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Noida News: बैन के बावजूद ऑनलाइन गेम्स का चल रहा खतरनाक खेल

Tue, 07 Oct 2025 02:34 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 07 Oct 2025 02:34 AM IST
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Despite the ban, the dangerous game of online games continues
लखनऊ। केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 के जरिये उन मोबाइल गेमिंग एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है, जहां वित्तीय लेन-देन होता रहा है। इससे इतर एक सच्चाई ये भी है कि प्रतिबंध के दायरे में वहीं गेमिंग एप्स आए हैं, जो भारत में पंजीकृत कंपनी चला रही थीं। ये गेम गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से डाउनलोड किए जा सकते थे। अब भी कई ऐसे एप हैं जो खुद की वेबसाइट के जरिये गेमिंग या बेटिंग एप डाउनलोड की अनुमति देते हैं। सट्टेबाजी की तरह जीत-हार पर इनाम का लालच देते हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 ने उन गेमिंग एप पर प्रतिबंध लगाया है तो सीधे तौर पर विज्ञापन करते थे। सरकार को टैक्स भी देते थे। बाद में इन गेमिंग एप के मकड़जाल में युवाओं के फंसने और बर्बाद होने की रिपोर्ट पर सरकार ने सख्ती की। हालांकि इंटरनेट की दुनिया में अब भी बहुत से ऐसे गेमिंग एप हैं जो गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर पर उपलब्ध नहीं हैं। इन्हें उनकी निजी वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। इनका विज्ञापन आमतौर पर पाइरेटेड सिनेमा वाले ज्यादा करते हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम की फीड में भी इनके विज्ञापन नजर आते हैं, जो आसान खेल में बड़ी रकम जीतने का लालच देते हैं। जीती हुई रकम तुरंत अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने की सुविधा का भी दावा करते हैं। सूत्र ये भी बताते हैं कि ऐसे डायरेक्ट डाउनलोड लिंक वाले गेम्स के क्षेत्र में अब लॉटरी और कैसिनो जैसे गेम्स भी आ चुके हैं जो खुद को केरल या गोवा का होने का दावा करते हैं। सिक्किम व गोवा में कैसिनो और केरल तथा कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में लॉटरी पर प्रतिबंध न होने का ये फायदा उठाते हैं। वास्तव में अधिकांश ऐसे गेम के संचालक और मास्टरमाइंड विदेशों में बैठे हैं और वहीं से इसका संचालन करते हैं।
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साइबर ठग भी करते हैं इस्तेमाल
अगस्त में राजधानी पुलिस ने साइबर ठगों के एक गैंग को पकड़ा था। इसके सदस्यों ने बताया कि वह टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये लोगों से संपर्क कर खुद को डिजाइन किया हुआ गेमिंग एप डाउनलोड कराते थे। नए लोगों को पहले गेम जिताया जाता था, इससे उनका लालच बढ़ता था। बाद में मोटी रकम लगाने पर उन्हें हराकर रुपये हड़प लिए जाते थे। ऐसे लोग खुद को हारा हुआ मानकर कहीं शिकायत भी नहीं करते थे। इन लोगों ने ये भी खुलासा किया था कि उनके गैंग का सरगना दुबई में रहता है। भारत में नेटवर्क से जो भी फायदा होता था, उसे सरगना को भेज दिया जाता था।
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एक अक्तूबर से लगा है प्रतिबंध

केंद्र सरकार के नए कानून के बाद एक अक्तूबर 2025 से वित्तीय लेन देन से जुड़े सभी गेमिंग एप प्रतिबंधित किए गए हैं। प्रतिबंध के उल्लंघन पर तीन वर्ष की कैद और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना या फिर दोनों की सजा का प्रावधान है। सरकार ने भविष्य में गेमिंग एप की निगरानी और नियंत्रण के लिए ऑनलाइन गेमिंग एप अथॉरिटी ऑफ इंडिया के गठन का प्रस्ताव भी रखा है।


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ये चर्चित एप हो चुके हैं बैन

ड्रीम11, पेटीएम फर्स्ट गो, जंगली, अड्डा 52, एमपीएल, जूपी, गेम्स 24एक्स7, पोकर, फैंटसी स्पोर्ट्स, रम्मी, रम्मी सर्किल, माय 11 सर्कल, फैन फाइट, 11 विकेट्स, बल्लेबाजी, फैंटसी अखाड़ा, विजन 11, फैन टू प्ले, ए टू थ्री।

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इन पर नहीं कोई लगाम

1 एक्स बेट, दाफाबेट, बेट 365, मेगापरी, बेट विनर, परी मैच, 4 रिबेट, द टॉप बुकीज, बीटी गेम, बेट एमजी, रूबेट, विनविन, कैसिनो, केरल लॉटरी।
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