{"_id":"6ae4a64b93dff7f84d0e4364","slug":"dfgsfd-grnoida-news-c-23-1-lko1064-110648-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: हत्या, हत्या के प्रयास में बाल सुधार गृह में बंद किशोर को मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: हत्या, हत्या के प्रयास में बाल सुधार गृह में बंद किशोर को मिली जमानत
विज्ञापन
(अदालत से)
- बादलपुर थाना क्षेत्र के मामले में बाल न्यायालय का फैसला, किशोर न्याय बोर्ड का आदेश निरस्त
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बाल न्यायालय ने थाना बादलपुर क्षेत्र के एक मामले में सात माह से बाल सुधार गृह में बंद किशोर की जमानत अपील स्वीकार कर ली। अदालत ने किशोर न्याय बोर्ड का 7 सितंबर 2026 का आदेश रद कर दिया। बादलपुर थाने में वादी आशीष नागर ने रिपोर्ट लिखवाई थी। उनके चाचा कृष्णपाल और सुंदर 17 जनवरी 2026 को खेतों में गेहूं की रखवाली कर रहे थे। 11 बजे तक दोनों नहीं लौटे तो कृष्णपाल का बेटा ट्यूबवेल पर पहुंचा। वहां दोनों खून से लथपथ मिले। उपचार के दौरान कृष्णपाल की मृत्यु हो गई थी। सुंदर का इलाज चलता रहा। पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास में आरोप पत्र दाखिल किया है। किशोर की मां ने बोर्ड में जमानत अर्जी दी थी, जो खारिज हो गई थी। इसके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपील दायर की गई।
अदालत का फैसला और दलीलें : अपीलकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि बोर्ड ने बिना न्यायिक विवेक के आदेश पारित किया। उन्होंने कहा कि किशोर को झूठा फंसाया गया है और उसके आपराधिक तत्वों के संपर्क में आने की कोई सामग्री नहीं है। किशोर के पिता ने उसे अपनी अभिरक्षा में लेने का भरोसा दिया था। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने कहा कि रिहाई से न्याय के उद्देश्य विफल होने के उचित आधार न होने पर जमानत रोकी नहीं जा सकती। इस कारण किशोर को जमानत दी गई।
विज्ञापन
- बादलपुर थाना क्षेत्र के मामले में बाल न्यायालय का फैसला, किशोर न्याय बोर्ड का आदेश निरस्त
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बाल न्यायालय ने थाना बादलपुर क्षेत्र के एक मामले में सात माह से बाल सुधार गृह में बंद किशोर की जमानत अपील स्वीकार कर ली। अदालत ने किशोर न्याय बोर्ड का 7 सितंबर 2026 का आदेश रद कर दिया। बादलपुर थाने में वादी आशीष नागर ने रिपोर्ट लिखवाई थी। उनके चाचा कृष्णपाल और सुंदर 17 जनवरी 2026 को खेतों में गेहूं की रखवाली कर रहे थे। 11 बजे तक दोनों नहीं लौटे तो कृष्णपाल का बेटा ट्यूबवेल पर पहुंचा। वहां दोनों खून से लथपथ मिले। उपचार के दौरान कृष्णपाल की मृत्यु हो गई थी। सुंदर का इलाज चलता रहा। पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास में आरोप पत्र दाखिल किया है। किशोर की मां ने बोर्ड में जमानत अर्जी दी थी, जो खारिज हो गई थी। इसके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपील दायर की गई।
अदालत का फैसला और दलीलें : अपीलकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि बोर्ड ने बिना न्यायिक विवेक के आदेश पारित किया। उन्होंने कहा कि किशोर को झूठा फंसाया गया है और उसके आपराधिक तत्वों के संपर्क में आने की कोई सामग्री नहीं है। किशोर के पिता ने उसे अपनी अभिरक्षा में लेने का भरोसा दिया था। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने कहा कि रिहाई से न्याय के उद्देश्य विफल होने के उचित आधार न होने पर जमानत रोकी नहीं जा सकती। इस कारण किशोर को जमानत दी गई।
विज्ञापन