{"_id":"68e91caf0e4a2abc41057c6d","slug":"dfsg-grnoida-news-c-23-1-lko1064-77732-2025-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: एसएससी परीक्षा में धांधली के आरोपियों को नहीं मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: एसएससी परीक्षा में धांधली के आरोपियों को नहीं मिली राहत
विज्ञापन
(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एसएससी (सीजीएल)-2025 परीक्षा में धांधली के आरोप में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने आरोपी रोहित कुमार, नरेंद्र सिंह, बसंतीलाल कुमावत, शरद यादव, विराट, कुमार, दुर्गेश कुमार, जय प्रकाश मौर्या, चेतन शर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले अभ्यर्थियों के प्रति उदारता दिखाना समाज और व्यवस्था के लिए उचित नहीं होगा।
प्रकरण के अनुसार एसटीएफ ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस संबंध में थाना फेज-2 में मामला दर्ज है। अभियोजन के अनुसार 19 सितंबर 2025 की रात 11 बजे पुलिस ने आरोपितों के पास से 16 फर्जी शारीरिक रूप से दिव्यांग (पीएच) मेडिकल सर्टिफिकेट, 13 मोबाइल फोन, तीन वोटर कार्ड, छह आधार कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, तीन पैन कार्ड और 14,75,870 की नकदी बरामद की थी। यह सभी आरोपी एसएससी (सीजीएल)-2025 परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल कराने और फर्जी अभ्यर्थी बैठाने के गिरोह से जुड़े हुए हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं निष्पक्षता, पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर होनी चाहिएं। गंभीर अपराधों में लिप्त व्यक्तियों को रिहा करना समाज में गलत संदेश देगा। इसलिए न्यायालय ने आरोपियों की जमानत अर्जी को अस्वीकार कर दिया।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एसएससी (सीजीएल)-2025 परीक्षा में धांधली के आरोप में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने आरोपी रोहित कुमार, नरेंद्र सिंह, बसंतीलाल कुमावत, शरद यादव, विराट, कुमार, दुर्गेश कुमार, जय प्रकाश मौर्या, चेतन शर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले अभ्यर्थियों के प्रति उदारता दिखाना समाज और व्यवस्था के लिए उचित नहीं होगा।
प्रकरण के अनुसार एसटीएफ ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस संबंध में थाना फेज-2 में मामला दर्ज है। अभियोजन के अनुसार 19 सितंबर 2025 की रात 11 बजे पुलिस ने आरोपितों के पास से 16 फर्जी शारीरिक रूप से दिव्यांग (पीएच) मेडिकल सर्टिफिकेट, 13 मोबाइल फोन, तीन वोटर कार्ड, छह आधार कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, तीन पैन कार्ड और 14,75,870 की नकदी बरामद की थी। यह सभी आरोपी एसएससी (सीजीएल)-2025 परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल कराने और फर्जी अभ्यर्थी बैठाने के गिरोह से जुड़े हुए हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं निष्पक्षता, पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर होनी चाहिएं। गंभीर अपराधों में लिप्त व्यक्तियों को रिहा करना समाज में गलत संदेश देगा। इसलिए न्यायालय ने आरोपियों की जमानत अर्जी को अस्वीकार कर दिया।
विज्ञापन