फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Delhi's e-waste eco park will be built on the lines of Revac plant

Noida News: रेवैक प्लांट की तर्ज पर बनेगा दिल्ली का ई-वेस्ट ईको पार्क

Mon, 04 Aug 2025 07:48 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 04 Aug 2025 07:48 PM IST
विज्ञापन
Delhi's e-waste eco park will be built on the lines of Revac plant
-पर्यावरण एवं उद्योग मंत्री मनजिंदर सिरसा ने किया नॉर्वे का दौरा, समझी तकनीक
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नॉर्वे के रेवैक प्लांट की तर्ज पर दिल्ली का ई-वेस्ट ईको पार्क बनेगा। इस सिलसिले में दिल्ली सरकार के पर्यावरण व उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भारत के पहले प्रस्तावित ई-वेस्ट ईको पार्क के लिए वैश्विक मॉडल अपनाने की दिशा में अहम पहल करते हुए नॉर्वे के विश्वप्रसिद्ध रेवैक ई-वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का दौरा किया। यह दौरा होलंबी कलां में 150 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अत्याधुनिक ईको पार्क की संरचना, तकनीक और कार्यप्रणाली को वैश्विक मानकों पर आधारित करने के उद्देश्य से किया गया।
रेवैक प्लांट सालाना 1.10 लाख मीट्रिक टन ई-वेस्ट प्रोसेस करता है, यूरोप की सबसे उन्नत सुविधाओं में से एक है। सिरसा ने प्लांट में डिसमेंटलिंग, सेग्रीगेशन और मटेरियल रिकवरी के आधुनिक तरीकों का निरीक्षण किया और वहां के वरिष्ठ इंजीनियरों से तकनीकी सहयोग, अनुपालन ढांचा और सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर चर्चा की। मंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ वेस्ट मैनेजमेंट नहीं, बल्कि एक विजन है जिसके तहत एक ऐसी दिल्ली का निर्माण करना जो स्वच्छ, सर्कुलर, प्रतिस्पर्धी और फ्यूचर रेडी हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण और उद्योग मंत्रालयों के संतुलन के साथ ग्रीन ग्रोथ को बढ़ावा दिया जाएगा।
विज्ञापन

----------
51 हजार मीट्रिन टन ई-वेस्ट को करेगा प्रोसेस
दिल्ली का प्रस्तावित ईको पार्क सालाना 51,000 मीट्रिक टन ई-वेस्ट प्रोसेस करेगा और पीपीपी मॉडल पर डीएसआईआईडीसी संचालित करेगा। यह पार्क ई-वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2022 की सभी 106 श्रेणियों को संभालने में सक्षम होगा। इससे न केवल 350 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व उत्पन्न होगा, बल्कि हजारों ग्रीन जॉब्स भी सृजित होंगी और असंगठित ई-वेस्ट क्षेत्र को औपचारिक स्वरूप मिलेगा।मंत्री ने रेवैक को इसलिए भी उपयुक्त मॉडल बताया क्योंकि इसकी जलवायु और भौगोलिक स्थितियां दिल्ली के होलंबी कलां से मेल खाती हैं, जिससे तकनीक को स्थानीय स्तर पर अपनाना आसान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article