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साइबर टिप्स ::: फर्जी लोन एप से साइबर ठगी
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अभय कुमार मिश्र, एडीसीपी ग्रेटर नोए़डा जोन
फर्जी लोन एप से साइबर ठगी
-फर्जी लोन एप ऐसी मोबाइल एप्लीकेशन होती हैं, जो कम दस्तावेज और कुछ मिनट में लोन देने का दावा करती हैं। एप डाउनलोड कराने के बाद ठग निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं।
-यह डिजिटल लोन और डेटा चोरी से जुड़ी साइबर ठगी है। कई मामलों में ठग पहले छोटा लोन देकर बाद में प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी या अन्य शुल्क के नाम पर लगातार पैसे मांगते हैं।
-तत्काल पैसे की जरूरत वाले लोग, कम आय वाले व्यक्ति, विद्यार्थी, नौकरीपेशा युवा और वे लोग जिन्हें बैंक से आसानी से लोन नहीं मिल पाता, अधिक आसानी से इनके झांसे में आ सकते हैं।
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-एप डाउनलोड करते समय ठग मोबाइल के संपर्क, फोटो, वीडियो और अन्य निजी जानकारी की अनुमति ले लेते हैं। बाद में रकम लौटाने का दबाव बनाकर पीड़ित को धमकाया या बदनाम करने की कोशिश की जा सकती है।
-केवल आरबीआई से विनियमित बैंक या एनबीएफसी से जुड़े भरोसेमंद माध्यम से ही लोन लें। एप डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें और अनावश्यक परमिशन न दें।
-ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी जानकारी किसी को न दें। किसी अनजान लिंक से एप डाउनलोड न करें। ठगी का शिकापर होने पर तुरंत नजदीकी थाने, बैंक को सूचित करें। साइबर अपराध की शिकायत 1930 पर करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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फर्जी लोन एप से साइबर ठगी
-फर्जी लोन एप ऐसी मोबाइल एप्लीकेशन होती हैं, जो कम दस्तावेज और कुछ मिनट में लोन देने का दावा करती हैं। एप डाउनलोड कराने के बाद ठग निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं।
-यह डिजिटल लोन और डेटा चोरी से जुड़ी साइबर ठगी है। कई मामलों में ठग पहले छोटा लोन देकर बाद में प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी या अन्य शुल्क के नाम पर लगातार पैसे मांगते हैं।
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-तत्काल पैसे की जरूरत वाले लोग, कम आय वाले व्यक्ति, विद्यार्थी, नौकरीपेशा युवा और वे लोग जिन्हें बैंक से आसानी से लोन नहीं मिल पाता, अधिक आसानी से इनके झांसे में आ सकते हैं।
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-एप डाउनलोड करते समय ठग मोबाइल के संपर्क, फोटो, वीडियो और अन्य निजी जानकारी की अनुमति ले लेते हैं। बाद में रकम लौटाने का दबाव बनाकर पीड़ित को धमकाया या बदनाम करने की कोशिश की जा सकती है।
-केवल आरबीआई से विनियमित बैंक या एनबीएफसी से जुड़े भरोसेमंद माध्यम से ही लोन लें। एप डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें और अनावश्यक परमिशन न दें।
-ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी जानकारी किसी को न दें। किसी अनजान लिंक से एप डाउनलोड न करें। ठगी का शिकापर होने पर तुरंत नजदीकी थाने, बैंक को सूचित करें। साइबर अपराध की शिकायत 1930 पर करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।