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Noida News: शाम होते ही ढल जाते हैं बसों में यात्री सुरक्षा के दावे, ई रिक्शा की तरह चलती हैं स्लीपर बसें
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- 70-80 चालान वाली बसें दौड़ रहीं जिसमें 75 अकेले बिना परमिट और फिटनेस के बस संचालन के लिए किए गए
एक्सप्रेसवे पर रोककर यात्रियों को बैठाया जा रहा, बसों के अक्षर भी मिटा दिए, 14 से ज्यादा अघोषित ठहराव बनाए हैं
काव्यांश मिश्रा
नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर चार दिन पहले दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में जलकर 9 लोगों की मौत की घटना पर किए गए यात्री सुरक्षा के दावे महज औपचारिकता हैं। हकीकत स्याह है कि यात्रियों को बगैर सुरक्षा मानकों वाली बसों में बैठाकर सफर कराया जा रहा है। यही नहीं यह बस संचालक ट्रैफिक नियमों के साथ सड़क सुरक्षा नियमों की भी परवाह नहीं कर रहे हैं। चिल्ला बॉर्डर से लेकर परी चौक ग्रेटर नोएडा तक एक्सप्रेसवे पर ई रिक्शा की तरह बसें जगह-जगह रोककर यात्री बैठाये और उतारे जा रहे हैं। सड़कों पर जो बसें जो दौड़ रही हैं इनमें किसी के 70 तो किसी के 80 चालान नियम तोड़ने पर हो चुके हैं। वहीं कुछ बसों के नंबर भी घिसे हुए हैं।
सुरक्षा मानकों से खुला खिलवाड़, कोई जिम्मेदार देख भी नहीं रहा : सड़कों पर दौड़ने वाली बसों में अब भी यात्रियों की सुरक्षा के इंतजाम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। बसों में आग की घटना से बचने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर के इंतजाम, ग्लास ब्रेक हैमर इत्यादि नहीं है। यही नहीं बसों की फिटनेस और मानक के कागज भी पूरे नहीं हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि संचालन में किस तरह का खेल किया जा रहा है। यही नहीं कुछ बसों से तो आपातकाल स्थिति में बाहर निकलने वाले गेट की गायब मिले। बस के पीछे आपातकाल दरवाजा था ही नहीं, और छत पर कैरियर लगा दिया गया जिससे उसका खुलना मुमकिन ही नहीं।
70 से 80 चालान वाली बसें दौड़ रहीं : पड़ताल के दौरान स्लीपर बसों पर फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट के उल्लंघन के मामले सामने आए। कई बसें तो चेकिंग के दौरान अपने कागज ही प्रस्तुत नहीं कर सकीं। बीआर02पीसी6773 नंबर वाली बस पर 81 चालान मिले जिसका जुर्माना 466000 बकाया है। 81 में से 75 चालान तो इसके बिना परमिट और फिटनेस के कारण हुए। बीआर02पीसी5233 नंबर की बस पर 63 चालान मिले। जिसका जुर्माना 4 लाख से ज्यादा है। इस स्लीपर बस पर ओवरलोडिंग, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के संचालन, बिना ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि मामले में कार्रवाई हो चुकी है। एमपी14जेडएच5063 नंबर की स्लीपर पर पर 42 चालान हैं नियमों के उल्लंघन करने पर। जिसका बकाया जुर्माना 349500 है। इसी तरह अन्य बसों की स्थिति भी ऐसी है।
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एक्सप्रेसवे पर बारिश में बस का इंतजार करते दिखे यात्री : हादसे के बाद भी अवैध स्टॉप का खेल बंद नहीं हो रहा है। यात्रियों को बैठाने के लिए बसें एक्सप्रेसवे पर रुककर यात्रियों को बैठा रही हैं। शनिवार रात बारिश के बीच यात्री अपनी बसों के लिए एक्सप्रेसवे पर खड़े बस की राह देखते रहे। चिल्ला ट्रैफिक सिग्नल से लेकर फिल्म सिटी सेक्टर-16ए, महामाया फ्लाईओवर सेक्टर-44 , सेक्टर-142 के सामने समेत कई स्थानों पर यात्री खड़े रहे। यहां पर बसें पहुंची भी और यात्रियों को भी बैठाया। ये हाल तब का है जब एक्सप्रेसवे पर वाहनों को रोकना प्रतिबंधित है।
कार्रवाई से बचने के लिए मिटा दिए नंबर प्लेट से अक्षर : ट्रेवल एजेंसियां अपनी मनमानी पर बसों का संचालन कर रही हैं। पहले तो मानकों का पालन नहीं करते हैं बाद में कार्रवाई से बचने के लिए नंबर प्लेट से भी छेड़छाड़ कर देते हैं। पड़ताल के दौरान रात 11:25 पर अमर उजाला की टीम चिल्ला रेड लाइट के पास पहुंची। यहां यात्री बस का इंतजार कर रहे थे। जिन बसों में यात्री सवार हुए उनकी नंबर प्लेट से अक्षर गायब मिले। इसके बाद लगभग 11:58 पर सेक्टर-142 पर पहुंची तो यहां पर भी यात्री बसों का इंतजार कर रहे थे। उन बसों की नंबर प्लेट का हाल भी कुछ ऐसा ही मिला। एचएसआरपी नंबर प्लेट के नियमानुसार उभरे हुए अक्षर का रंग काला होना चाहिए लेकिन अधिकांश बसों की नंबर प्लेट से रंग गायब मिला।
14 से ज्यादा जगहों पर हैं बसोंं के अवैध स्टॉपेज : दिल्ली से लखनऊ कानपुर समेत अन्य जिलों व बिहार तक चलने वाली स्लीपर बसों के अघोषित ठहराव स्थल शहर में 14 से अधिक जगहों पर बने हुए हैं। यह बसें शहर की मुख्य सड़कों से लेकर एक्सप्रेसवे पर रुककर यात्रियों को बैठाती व उतारती हैं। इनमें चिल्ला बॉर्डर, उद्योग मार्ग फ्लाईओवर सेक्टर-15ए, सेक्टर-16ए फिल्म सिटी फ्लाईओवर, सेक्टर-44 महामाया फ्लाईओवर, छलेरा, सेक्टर-94 के सामने एक्सप्रेसवे पर, सेक्टर-62 मॉडल टाउन, सेक्टर-59 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-71 अंडरपास, बरौला टी प्वाइंट, नोएडा स्टेडियम सेक्टर-21ए समेत अन्य हैं।
बसों की चेकिंग नियमित की जा रही है। शनिवार रात चेकिंग के दौरान दो बसें सीज की गई हैं। शहर के अलग-अलग स्थानों पर जांच की जा रही है। साथ ही एक्सप्रेसवे पर बसों के ठहराव पर पाबंदी लगाई जा रही है। - डॉ. उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन
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एक्सप्रेसवे पर रोककर यात्रियों को बैठाया जा रहा, बसों के अक्षर भी मिटा दिए, 14 से ज्यादा अघोषित ठहराव बनाए हैं
काव्यांश मिश्रा
नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर चार दिन पहले दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में जलकर 9 लोगों की मौत की घटना पर किए गए यात्री सुरक्षा के दावे महज औपचारिकता हैं। हकीकत स्याह है कि यात्रियों को बगैर सुरक्षा मानकों वाली बसों में बैठाकर सफर कराया जा रहा है। यही नहीं यह बस संचालक ट्रैफिक नियमों के साथ सड़क सुरक्षा नियमों की भी परवाह नहीं कर रहे हैं। चिल्ला बॉर्डर से लेकर परी चौक ग्रेटर नोएडा तक एक्सप्रेसवे पर ई रिक्शा की तरह बसें जगह-जगह रोककर यात्री बैठाये और उतारे जा रहे हैं। सड़कों पर जो बसें जो दौड़ रही हैं इनमें किसी के 70 तो किसी के 80 चालान नियम तोड़ने पर हो चुके हैं। वहीं कुछ बसों के नंबर भी घिसे हुए हैं।
सुरक्षा मानकों से खुला खिलवाड़, कोई जिम्मेदार देख भी नहीं रहा : सड़कों पर दौड़ने वाली बसों में अब भी यात्रियों की सुरक्षा के इंतजाम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। बसों में आग की घटना से बचने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर के इंतजाम, ग्लास ब्रेक हैमर इत्यादि नहीं है। यही नहीं बसों की फिटनेस और मानक के कागज भी पूरे नहीं हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि संचालन में किस तरह का खेल किया जा रहा है। यही नहीं कुछ बसों से तो आपातकाल स्थिति में बाहर निकलने वाले गेट की गायब मिले। बस के पीछे आपातकाल दरवाजा था ही नहीं, और छत पर कैरियर लगा दिया गया जिससे उसका खुलना मुमकिन ही नहीं।
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70 से 80 चालान वाली बसें दौड़ रहीं : पड़ताल के दौरान स्लीपर बसों पर फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट के उल्लंघन के मामले सामने आए। कई बसें तो चेकिंग के दौरान अपने कागज ही प्रस्तुत नहीं कर सकीं। बीआर02पीसी6773 नंबर वाली बस पर 81 चालान मिले जिसका जुर्माना 466000 बकाया है। 81 में से 75 चालान तो इसके बिना परमिट और फिटनेस के कारण हुए। बीआर02पीसी5233 नंबर की बस पर 63 चालान मिले। जिसका जुर्माना 4 लाख से ज्यादा है। इस स्लीपर बस पर ओवरलोडिंग, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के संचालन, बिना ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि मामले में कार्रवाई हो चुकी है। एमपी14जेडएच5063 नंबर की स्लीपर पर पर 42 चालान हैं नियमों के उल्लंघन करने पर। जिसका बकाया जुर्माना 349500 है। इसी तरह अन्य बसों की स्थिति भी ऐसी है।
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एक्सप्रेसवे पर बारिश में बस का इंतजार करते दिखे यात्री : हादसे के बाद भी अवैध स्टॉप का खेल बंद नहीं हो रहा है। यात्रियों को बैठाने के लिए बसें एक्सप्रेसवे पर रुककर यात्रियों को बैठा रही हैं। शनिवार रात बारिश के बीच यात्री अपनी बसों के लिए एक्सप्रेसवे पर खड़े बस की राह देखते रहे। चिल्ला ट्रैफिक सिग्नल से लेकर फिल्म सिटी सेक्टर-16ए, महामाया फ्लाईओवर सेक्टर-44 , सेक्टर-142 के सामने समेत कई स्थानों पर यात्री खड़े रहे। यहां पर बसें पहुंची भी और यात्रियों को भी बैठाया। ये हाल तब का है जब एक्सप्रेसवे पर वाहनों को रोकना प्रतिबंधित है।
कार्रवाई से बचने के लिए मिटा दिए नंबर प्लेट से अक्षर : ट्रेवल एजेंसियां अपनी मनमानी पर बसों का संचालन कर रही हैं। पहले तो मानकों का पालन नहीं करते हैं बाद में कार्रवाई से बचने के लिए नंबर प्लेट से भी छेड़छाड़ कर देते हैं। पड़ताल के दौरान रात 11:25 पर अमर उजाला की टीम चिल्ला रेड लाइट के पास पहुंची। यहां यात्री बस का इंतजार कर रहे थे। जिन बसों में यात्री सवार हुए उनकी नंबर प्लेट से अक्षर गायब मिले। इसके बाद लगभग 11:58 पर सेक्टर-142 पर पहुंची तो यहां पर भी यात्री बसों का इंतजार कर रहे थे। उन बसों की नंबर प्लेट का हाल भी कुछ ऐसा ही मिला। एचएसआरपी नंबर प्लेट के नियमानुसार उभरे हुए अक्षर का रंग काला होना चाहिए लेकिन अधिकांश बसों की नंबर प्लेट से रंग गायब मिला।
14 से ज्यादा जगहों पर हैं बसोंं के अवैध स्टॉपेज : दिल्ली से लखनऊ कानपुर समेत अन्य जिलों व बिहार तक चलने वाली स्लीपर बसों के अघोषित ठहराव स्थल शहर में 14 से अधिक जगहों पर बने हुए हैं। यह बसें शहर की मुख्य सड़कों से लेकर एक्सप्रेसवे पर रुककर यात्रियों को बैठाती व उतारती हैं। इनमें चिल्ला बॉर्डर, उद्योग मार्ग फ्लाईओवर सेक्टर-15ए, सेक्टर-16ए फिल्म सिटी फ्लाईओवर, सेक्टर-44 महामाया फ्लाईओवर, छलेरा, सेक्टर-94 के सामने एक्सप्रेसवे पर, सेक्टर-62 मॉडल टाउन, सेक्टर-59 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-71 अंडरपास, बरौला टी प्वाइंट, नोएडा स्टेडियम सेक्टर-21ए समेत अन्य हैं।
बसों की चेकिंग नियमित की जा रही है। शनिवार रात चेकिंग के दौरान दो बसें सीज की गई हैं। शहर के अलग-अलग स्थानों पर जांच की जा रही है। साथ ही एक्सप्रेसवे पर बसों के ठहराव पर पाबंदी लगाई जा रही है। - डॉ. उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन