{"_id":"6ad4e43eac35f3118800d041","slug":"crisis-of-100-tariff-averted-but-a-permanent-solution-still-awaited-noida-news-c-23-1-lko1064-109596-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: 100 प्रतिशत टैरिफ का संकट टला, पर स्थायी समाधान का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: 100 प्रतिशत टैरिफ का संकट टला, पर स्थायी समाधान का इंतजार
विज्ञापन
- ग्रेटर नोएडा के निर्यातकों ने अमेरिका के टैरिफ नहीं लगाने के फैसले का किया स्वागत
- पुराने ऑर्डर पूरे करने में जुटे उद्यमी, नए ऑर्डर मिलने में अभी देरी की आशंका
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अमेरिका की ओर से 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का खतरा फिलहाल टलने से शहर के निर्यातकों और उद्यमियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, उनका कहना है कि संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दो-तीन महीने बाद फिर टैरिफ लगाए जाने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के जरिये स्थायी समाधान जरूरी है। फिलहाल अमेरिकी खरीदार पुराने ऑर्डर मंगवाने के लिए संपर्क कर रहे हैं और निर्यातक उन्हें पूरा करने में जुट गए हैं। नए ऑर्डर मिलने में अभी समय लग सकता है।
अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने से संबंधित कानून बनाया था। रूस के साथ तेल खरीद की डील होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे रोक दिया। इससे ग्रेटर नोएडा के निर्यातकों को राहत मिली है। उद्यमियों के मुताबिक, पुराने ऑर्डर अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। अमेरिकी खरीदार भी रुक-रुककर माल मंगवा रहे थे। अब टैरिफ का खतरा फिलहाल टलने के बाद उन्होंने दोबारा संपर्क करना शुरू किया है। निर्यातकों ने भी उत्पादन तेज कर दिया है। उद्यमियों का कहना है कि टैरिफ संबंधी फैसले को मध्यावधि चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उन्हें आशंका है कि चुनाव के बाद ट्रंप फिर से टैरिफ लगाने का फैसला कर सकते हैं। इसी अनिश्चितता के कारण अमेरिकी खरीदार नए ऑर्डर देने से बच सकते हैं। एक ऑर्डर पूरा करने में करीब तीन महीने लगते हैं। ऐसे में स्थायी समाधान के बिना बड़े ऑर्डर मिलने में मुश्किल हो सकती है। त्योहारों के सीजन में टैरिफ का खतरा टलना कारोबार के लिए राहत भरा है।
कोट-
टैरिफ नहीं लगने से कच्चे तेल और पेट्रोल की कीमतों में कमी आएगी। निर्यात में भी तेजी आएगी लेकिन अभी जल्दबाजी होगी। नए ऑर्डर अभी मिलने मुश्किल होंगे। हालांकि खरीदारों ने संपर्क करना शुरू किया है। - अनूप शर्मा, निर्यातक साइट-5
विज्ञापन
इस समय त्योहार का सीजन है। ऐसे समय में टैरिफ नहीं लगाने पर फैसला अच्छा साबित होगा। निर्यातक के साथ देश के अंदर भी कारोबार में तेजी आएगी। इसका फायदा हर सेक्टर के कारोबारी को मिलेगा। - अमित उपाध्याय, अध्यक्ष आईबीए
विज्ञापन
- पुराने ऑर्डर पूरे करने में जुटे उद्यमी, नए ऑर्डर मिलने में अभी देरी की आशंका
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अमेरिका की ओर से 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का खतरा फिलहाल टलने से शहर के निर्यातकों और उद्यमियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, उनका कहना है कि संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दो-तीन महीने बाद फिर टैरिफ लगाए जाने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के जरिये स्थायी समाधान जरूरी है। फिलहाल अमेरिकी खरीदार पुराने ऑर्डर मंगवाने के लिए संपर्क कर रहे हैं और निर्यातक उन्हें पूरा करने में जुट गए हैं। नए ऑर्डर मिलने में अभी समय लग सकता है।
अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने से संबंधित कानून बनाया था। रूस के साथ तेल खरीद की डील होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे रोक दिया। इससे ग्रेटर नोएडा के निर्यातकों को राहत मिली है। उद्यमियों के मुताबिक, पुराने ऑर्डर अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। अमेरिकी खरीदार भी रुक-रुककर माल मंगवा रहे थे। अब टैरिफ का खतरा फिलहाल टलने के बाद उन्होंने दोबारा संपर्क करना शुरू किया है। निर्यातकों ने भी उत्पादन तेज कर दिया है। उद्यमियों का कहना है कि टैरिफ संबंधी फैसले को मध्यावधि चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उन्हें आशंका है कि चुनाव के बाद ट्रंप फिर से टैरिफ लगाने का फैसला कर सकते हैं। इसी अनिश्चितता के कारण अमेरिकी खरीदार नए ऑर्डर देने से बच सकते हैं। एक ऑर्डर पूरा करने में करीब तीन महीने लगते हैं। ऐसे में स्थायी समाधान के बिना बड़े ऑर्डर मिलने में मुश्किल हो सकती है। त्योहारों के सीजन में टैरिफ का खतरा टलना कारोबार के लिए राहत भरा है।
विज्ञापन
कोट-
टैरिफ नहीं लगने से कच्चे तेल और पेट्रोल की कीमतों में कमी आएगी। निर्यात में भी तेजी आएगी लेकिन अभी जल्दबाजी होगी। नए ऑर्डर अभी मिलने मुश्किल होंगे। हालांकि खरीदारों ने संपर्क करना शुरू किया है। - अनूप शर्मा, निर्यातक साइट-5
विज्ञापन
इस समय त्योहार का सीजन है। ऐसे समय में टैरिफ नहीं लगाने पर फैसला अच्छा साबित होगा। निर्यातक के साथ देश के अंदर भी कारोबार में तेजी आएगी। इसका फायदा हर सेक्टर के कारोबारी को मिलेगा। - अमित उपाध्याय, अध्यक्ष आईबीए