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सेक्टर-75 में गार्डेनिया सोसाइटी की मार्केट के अवैध निर्माण गिराए
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नोएडा। सेक्टर-75 गार्डेनिया एम्स की सोसाइटी गार्डेनिया गेटवे में बनी मार्केट के अवैध निर्माण पर शुक्रवार को प्राधिकरण ने कार्रवाई की। इस दौरान अवैध कियोस्क और छज्जों को तोड़ा गया। अब शनिवार को अवैध तरीके से बनीं 11 दुकानों को गिराया जाएगा।
प्राधिकरण के वर्क सर्किल-6 के प्रभारी मुकेश वैश्य ने बताया कि 25 में से 11 दुकानें बिना स्वीकृति के बनी हुई हैं। इस बाबत कई बार नोटिस दिया गया, लेकिन बिल्डर की ओर से अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया। सीईओ रितु माहेश्वरी ने अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया था। इसी क्रम में टीम सुबह 11 बजे सेक्टर-75 स्थित मार्केट में पहुंची। यहां चार कियोस्क को ध्वस्त कर 11 दुकानों के टीन शेड और छज्जों को गिरा दिया गया। दुकानदारों ने प्राधिकरण की टीम से सामान हटाने के लिए समय देने का आग्रह किया। इस पर दुकानदारों को रात भर का समय दिया गया है। सुबह 11 बजे अवैध 11 दुकानों को तोड़ा जाएगा।
विरोध का करना पड़ा सामना
अवैध निर्माण तोड़ने के दौरान प्राधिकरण की टीम को दुकानदारों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। दूसरी ओर बिल्डर के प्रतिनिधियों ने मामले में तर्क देते हुए कहा कि उन्होंने प्राधिकरण में इस निर्माण के एवज में कम्पाउंडिंग फीस देने के लिए आवेदन किया है। जबकि प्राधिकरण का कहना है कि बिल्डर का आवेदन निरस्त हो गया है। अब बिल्डर की ओर से इस मामले में दोबारा आवेदन की बात की जा रही है।
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प्राधिकरण के वर्क सर्किल-6 के प्रभारी मुकेश वैश्य ने बताया कि 25 में से 11 दुकानें बिना स्वीकृति के बनी हुई हैं। इस बाबत कई बार नोटिस दिया गया, लेकिन बिल्डर की ओर से अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया। सीईओ रितु माहेश्वरी ने अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया था। इसी क्रम में टीम सुबह 11 बजे सेक्टर-75 स्थित मार्केट में पहुंची। यहां चार कियोस्क को ध्वस्त कर 11 दुकानों के टीन शेड और छज्जों को गिरा दिया गया। दुकानदारों ने प्राधिकरण की टीम से सामान हटाने के लिए समय देने का आग्रह किया। इस पर दुकानदारों को रात भर का समय दिया गया है। सुबह 11 बजे अवैध 11 दुकानों को तोड़ा जाएगा।
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विरोध का करना पड़ा सामना
अवैध निर्माण तोड़ने के दौरान प्राधिकरण की टीम को दुकानदारों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। दूसरी ओर बिल्डर के प्रतिनिधियों ने मामले में तर्क देते हुए कहा कि उन्होंने प्राधिकरण में इस निर्माण के एवज में कम्पाउंडिंग फीस देने के लिए आवेदन किया है। जबकि प्राधिकरण का कहना है कि बिल्डर का आवेदन निरस्त हो गया है। अब बिल्डर की ओर से इस मामले में दोबारा आवेदन की बात की जा रही है।
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