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Noida News: औद्योगिक भूखंडों की ई-नीलामी बंद करने की मांग
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इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ने समस्याओं को लेकर शुरू किया अभियान
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ने उद्यमियों की समस्याओं को लेकर अभियान शुरू किया है। एसोसिएशन की मांग है कि 2000 वर्गमीटर से छोटे औद्योगिक भूखंडों की ई-नीलामी बंद होनी चाहिए। अगर ऐसा ही रहा तो छोटे उद्यमी खत्म हो जाएंगे। पूंजीपतियों का औद्योगिक भूखंडों पर कब्जा रहेगा। उद्यमी किराये की कंपनी में उद्योग चलाने का मजबूर होंगे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि जल्द ही जनप्रतिनिधियों के साथ मंच पर समस्याओं को साझा किया जाएगा।
मंगलवार को अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि सरकार ने 8000 वर्ग मीटर तक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी से कर दिया है जो गलत है। इससे छोटे उद्यमियों को अवसर नहीं मिल रहा है। उनके लिए नोएडा-ग्रेनो में उद्योग लगाना सपना बन गया है। 2000 वर्गमीटर तक के भूखंडों का आवंटन ड्रॉ से होना चाहिए। सभी औद्योगिक भूखंडों को फ्री होल्ड करना चाहिए। इससे छोटे-छोटे उद्यमियों का कार्यालय के चक्कर काटना बंद हो जाएगा। लंबे समय से उद्यमी यहां पर किराये की कंपनी में उद्योग चला रहे हैं। वे अपना भूखंड खरीदना चाहते हैं लेकिन ई-नीलामी से संभव नहीं हो पा रहा है। आवंटन में 5 वर्ष से किराये पर उद्योग चलाने वाले उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाए।
सभी औद्योगिक सेक्टर बस और रेल सेवा से नहीं जुड़े हैं। यहां काम करने वाले लाखों लोग परेशान हैं। औद्योगिक सेक्टरों को रेलवे स्टेशन और बस सेवा से जोड़ना चाहिए। वन टाइम पंजीकरण योजना लागू की जाए। सिंगल विंडो सिस्टम को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। ऑनलाइन आवेदन के बाद भी बार-बार कार्यालय बुलाया जा रहा है। उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए आवास योजना लानी चाहिए।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ने उद्यमियों की समस्याओं को लेकर अभियान शुरू किया है। एसोसिएशन की मांग है कि 2000 वर्गमीटर से छोटे औद्योगिक भूखंडों की ई-नीलामी बंद होनी चाहिए। अगर ऐसा ही रहा तो छोटे उद्यमी खत्म हो जाएंगे। पूंजीपतियों का औद्योगिक भूखंडों पर कब्जा रहेगा। उद्यमी किराये की कंपनी में उद्योग चलाने का मजबूर होंगे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि जल्द ही जनप्रतिनिधियों के साथ मंच पर समस्याओं को साझा किया जाएगा।
मंगलवार को अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि सरकार ने 8000 वर्ग मीटर तक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी से कर दिया है जो गलत है। इससे छोटे उद्यमियों को अवसर नहीं मिल रहा है। उनके लिए नोएडा-ग्रेनो में उद्योग लगाना सपना बन गया है। 2000 वर्गमीटर तक के भूखंडों का आवंटन ड्रॉ से होना चाहिए। सभी औद्योगिक भूखंडों को फ्री होल्ड करना चाहिए। इससे छोटे-छोटे उद्यमियों का कार्यालय के चक्कर काटना बंद हो जाएगा। लंबे समय से उद्यमी यहां पर किराये की कंपनी में उद्योग चला रहे हैं। वे अपना भूखंड खरीदना चाहते हैं लेकिन ई-नीलामी से संभव नहीं हो पा रहा है। आवंटन में 5 वर्ष से किराये पर उद्योग चलाने वाले उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाए।
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सभी औद्योगिक सेक्टर बस और रेल सेवा से नहीं जुड़े हैं। यहां काम करने वाले लाखों लोग परेशान हैं। औद्योगिक सेक्टरों को रेलवे स्टेशन और बस सेवा से जोड़ना चाहिए। वन टाइम पंजीकरण योजना लागू की जाए। सिंगल विंडो सिस्टम को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। ऑनलाइन आवेदन के बाद भी बार-बार कार्यालय बुलाया जा रहा है। उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए आवास योजना लानी चाहिए।
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