विनोद गडरिया के खौफ का अंत: कौन था वो खूंखार डकैत, जिसने मुजफ्फरनगर-शामली में मचाया आतंक; वो कैसे बना अपराधी?
बदमाश विनोद गडरिया ने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। फरारी के दौरान लूटपाट और डकैती करने लगा। आरोपी मुनव्वर उर्फ मन्ना, सादाब सरधना और फुरकान आदि बदमाशों के संपर्क में आया।
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एसटीएफ नोएडा के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्र ने बताया कि बदमाश विनोद गडरिया ने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। फरारी के दौरान लूटपाट और डकैती करने लगा। आरोपी मुनव्वर उर्फ मन्ना, सादाब सरधना और फुरकान आदि बदमाशों के संपर्क में आया। अपने साथ लड़के बदल-बदल कर घरों में डकैती की गंभीर घटनाओं को अंजाम देने लगा। यह अपराधी गैंग के साथ एकांत में या बाहरी इलाके में पड़ने वाले घरों को निशाना बनाता था।
घर में घुसकर परिजनों को बंधक बनाकर डकैती डालता था और परिजनों के साथ वीभत्स तरीके से मारपीट भी करता था। आरोपी 2006 से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय था। अपने साथियों के साथ मिलकर जनपद मुजफ्फरनगर एवं आसपास के क्षेत्र में हत्या, डकैती, लूट, जैसी कई सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम दिया था।
इनाम घोषित होने के ढाई माह बाद ढेर
आरोपी के खिलाफ अकेले 28 मुकदमे मुजफ्फरनगर, आठ शामली, दो हरिद्वार, एक बागपत, एक बुलंदशहर में दर्ज है। सभी जिलों की पुलिस को बदमाश की तलाश थी। आरोपी मुजफ्फरनगर में दर्ज कर मुकदमें वांछित एवं फरार चल रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी पर अपर पुलिस महानिदेशक (मेरठ जोन) मेरठ की ओर से इसी साल 30 मार्च को एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी के साथ ही संदीप पर 50 हजार का इनाम अप्रैल 2025 को घोषित किया था। वहीं विनोद गडरिया के गैंग के 12 सदस्यों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ और पुलिस की टीम में काफी समय से लगी थी। मगर हर बार आरोपी चकमा देकर भाग निकलता था। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना करीब चार माह पहले भी पुलिस के साथ विनोद गैंग की मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में गैंग का एक सदस्य अजयपाल उर्फ अजयवीर ढेर हुआ था। इस दौरान विनोद गिरोह के कई अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि आरोपी विनोद गडरिया अपने साथियों के साथ फरार होने में कामयाब रहा था।
मुठभेड़ के दौरान फरार आरोपी की तलाश जारी
विनोद मुठभेड़ से पूर्व अनूपशहर जाने वाले मार्ग पर किसी से मिलने आया था। इसी दौरान एसटीफ अनूपशहर मार्ग पर चेकिंग शुरू की। जहां बाइक पर दो व्यक्ति आते दिखाई दिए थे। रोकने की कोशिश करने पर आरोपी तेजी से बाइक बढ़ाते हुए एसटीएफ की टीम पर जान से मारने की नियत से अंधा-धुंध फायरिंग करते भागने लगे थे। पीछा करने पर बदमाशों की बाइक फिसलकर गई थी।
बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग में एक गोली उपनिरीक्षक केशव शांडिल्य द्वारा पहनी बुलटप्रूफ जैकेट में लगी। साथ ही कांस्टेबल सुमित, अनुज घायल हुए थे। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जवाबी कार्रवाई में विनोद गोली लगने से घायल हुआ था। बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया था। पुलिस मौके से भागे बदमाश की तलाश कर रही है।
- वर्ष 2006 में मुजफ्फरनगर के थाना रतनपुरी क्षेत्र में एक बस परिचालक का पैसों से भरा थैला लूट था।
- वर्ष 2006 में मुजफ्फरनगर में थाना बुढ़ाना क्षेत्र में एक घर में घुसकर जेवर व नकदी लूटने के दौरान किरायेदार राजकुमार की हत्या कर दी थी।
- वर्ष 2011 में शामली के थाना बाबरी क्षेत्र में विद्युत उप संस्थान के कंट्रोल रूप के पैनल के केबल प्लेट खोलकर 100 केजी कॉपर का केबल लूटा था।
- वर्ष 2012 में शामली के शामली कोतवाली क्षेत्र में डकैती के दौरान सोने, चांदी के जेवर एवं दो लाख रुपये कैश लूटा था।
- वर्ष 2012 में मुजफ्फरनगर के थाना रतनपुरी में एक व्यक्ति को बंधक बनाकर निजानंद आश्रम रतनपुरी से पूजा के आभूषण, जुगल जोड़ी और तीन लाख रुपये नकदी लूटी थी।
- 21 जुलाई 2024 को मुजफ्फरनगर के थाना ककरोली क्षेत्र में एक मकान में घुसकर सोने, चांदी के जेलर एवं नकदी लूटी थी।
- 16 नवंबर 2024 को मुजफ्फरनगर के थाना मंसूरपुर क्षेत्र में एक परिवार को गन पाइंट पर लेकर सोने-चांदी के जेवर और नकद लूटी थी।
- 20 नवंबर 2024 को मुजफ्फरनगर के थाना शाहपुर क्षेत्र में एक मकान में घुसकर सोने, चांदी के जेवर और एक लाख रुपये की नकदी लूटी थी। -वर्ष-2025 को मुजफ्फरनगर के थाना रतनपुरी क्षेत्र में सोने, चांदी के जेवर एवं नकदी लूटी थी।