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कठुआ दरिंदगी को जानबूझकर-Udhampur
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:27 AM IST
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कठुआ दरिंदगी को जानबूझकर
धार्मिक रंग देने का आरोप
क्रासर -
- प्रगतिशील महिला संगठन ने ग्राउंड जांच रिपोर्ट के आधार पर किया दावा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रगतिशील महिला संगठन ने आरोप लगाया है कि कठुआ दरिंदगी मामले में पुलिस प्रशासन आरोपियों को बचाने में जुटा है। इसी के चलते साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई। संगठन का दावा है कि आरोपियों को बचाने के लिए ही इसे हिंदू बनाम बकरवाल बनाया गया। संगठन ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। संगठन ने वैज्ञानिक तरीके से सबूतों को एकत्रित करने, फारेस्ट राइट एक्ट व पॉक्सो एक्ट जम्मू कश्मीर में भी अधिसूचित करने की मांग रखी है।
संगठन ने शनिवार को दिल्ली में अपनी जांच रिपोर्ट जारी की। दावा है कि संगठन के सदस्यों ने 18 और 19 मार्च को कठुआ जाकर जांच की। संगठन की महासचिव पूनम कौशिक के मुताबिक, जांच टीम ने पीड़ित परिवार, आरोपी के परिजनों, रसाना गांव के लोगों से भी पूरे मामले पर बात की है। मामला पूर्व नियोजित था या नहीं, यह कहना अभी सही नहीं है, लेकिन सबूतों से छेड़छाड़ की गई है। इस मामले में राजनीतिक दलों का दखल महिलाओं के अधिकारों का हनन है।
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धार्मिक रंग देने का आरोप
क्रासर -
- प्रगतिशील महिला संगठन ने ग्राउंड जांच रिपोर्ट के आधार पर किया दावा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रगतिशील महिला संगठन ने आरोप लगाया है कि कठुआ दरिंदगी मामले में पुलिस प्रशासन आरोपियों को बचाने में जुटा है। इसी के चलते साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई। संगठन का दावा है कि आरोपियों को बचाने के लिए ही इसे हिंदू बनाम बकरवाल बनाया गया। संगठन ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। संगठन ने वैज्ञानिक तरीके से सबूतों को एकत्रित करने, फारेस्ट राइट एक्ट व पॉक्सो एक्ट जम्मू कश्मीर में भी अधिसूचित करने की मांग रखी है।
संगठन ने शनिवार को दिल्ली में अपनी जांच रिपोर्ट जारी की। दावा है कि संगठन के सदस्यों ने 18 और 19 मार्च को कठुआ जाकर जांच की। संगठन की महासचिव पूनम कौशिक के मुताबिक, जांच टीम ने पीड़ित परिवार, आरोपी के परिजनों, रसाना गांव के लोगों से भी पूरे मामले पर बात की है। मामला पूर्व नियोजित था या नहीं, यह कहना अभी सही नहीं है, लेकिन सबूतों से छेड़छाड़ की गई है। इस मामले में राजनीतिक दलों का दखल महिलाओं के अधिकारों का हनन है।
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