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Noida News: प्लॉट विवाद को धमकी देने और दीवार तोड़ने के आरोप परिवाद दर्ज करने का आदेश
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना इकोटेक 3 क्षेत्र में प्लॉट विवाद को लेकर एक व्यक्ति को जान से मारने की धमकी देने और उसके प्लॉट की दीवार तोड़ने के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर पीड़ित को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अदालत ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज किए जाने का आदेश दिया है।
अलीवर्दीपुर थाना निवासी सतीश चंद शर्मा का कहना है कि उन्हें नितिश पुत्र हरवीर ने 2 जून 2026 को उनके प्लॉट पर पहुंचकर जबरन कमरे से खींचकर बाहर निकाला। मारपीट की और कनपटी पर पिस्टल लगाकर जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने पीड़ित को चौकीदारी न करने की चेतावनी देते हुए प्लॉट की दीवार तोड़ दी और अवैध जुताई भी कर दी। घटना के बाद प्रार्थी ने 112 नंबर पर कॉल की और लिखित शिकायत भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय ने थाने की आख्या का अवलोकन करने पर पाया कि मामले में कोई मुकदमा पंजीकृत नहीं है। इस स्तर पर पुलिस विवेचना की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती और प्रार्थी अपने साक्ष्य स्वयं न्यायालय ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया। मामले में अगली सुनवाई 3 अक्तूबर 2026 की तय की गई है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना इकोटेक 3 क्षेत्र में प्लॉट विवाद को लेकर एक व्यक्ति को जान से मारने की धमकी देने और उसके प्लॉट की दीवार तोड़ने के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर पीड़ित को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अदालत ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज किए जाने का आदेश दिया है।
अलीवर्दीपुर थाना निवासी सतीश चंद शर्मा का कहना है कि उन्हें नितिश पुत्र हरवीर ने 2 जून 2026 को उनके प्लॉट पर पहुंचकर जबरन कमरे से खींचकर बाहर निकाला। मारपीट की और कनपटी पर पिस्टल लगाकर जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने पीड़ित को चौकीदारी न करने की चेतावनी देते हुए प्लॉट की दीवार तोड़ दी और अवैध जुताई भी कर दी। घटना के बाद प्रार्थी ने 112 नंबर पर कॉल की और लिखित शिकायत भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय ने थाने की आख्या का अवलोकन करने पर पाया कि मामले में कोई मुकदमा पंजीकृत नहीं है। इस स्तर पर पुलिस विवेचना की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती और प्रार्थी अपने साक्ष्य स्वयं न्यायालय ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया। मामले में अगली सुनवाई 3 अक्तूबर 2026 की तय की गई है।
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