सरकार के खिलाफ मिड-डे-मील वर्करों का प्रदर्शन, लंबित मांगों के संबंध में नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, जमकर की नारेबाजी

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 10:42 PM IST
Demonstration of mid-day meal workers against the government, memorandum submitted to the Naib Tehsildar regarding pending demands, sloganeering fiercely
Demonstration of mid-day meal workers against the government, memorandum submitted to the Naib Tehsildar regarding pending demands, sloganeering fiercely
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नूंह। शहर के गांधी पार्क में रविवार को जिले के मिड-डे-मील वर्करों ने लंबित मांगों के संबंध में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की। इसके बाद नूंह के नायब तहसीलदार अख्तर हुसैन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सीटू के बैनर तले कर्मचारियों ने अपनी आवाज बुलंद की।
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सीटू हरियाणा और मिड-डे-मील फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव जय भगवान ने कहा कि 2010 के बाद से केंद्र सरकार ने मिड-डे-मील वर्करों के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। हरियाणा सरकार ने 2018 से कोई बढ़ोतरी नहीं की है। 45वें श्रम सम्मेलन को सिफारिशों को लागू नहीं किया जा रहा है, जो मिड-डे-मील वर्करों को कर्मचारी बनाने, न्यूनतम वेतन लागू करने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की बात करता है। सरकार मिड-डे-मील योजना में केंद्रीय रसोई घर व डीबीटी शुरू कर रही है। इसी प्रकार से जो नई शिक्षा नीति आई है, उसके चलते हुए बड़े पैमाने पर सरकारी स्कूल बंद हो जाएंगे। यह सब करके भाजपा सरकार वर्कर्स के रोजगार को खत्म करना चाहती है। इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का रजिस्ट्रेशन कर रही है। इसमें मिड-डे-मील वर्करों का नाम शामिल नहीं है। जबकि आंगनबाड़ी वर्करों, हेल्परों का नाम शामिल किया गया है। यह मिड-डे-मील वर्करों के साथ सौतेला व्यवहार है कि उन्हें मजदूर का दर्जा सरकार नहीं दे रही है। राज्य में मिड-डे-मील वर्करों को 3500 रुपये मिलते हैं। वह भी 6-6 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। वर्दी का तय भत्ता भी तीन साल से नहीं मिला है। 1000 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से आगामी 13 नवंबर को करनाल में होने वाले राज्य स्तरीय रोष प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया। इस मौके पर सीटू प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर सिंह, जिला संयोजक अनिल कुमार, यूनियन नेताओं आबिद, जैनम, कविता, सुनीता, जमीला, शायरा, जन्नती, लक्ष्मी आदि ने मांग की है कि वेतन बढ़ोतरी की जाए। 10 की बजाय 12 महीने वेतन मिले, न्यूनतम वेतन, पक्के रोजगार हो, बकाया वेतन व वर्दी भत्ते तुरंत जारी हों। मिड-डे-मील के काम को ठेके पर देने के प्रयास रद्द हो।

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