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डायरिया ने पसारे पांव, एक ही रात में 9 मरीज भर्ती
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जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे लोग।
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नोएडा। कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के बीच बुखार, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। जिले में डायरिया ने भी पांव पसारने शुरू कर दिया है। नोएडा के अलग-अलग गांवों से एक ही रात में 9 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उल्टी, दस्त, पेट दर्द से कराह रहे मरीजों को भर्ती करने के लिए डेंगू वार्ड में ही इंतजाम करना पड़ा। जिला अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अलर्ट किया है, ताकि बीमारी से निपटने के उपाय किए जा सकें।
रविवार देर रात तक अस्पताल की इमरजेंसी में एक के बाद एक मरीज आते रहे। गंभीर मरीजों के उपचार के लिए तुरंत डेंगू वार्ड में इंतजाम किया गया। हालांकि, कई मरीज ऐसे भी आए, जिन्हें इमरजेंसी में उपचार देकर घर भेज दिया गया। बिशनपुरा से आई असगरी ने बताया कि रात में अचानक उल्टी और दस्त शुरू हो गए। हालात खराब होने पर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। सर्फाबाद से आई ज्ञानदेवी ने बताया उल्टी, दस्त और पेट दर्द से हालत खराब हो गई। इसी तरह की शिकायत पर निठारी से दिलावर, नया गांव से शायरा, मोरना से सोनी, श्याम विहार से नीरज, भंगेल सलारपुर से शिव कुमारी को अस्पताल में भर्ती किया गया। दिल्ली के दो मरीज अलग-अलग इलाकों से भर्ती किए गए, जो नोएडा में नौकरी करते हैं। सीएमएस डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी गई है, ताकि एहतियाती कदम उठाए जा सकें।
चाइल्ड पीजीआई में डेंगू का एक और संदिग्ध मामला
स्वास्थ्य विभाग जिले में डेंगू के एक भी मरीज की पुष्टि नहीं कर रहा है, लेकिन अलग-अलग अस्पतालों में डेंगू के रोगियों का इलाज चल रहा है। सोमवार को चाइल्ड पीजीआई में 8 वर्षीय बच्ची को भर्ती कराया गया। निजी लैब ने बच्ची में डेंगू की पुष्टि की है, लेकिन पीजीआई ने अपनी लैब में जांच के लिए नमूना भेजा है। चाइल्ड पीजीआई में ही डेंगू के पांच से छह मामले आ चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल स्थित केंद्रीय लैब की जांच रिपोर्ट ही मान्य है। यहां जितनी जांच हुई हैं, उनमें से एक में भी डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
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सावधान रहें, कोरोना में भी डायरिया के लक्षण
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक के अध्यक्ष डॉ. एसपी शर्मा ने बताया कि डायरिया और कोरोना मरीजों के लक्षण काफी हद तक मिलते हैं, इसलिए सावधान रहने की जरूरत है। उल्टी, दस्त और पेटदर्द के साथ अगर बुखार आता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर जांच कराएं। एक महीने में बुखार के मरीजों में बढ़ोत्तरी हुई है। इससे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
मौसम में बदलाव का भी बड़ा असर
चाइल्ड पीजीआई की कार्यवाहक निदेशक डॉ. ज्योत्सना मदान ने बताया कि हर साल मौसमी बीमारियां फैलती हैं, लेकिन इस बार बारिश ज्यादा हुई है। इसका असर भी ज्यादा दिख रहा है। गर्मी व उमस के कारण लोग पेट दर्द, उल्टी, दस्त जैसी बीमारियों से ग्रस्त हैं। इस मौसम में लापरवाही बरतना खतरनाक हो सकता है। खासकर महिलाओं और बच्चों को इस मौसम में होशियार रहना होगा। खानपान में सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
इन लक्षणों से रहिए होशियार
- पेट में मरोड़ और दर्द होना।
- लगातार उल्टी और दस्त होना।
- एसिडिटी से परेशानी बढ़ना।
- खाने की इच्छा नहीं होना।
- गले और सीने में जलन होना।
ऐसे होगा डायरिया से बचाव
- ओआरएस का पैकेट पानी में घोलकर मरीज को पिलाएं।
- बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी दवा न खाएं।
- बाजार में बिकने वाली खुली व तली चीजों का उपयोग न करें।
- पेयजल को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय उसे उबाल और छानकर पिएं।
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रविवार देर रात तक अस्पताल की इमरजेंसी में एक के बाद एक मरीज आते रहे। गंभीर मरीजों के उपचार के लिए तुरंत डेंगू वार्ड में इंतजाम किया गया। हालांकि, कई मरीज ऐसे भी आए, जिन्हें इमरजेंसी में उपचार देकर घर भेज दिया गया। बिशनपुरा से आई असगरी ने बताया कि रात में अचानक उल्टी और दस्त शुरू हो गए। हालात खराब होने पर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। सर्फाबाद से आई ज्ञानदेवी ने बताया उल्टी, दस्त और पेट दर्द से हालत खराब हो गई। इसी तरह की शिकायत पर निठारी से दिलावर, नया गांव से शायरा, मोरना से सोनी, श्याम विहार से नीरज, भंगेल सलारपुर से शिव कुमारी को अस्पताल में भर्ती किया गया। दिल्ली के दो मरीज अलग-अलग इलाकों से भर्ती किए गए, जो नोएडा में नौकरी करते हैं। सीएमएस डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी गई है, ताकि एहतियाती कदम उठाए जा सकें।
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चाइल्ड पीजीआई में डेंगू का एक और संदिग्ध मामला
स्वास्थ्य विभाग जिले में डेंगू के एक भी मरीज की पुष्टि नहीं कर रहा है, लेकिन अलग-अलग अस्पतालों में डेंगू के रोगियों का इलाज चल रहा है। सोमवार को चाइल्ड पीजीआई में 8 वर्षीय बच्ची को भर्ती कराया गया। निजी लैब ने बच्ची में डेंगू की पुष्टि की है, लेकिन पीजीआई ने अपनी लैब में जांच के लिए नमूना भेजा है। चाइल्ड पीजीआई में ही डेंगू के पांच से छह मामले आ चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल स्थित केंद्रीय लैब की जांच रिपोर्ट ही मान्य है। यहां जितनी जांच हुई हैं, उनमें से एक में भी डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
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सावधान रहें, कोरोना में भी डायरिया के लक्षण
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक के अध्यक्ष डॉ. एसपी शर्मा ने बताया कि डायरिया और कोरोना मरीजों के लक्षण काफी हद तक मिलते हैं, इसलिए सावधान रहने की जरूरत है। उल्टी, दस्त और पेटदर्द के साथ अगर बुखार आता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर जांच कराएं। एक महीने में बुखार के मरीजों में बढ़ोत्तरी हुई है। इससे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
मौसम में बदलाव का भी बड़ा असर
चाइल्ड पीजीआई की कार्यवाहक निदेशक डॉ. ज्योत्सना मदान ने बताया कि हर साल मौसमी बीमारियां फैलती हैं, लेकिन इस बार बारिश ज्यादा हुई है। इसका असर भी ज्यादा दिख रहा है। गर्मी व उमस के कारण लोग पेट दर्द, उल्टी, दस्त जैसी बीमारियों से ग्रस्त हैं। इस मौसम में लापरवाही बरतना खतरनाक हो सकता है। खासकर महिलाओं और बच्चों को इस मौसम में होशियार रहना होगा। खानपान में सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
इन लक्षणों से रहिए होशियार
- पेट में मरोड़ और दर्द होना।
- लगातार उल्टी और दस्त होना।
- एसिडिटी से परेशानी बढ़ना।
- खाने की इच्छा नहीं होना।
- गले और सीने में जलन होना।
ऐसे होगा डायरिया से बचाव
- ओआरएस का पैकेट पानी में घोलकर मरीज को पिलाएं।
- बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी दवा न खाएं।
- बाजार में बिकने वाली खुली व तली चीजों का उपयोग न करें।
- पेयजल को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय उसे उबाल और छानकर पिएं।