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Noida News: पेपर मिल संचालकों से कच्चा माल नहीं खरीदने का लिया निर्णय

Sat, 28 Sep 2024 11:10 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2024 11:10 PM IST
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Decision taken not to buy raw material from paper mill operators
पेपर मिल संचालकों से कच्चा माल नहीं खरीदने का लिया निर्णय
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- मिल संचालकों की गुटबंदी से परेशान उद्यमियों के संगठन यूपीसीबीएमए ने आपात बैठक बुलाकर लिया फैसला
- तीन महीने में कागज के दाम 30 फीसदी तक बढ़ने से कोरोगेटेड बॉक्स उद्योग को 1000 करोड़ रुपये का नुकसान


माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कोरोगेटेड बॉक्स (गत्ते के डिब्बे) बनाने वाले प्रदेश के तीन हजार से ज्यादा उद्यमियों ने यूपी, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा के 150 मिल संचालकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश कोरोगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (यूपीसीबीएमए) ने ग्रेनो के साइट बी सूरजपुर स्थित आईआईए कार्यालय आपात बैठक बुलाई। इसमें उत्तर भारत के मिल संचालकों से कच्चा माल नहीं खरीदने का ऐलान किया गया। यूपीसीबीएमए के प्रदेश अध्यक्ष एसके चौहान ने कहा कि जब तक कच्चे माल की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाएगी, उद्यमी अपने कारखानों को बंद रखेंगे। ऐसे में तीन अक्तूबर से प्रदेशभर के लगभग तीन हजार कोरोगेटेड बॉक्स बनाने वाले उद्योगों में बंदी हो सकती है।
यूपीसीबीएमए के प्रदेशाध्यक्ष ने बताया, पिछले तीन महीने में कागज की कीमत 30 प्रतिशत तक बढ़ने से उत्तर प्रदेश के लगभग तीन हजार कोरोगेटेड बॉक्स बनाने वाले उद्योग बंद होने के कगार पर हैं। हर महीने दाम बढ़ा-बढ़ाकर 39 रुपये किलो तक पहुंचा दिए गए हैं। इससे प्रदेशभर में उद्योगों को 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के नुकसान का अनुमान है। बैठक कर फैसला लिया गया है कि मुजफ्फरनगर, काशीपुर, सहारनपुर, पंजाब और हरियाणा की मिलों से कच्चा माल नहीं मंगाया जाएगा। गुजरात, महाराष्ट्र के नागपुर और मध्यप्रदेश के मिल संचालकों से बातचीत चल रही है। इन राज्यों से 2.8 -3.0 किलो कागज मंगाने का परिवहन शुल्क जोड़ने के बाद भी पहले के मुकाबले दरें सस्ती होंगी। फिलहाल जो पुराना स्टॉक है, उससे काम चलाया जाएगा। स्टॉक खत्म होने पर नई व्यवस्था होने तक काम बंद रखा जाएगा।
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कोरोगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र भाटी ने कहा, मिल संचालकों की गुटबंदी के कारण एक बार फिर संगठन सीसीआई का दरवाजा खटखटाएगा। प्रदेश महासचिव आरजे सिंह, केपी सिंह, हितेश सिंह, रविश दीक्षित, प्रवीन गुप्ता, अमित शर्मा सहित बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।
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नोएडा और गाजियाबाद को 450 करोड़ का नुकसान
गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद जनपद कोरोगेटेड बॉक्स और प्रिंटिंग उद्योगों का हब है। गौतमबुद्ध नगर में ही 4.5 लाख टन कागज की खपत हर महीने होती है। सालाना 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कारोबार यहां से होता है। इसी तरह गाजियाबाद में दो लाख टन कागज की खपत होती है और करीब 700 करोड़ का कारोबार होता है। उत्तर प्रदेश में लगभग 150 पेपर मिल हैं।
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