त्योहार है। पूजन सहित तमाम खाद्य पदार्थों की खूब बिक्री होती है। कई सालों से बाजार पर चाइनीज माल का कब्जा था। सस्ते होने के चलते इनकी मांग बढ़ती जा रही थी। यहां तक की दीपावली पर मां लक्ष्मी, मां सरस्वती व भगवान गणेश की प्रतिमा तक मेक इन चाइना थी। यह केमिकल व सिंथेटिक फाइबर से बनी होती थीं, जो देखने में बहुत आकर्षक लगती थीं। यह पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचाती थीं। परंतु अब लोगों ने मिट्टी की मूर्तियां लेना शुरू कर दिया है। हालांकि यह मूर्तियां चाइनीज से 20 से 25 रुपये महंगी हैं, लेकिन लोगों को खूब पसंद आ रही हैं।

दीवाली के लिए मूर्तियां पसंद करते लोग। संवाद

दीवाली के लिए मूर्तियां पसंद करते लोग। संवाद

दीवाली के लिए मूर्तियां पसंद करते लोग। संवाद

दीवाली के लिए मूर्तियां पसंद करते लोग। संवाद

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