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कामयाबी की राह पर बेटियां: ऑपरेशन से बिखरे सपने, तो अपनों के हौसले से लगे पंख; काबिलियत के दम पर बढ़ रहीं आगे

Sat, 26 Jul 2025 10:38 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 26 Jul 2025 10:38 AM IST
सार

15 साल की श्रुति चौहान और 13 साल की अग्रिमा सिंह अपनी काबिलियत के दम पर बैडमिंटन के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। खेलते समय इनकी राह में कई मुश्किलें आई, जिनका इन्होंने डटकर सामना किया। अभिभावकों ने बेटियों का हौसला-अफजाई किया। उनका हर मोर्चे पर साथ दिया। आज राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में भी दोनों बेटियां दमखम दिखा रही हैं।

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Despite many difficulties, daughters are trying to realize their dreams in the field of badminton
श्रुति चौहान और अग्रिमा सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर की बेटियां बैडमिंटन के क्षेत्र में कई मुश्किलों के बाद भी अपने सपनों को साकार करने में जुटी हैं। यहां तक कि बड़े ऑपरेशनों से भी नहीं डरी और एक से बढ़कर एक नए मुकाम हासिल किए। 15 साल की श्रुति चौहान और 13 साल की अग्रिमा सिंह अपनी काबिलियत के दम पर आगे बढ़ीं।

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Despite many difficulties, daughters are trying to realize their dreams in the field of badminton
अग्रिमा सिंह - फोटो : अमर उजाला

लखनऊ में 24 से शुरू हुई राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में भी दोनों बेटियां दमखम दिखा रही हैं। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की तैयारी में जुटीं हुई हैं। शहर की बैडमिंटन खिलाड़ी अग्रिमा के पिता विक्रम सिंह आईओटी प्रोफेशनल हैं।

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Despite many difficulties, daughters are trying to realize their dreams in the field of badminton
माता पिता के साथ अग्रिमा सिंह - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने बताया कि उनकी 13 साल की अग्रिमा को बचपन से बैडमिंटन खेल में रूचि थी। उसने भी पूरे जोर-शोर के साथ बैडमिंटन खेल की तैयारी शुरू की। इस बीच खेलते-खेलते ही साल 2021 में उसकी छोटी आंत मुड़ गई। अगले कुछ दिनों बाद जब पेट में दर्द बढ़ा तो वह बच्ची को डॉक्टर के पास ले गए। जहां पता चला कि छोटी आंत का ऑपरेशन होगा। ऑपरेशन के दौरान जब डॉक्टर ने दो साल तक यानी साल 2023 तक उसे बेड रेस्ट के लिए कहा तो मानों खेल की सारी उम्मीदें खत्म सी हो गईं। इसके बाद अभिभावकों ने बेटी का हौसला-अफजाई किया। उसका हर मोर्चे पर साथ दिया। इसके बाद अग्रिमा ने अपनी काबिलियत की बदौलत एक के बाद एक चैंपियनशिप में अपना नाम दर्ज कराया।

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Despite many difficulties, daughters are trying to realize their dreams in the field of badminton
पिता के संग श्रुति चौहान - फोटो : अमर उजाला

पिता ने बताया कि अब तक अग्रिमा राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताएं जीत चुकी हैं। उन्होंने साल 2024 में राज्य स्तरीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में पहला स्थान हासिल किया, वहीं साल 2024 में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में उपविजेता रह चुकी हैं। हाल ही में स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप में उसने एक साथ तीन स्वर्ण पदक जीते हैं।

Despite many difficulties, daughters are trying to realize their dreams in the field of badminton
श्रुति चौहान - फोटो : अमर उजाला

15 साल की श्रुति चौहान बनीं हिम्मत और हुनर की मिसाल
नोएडा की 15 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी श्रुति ने बार-बार लगी गंभीर चोटों के बावजूद बैडमिंटन का साथ कभी नहीं छोड़ा और अब वह लखनऊ में बृहस्पतिवार से शुरू हुई राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। उनके पिता अमित चौहान ने बताया कि वर्ष 2023 में खेल के दौरान उनके घुटने में गंभीर समस्या आ गई थी। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और मैदान पर वापसी की। श्रुति पिछले 7 वर्षों से बैडमिंटन की ट्रेनिंग ले रही हैं और उनका सपना है कि वह भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करें। हाल ही में उन्होंने जून 2025 में बंगलूरू में आयोजित ऑल इंडिया रैंकिंग बैडमिंटन प्रतियोगिता में भाग लिया। इसके अलावा गोवा में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए वह टॉप 16 खिलाड़ियों में जगह बनाने में सफल रहीं।

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