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Noida News: फर्जी मेडिकल रिपोर्ट प्रकरण में जांच समिति गठन में देरी पर उठे सवाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाने के मामले में विवादों में रही महिला संविदाकर्मी की दोबारा तैनाती के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कर्मचारी के कार्यभार संभालने के दो दिन बाद भी मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कोई समिति गठित नहीं की गई है। वहीं, संबंधित महिला कर्मचारी से अब तक औपचारिक जवाब भी नहीं मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार, जिस एजेंसी के माध्यम से महिला कर्मचारी की नियुक्ति हुई है, उसके कुछ पदाधिकारियों के अस्पताल के पूर्व अधिकारियों से करीबी संबंध रहे हैं। इसी वजह से जांच प्रक्रिया में देरी होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला के खिलाफ पहले कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं थी।
गौरतलब है कि अगस्त 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक महिला कर्मचारी और अन्य व्यक्ति कथित रूप से मेडिकल रिपोर्ट बनवाने के बदले रुपये लेते दिखाई दिए थे। मामले की जांच के बाद महिला कर्मचारी को सेवा से हटा दिया गया था। इसी प्रकरण में एक टेक्नीशियन का वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। अब उसने भी दोबारा र्नियुक्ति के लिए आवेदन किया है, जबकि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार झा ने बताया कि जांच के लिए डॉक्टरों की समिति गठित करने की प्रक्रिया जारी है।
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नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाने के मामले में विवादों में रही महिला संविदाकर्मी की दोबारा तैनाती के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कर्मचारी के कार्यभार संभालने के दो दिन बाद भी मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कोई समिति गठित नहीं की गई है। वहीं, संबंधित महिला कर्मचारी से अब तक औपचारिक जवाब भी नहीं मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार, जिस एजेंसी के माध्यम से महिला कर्मचारी की नियुक्ति हुई है, उसके कुछ पदाधिकारियों के अस्पताल के पूर्व अधिकारियों से करीबी संबंध रहे हैं। इसी वजह से जांच प्रक्रिया में देरी होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला के खिलाफ पहले कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं थी।
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गौरतलब है कि अगस्त 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक महिला कर्मचारी और अन्य व्यक्ति कथित रूप से मेडिकल रिपोर्ट बनवाने के बदले रुपये लेते दिखाई दिए थे। मामले की जांच के बाद महिला कर्मचारी को सेवा से हटा दिया गया था। इसी प्रकरण में एक टेक्नीशियन का वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। अब उसने भी दोबारा र्नियुक्ति के लिए आवेदन किया है, जबकि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार झा ने बताया कि जांच के लिए डॉक्टरों की समिति गठित करने की प्रक्रिया जारी है।
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