फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Cyber criminals duped a person of Rs 8 lakh by digitally arresting him for three days

तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट: खुद को कस्टम अधिकारी बता ठगों ने बिछाया ऐसा जाल, आठ लाख रुपये करवा लिए ट्रांसफर

Sun, 27 Oct 2024 03:03 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 27 Oct 2024 03:03 PM IST
सार

पीड़ित सुरेंद्र ने बताया कि 19 अक्तूबर को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कस्टम अधिकारी और अपना नाम मोहिंदर कुमार बताया। सूचना दी कि तुम्हारी आईडी का उपयोग कर मलेशिया भेजा जा रहा पार्सल मुंबई पुलिस ने पकड़ा है।

विज्ञापन
Cyber criminals duped a person of Rs 8 lakh by digitally arresting him for three days
digital arrest - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर अपराधियों ने सेक्टर-46 निवासी एक व्यक्ति को पार्सल पकड़े जाने की सूचना देकर जांच के नाम पर डिजिटल अरेस्ट किया। इसके बाद जांच में मानव तस्करी केस में फंसाने का डर दिखाकर 8 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

विज्ञापन

पीड़ित को करीब 3 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। शिकायत पर पुलिस ने सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह केस सेक्टर-46 निवासी सुरेंद्र पाल वशिष्ठ का है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुरेंद्र ने बताया कि 19 अक्तूबर को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कस्टम अधिकारी और अपना नाम मोहिंदर कुमार बताया। सूचना दी कि तुम्हारी आईडी का उपयोग कर मलेशिया भेजा जा रहा पार्सल मुंबई पुलिस ने पकड़ा है। पार्सल में ड्रग्स के साथ में नशीले पदार्थ हैं। उन्होंने इससे इन्कार किया। इस पर डराकर मामले की जांच पुलिस स्टेशन अंधेरी पुलिस द्वारा करने की जानकारी दी।

विज्ञापन

फिर जांच के नाम पर वीडियो कॉल के जरिये जालसाजों ने निगरानी में ले लिया। पुलिसकर्मी बनकर बताया कि तुम्हारे नाम से एक बैंक खाता खुला हुआ है। खाते में मानव तस्करी के करोड़ों रुपये जमा हैं। फिर आधार कार्ड नंबर मांग बैंक खाते की जानकारी मांग ली गई। जांच के नाम पर ठगों ने तमाम प्रश्न पूछे।

पीड़ित ने बताया कि उसने ऐसा कुछ नहीं किया। इसके बाद जांच फर्जी अंधेरी न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में चलने लगी। ठगों ने पीड़ित को एक नोटिस भेजा। इसमें आठ लाख रुपये जमा करने का उल्लेख था। दबाव में आने पर उन्होंने आरटीजीएस से रुपये साइबर ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद दोबारा कॉल कर और रुपये ट्रांसफर करने की मांग की गई तब पीड़ित को ठगी का पता चला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed