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Noida News: शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा, चार लोगों से 30 लाख ठगे
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शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा, चार लोगों से 30 लाख ठगे
- व्हाट्सएप-टेलीग्राम से बनाया निशाना, दो लोगों से एपीके फाइल डाउनलोड कराकर खाते किए साफ
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में दोगुना मुनाफा कमाने का लालच देकर दो लोगों को ठगी का शिकार बनाया, जबकि दो अन्य के मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराकर बैंक खातों से रकम निकाल ली। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हुई चार अलग-अलग घटनाओं में साइबर अपराधियों ने करीब 30 लाख रुपये की रकम पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वेबसाइट पर पंजीकरण कराकर ठग लिए 9 लाख रुपये : सेक्टर-70 निवासी शख्स एनटीपीसी में कर्मचारी हैं। उनके पास 30 जुलाई 2025 को व्हाट्सएप के जरिए शेयर बाजार में निवेश से संबंधित संदेश आया था। संपर्क करने पर आरोपी ने खुद को ‘ग्रोथ इंडिया रिसर्च’ कंपनी का कर्मचारी और शेयर बाजार विशेषज्ञ बताया। इसके बाद आरोपी ने एक वेबसाइट पर उनका पंजीकरण कराकर अलग-अलग चरणों में करीब 9 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। कुछ समय बाद जब जितेंद्र ने निवेश की रकम और मुनाफा निकालना चाहा तो आरोपियों ने शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने की मांग की। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित से संपर्क पूरी तरह खत्म कर दिया।
वहीं ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 निवासी एक महिला से 8 जुलाई को टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क किया गया। साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश करने पर रकम को दोगुना तक करने का दावा किया। मुनाफे का लालच देकर उन्हें अलग-अलग बैंक खातों में रकम भेजने के लिए कहा गया। विश्वास में आकर शिवानी ने करीब सात लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब रकम वापस नहीं मिली और आरोपी टालमटोल करने लगे तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
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फाइल डाउनलोड कराकर की ठगी : सेक्टर-50 निवासी शख्स नोएडा की एक पैकेजिंग कंपनी में नौकरी करते हैं। कुछ दिन पहले उनके व्हाट्सएप पर इंडेन/आईजीएल गैस बिल से संबंधित संदेश भेजा गया। संदेश के साथ एक एपीके फाइल भी थी। जालसाजों ने बिल अपडेट या भुगतान से संबंधित प्रक्रिया बताकर उन्हें फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया। विनोद ने जल्दबाजी में एपीके फाइल इंस्टॉल कर ली। आरोप है कि इसके बाद साइबर अपराधियों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। 24 अगस्त 2025 को उनके बैंक खाते से करीब आठ लाख रुपये अलग-अलग लेनदेन के जरिए निकाल लिए गए।
सेक्टर-93 निवासी अक्षर भी साइबर ठगी का शिकार हुए। आरोपियों ने उनके मोबाइल तक पहुंच बनाने के बाद बैंक खाते से करीब छह लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। खाते से रकम निकलने के मैसेज मोबाइल पर आने के बाद उन्हें घटना की जानकारी हुई। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम भेजी गई।
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- व्हाट्सएप-टेलीग्राम से बनाया निशाना, दो लोगों से एपीके फाइल डाउनलोड कराकर खाते किए साफ
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में दोगुना मुनाफा कमाने का लालच देकर दो लोगों को ठगी का शिकार बनाया, जबकि दो अन्य के मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराकर बैंक खातों से रकम निकाल ली। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हुई चार अलग-अलग घटनाओं में साइबर अपराधियों ने करीब 30 लाख रुपये की रकम पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वेबसाइट पर पंजीकरण कराकर ठग लिए 9 लाख रुपये : सेक्टर-70 निवासी शख्स एनटीपीसी में कर्मचारी हैं। उनके पास 30 जुलाई 2025 को व्हाट्सएप के जरिए शेयर बाजार में निवेश से संबंधित संदेश आया था। संपर्क करने पर आरोपी ने खुद को ‘ग्रोथ इंडिया रिसर्च’ कंपनी का कर्मचारी और शेयर बाजार विशेषज्ञ बताया। इसके बाद आरोपी ने एक वेबसाइट पर उनका पंजीकरण कराकर अलग-अलग चरणों में करीब 9 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। कुछ समय बाद जब जितेंद्र ने निवेश की रकम और मुनाफा निकालना चाहा तो आरोपियों ने शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने की मांग की। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित से संपर्क पूरी तरह खत्म कर दिया।
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वहीं ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 निवासी एक महिला से 8 जुलाई को टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क किया गया। साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश करने पर रकम को दोगुना तक करने का दावा किया। मुनाफे का लालच देकर उन्हें अलग-अलग बैंक खातों में रकम भेजने के लिए कहा गया। विश्वास में आकर शिवानी ने करीब सात लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब रकम वापस नहीं मिली और आरोपी टालमटोल करने लगे तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
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फाइल डाउनलोड कराकर की ठगी : सेक्टर-50 निवासी शख्स नोएडा की एक पैकेजिंग कंपनी में नौकरी करते हैं। कुछ दिन पहले उनके व्हाट्सएप पर इंडेन/आईजीएल गैस बिल से संबंधित संदेश भेजा गया। संदेश के साथ एक एपीके फाइल भी थी। जालसाजों ने बिल अपडेट या भुगतान से संबंधित प्रक्रिया बताकर उन्हें फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया। विनोद ने जल्दबाजी में एपीके फाइल इंस्टॉल कर ली। आरोप है कि इसके बाद साइबर अपराधियों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। 24 अगस्त 2025 को उनके बैंक खाते से करीब आठ लाख रुपये अलग-अलग लेनदेन के जरिए निकाल लिए गए।
सेक्टर-93 निवासी अक्षर भी साइबर ठगी का शिकार हुए। आरोपियों ने उनके मोबाइल तक पहुंच बनाने के बाद बैंक खाते से करीब छह लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। खाते से रकम निकलने के मैसेज मोबाइल पर आने के बाद उन्हें घटना की जानकारी हुई। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम भेजी गई।