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मार्च तक तैयार होगा डीएफसीसी का वेस्टर्न कॉरिडोर
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डीएफसीसी के वेस्टर्न कॉरिडोर के ओवर ब्रिज पर गॉर्डर रखना शुरू।
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) के वेस्टर्न कॉरिडोर के निर्माण कार्य पूरा करने की समय सीमा मार्च 2022 कर दी गई है। पहले कॉरिडोर को दिसंबर, 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन कोविड और निर्माण कार्य पर लगी रोक के कारण प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हो सका। अब निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे और एलजी गोल चक्कर के पास ओवरब्रिज पर गार्डर रखने का काम शुरू हो गया है।
गौतमबुद्ध नगर में वेस्टर्न कॉरिडोर का 17 किमी का हिस्सा है। कई वर्षों से निर्माण कार्य चल रहा है। केंद्र सरकार ने दिसंबर, 2021 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने का समय दिया था। अधिकारी कोविड और निर्माण कार्य पर रोक को इसका मुख्य कारण बताते हैं। अब कंपनी ने प्रोजेक्ट को पूरा करने की नई डेडलाइन तय की है। अफसरों ने बताया कि प्रोजेक्ट का निर्माण काफी हद तक पूरा हो चुका है। बाकी निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। मार्च, 2022 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। अफसरों ने बताया कि नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे और एलजी गोल चक्कर के पास ओवर ब्रिज बनाने का काम चल रहा है। जो आखिरी चरण में है। वहां गार्डर रखने का काम शुरू हो गया है। एक्सप्रेसवे पर बन रहा ओवर ब्रिज करीब 250 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा है। इसमें 11 पिलर हैं। यह जमीन से 11 मीटर ऊंचा है। यहां पर 30 से 40 गार्डर रखे जाएंगे। वहीं सूरजपुर-कासना मार्ग पर आठ गार्डर रखे जाएंगे।
गार्डर रखने के समय बंद करनी पड़ेगी एक लेन
एक्सप्रेसवे और सूरजपुर-कासना रोड के ऊपर गार्डर रखने के समय एक लेन को बंद किया जाएगा। डीएफसीसी के अफसरों ने बताया कि सड़क के ऊपर गार्डर रखने का काम रात के समय किया जाएगा। ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो। उस समय यातायात भी कम होता है। एक्सप्रेसवे के पास मेट्रो के ऊपर भी रात में काम होगा।
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अंडरपास में सड़क और रोड हाइट बैरियर का काम बाकी
वेस्टर्न कॉरिडोर का 130 मीटर रोड पर फ्लाईओवर और अंडरपास बन रहे हैं। निर्माण कार्य के कारण पिछले करीब दो साल से 130 मीटर रोड बंद हैं। इसके डायवर्जन से लोग काफी परेशान हैं। डीएफसीसी ने अंडरपास की एक लेन को अब दिसंबर तक पूरा करने का दावा किया है। उनका कहना है कि अंडरपास बन चुका है। केवल सड़क और हाइट बैरियर लगाने का काम बाकी है।
प्रोजेक्ट को मार्च, 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। प्रोजेक्ट की सभी साइट पर तेजी से काम चल रहा है। गार्डर रखने का काम भी शुरू हो गया है। 130 मीटर रोड का एक अंडरपास भी दिसंबर तक शुरू कर दिया जाएगा। जिसका लोगों को फायदा मिलेगा। - राजेंद्र सिंह, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, डीएफसीसी
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गौतमबुद्ध नगर में वेस्टर्न कॉरिडोर का 17 किमी का हिस्सा है। कई वर्षों से निर्माण कार्य चल रहा है। केंद्र सरकार ने दिसंबर, 2021 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने का समय दिया था। अधिकारी कोविड और निर्माण कार्य पर रोक को इसका मुख्य कारण बताते हैं। अब कंपनी ने प्रोजेक्ट को पूरा करने की नई डेडलाइन तय की है। अफसरों ने बताया कि प्रोजेक्ट का निर्माण काफी हद तक पूरा हो चुका है। बाकी निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। मार्च, 2022 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। अफसरों ने बताया कि नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे और एलजी गोल चक्कर के पास ओवर ब्रिज बनाने का काम चल रहा है। जो आखिरी चरण में है। वहां गार्डर रखने का काम शुरू हो गया है। एक्सप्रेसवे पर बन रहा ओवर ब्रिज करीब 250 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा है। इसमें 11 पिलर हैं। यह जमीन से 11 मीटर ऊंचा है। यहां पर 30 से 40 गार्डर रखे जाएंगे। वहीं सूरजपुर-कासना मार्ग पर आठ गार्डर रखे जाएंगे।
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गार्डर रखने के समय बंद करनी पड़ेगी एक लेन
एक्सप्रेसवे और सूरजपुर-कासना रोड के ऊपर गार्डर रखने के समय एक लेन को बंद किया जाएगा। डीएफसीसी के अफसरों ने बताया कि सड़क के ऊपर गार्डर रखने का काम रात के समय किया जाएगा। ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो। उस समय यातायात भी कम होता है। एक्सप्रेसवे के पास मेट्रो के ऊपर भी रात में काम होगा।
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अंडरपास में सड़क और रोड हाइट बैरियर का काम बाकी
वेस्टर्न कॉरिडोर का 130 मीटर रोड पर फ्लाईओवर और अंडरपास बन रहे हैं। निर्माण कार्य के कारण पिछले करीब दो साल से 130 मीटर रोड बंद हैं। इसके डायवर्जन से लोग काफी परेशान हैं। डीएफसीसी ने अंडरपास की एक लेन को अब दिसंबर तक पूरा करने का दावा किया है। उनका कहना है कि अंडरपास बन चुका है। केवल सड़क और हाइट बैरियर लगाने का काम बाकी है।
प्रोजेक्ट को मार्च, 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। प्रोजेक्ट की सभी साइट पर तेजी से काम चल रहा है। गार्डर रखने का काम भी शुरू हो गया है। 130 मीटर रोड का एक अंडरपास भी दिसंबर तक शुरू कर दिया जाएगा। जिसका लोगों को फायदा मिलेगा। - राजेंद्र सिंह, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, डीएफसीसी