{"_id":"69751ccee2efdf524307055c","slug":"district-child-welfare-committee-member-arrested-for-taking-bribe-noida-news-c-24-1-pal1006-121193-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: रिश्वत लेता जिला बाल कल्याण समिति का सदस्य गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: रिश्वत लेता जिला बाल कल्याण समिति का सदस्य गिरफ्तार
विज्ञापन
-बाल गृह में निरुद्ध नाबालिग को निकालने के ऐवज में मांगे थे 50 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। नाबालिग लड़की को शादी करने के बाद प्रेमी युवक द्वारा बालिग होने पर बाल गृह से निकालने की एवज में पचास हजार रुपये मांगने पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य को गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते विक्रम वशिष्ठ को रंगे हाथ काबू कर लिया। टीम ने मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की चौकी टीम को गुलशन निवासी लक्खी विहार पलवल ने दी शिकायत में बताया कि उसकी एक नाबालिग लड़की से प्रेम प्रसंग हो गया। नाबालिग होने के कारण उन दोनों की शादी से उसके परिजन नाराज थे, जिसे गांव बघौला में स्थित बाल गृह भेज दिया गया। टीम को दी शिकायत में पीड़ित ने कहा कि नाबालिग लड़की 8 दिसंबर 2025 को बालिग हो गई। लड़की को बाल गृह से रिहा करवाने के लिए पीड़ित ने जिला बाल कल्याण समिति कार्यालय में कई बार चक्कर लगाए। इस दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्य विक्रम वशिष्ठ ने पीड़ित से लड़की को छोड़ने की एवज में चालीस से पचास हजार रुपये की मांग की। लेकिन दोनों के बीच 42 हजार रुपये में सौदा तय हो गया।
इसके बाद में सीडब्ल्यूसी के सदस्य विक्रम वशिष्ठ ने पीड़ित से 32 हजार रुपये लेने के बाद लड़की को बाल गृह से रिहा करवा दिया।रिश्वत के दस हजार रुपये के लिए आरोपी उसे बार-बार फोन करता रहा। रिश्वत की मांग पर तंग आकर पीड़ित ने फोन पर रिकॉर्डिंग कर पलवल राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की चौकी में शिकायत दी। शिकायत के बाद केस दर्ज कर इंस्पेक्टर राजकुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी विक्रम वशिष्ठ को जिला अस्पताल से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। नाबालिग लड़की को शादी करने के बाद प्रेमी युवक द्वारा बालिग होने पर बाल गृह से निकालने की एवज में पचास हजार रुपये मांगने पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य को गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते विक्रम वशिष्ठ को रंगे हाथ काबू कर लिया। टीम ने मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की चौकी टीम को गुलशन निवासी लक्खी विहार पलवल ने दी शिकायत में बताया कि उसकी एक नाबालिग लड़की से प्रेम प्रसंग हो गया। नाबालिग होने के कारण उन दोनों की शादी से उसके परिजन नाराज थे, जिसे गांव बघौला में स्थित बाल गृह भेज दिया गया। टीम को दी शिकायत में पीड़ित ने कहा कि नाबालिग लड़की 8 दिसंबर 2025 को बालिग हो गई। लड़की को बाल गृह से रिहा करवाने के लिए पीड़ित ने जिला बाल कल्याण समिति कार्यालय में कई बार चक्कर लगाए। इस दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्य विक्रम वशिष्ठ ने पीड़ित से लड़की को छोड़ने की एवज में चालीस से पचास हजार रुपये की मांग की। लेकिन दोनों के बीच 42 हजार रुपये में सौदा तय हो गया।
विज्ञापन
इसके बाद में सीडब्ल्यूसी के सदस्य विक्रम वशिष्ठ ने पीड़ित से 32 हजार रुपये लेने के बाद लड़की को बाल गृह से रिहा करवा दिया।रिश्वत के दस हजार रुपये के लिए आरोपी उसे बार-बार फोन करता रहा। रिश्वत की मांग पर तंग आकर पीड़ित ने फोन पर रिकॉर्डिंग कर पलवल राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की चौकी में शिकायत दी। शिकायत के बाद केस दर्ज कर इंस्पेक्टर राजकुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी विक्रम वशिष्ठ को जिला अस्पताल से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है।
विज्ञापन