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अपडेट - आईवीआरआई के पूर्व डायरेक्टर
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आईवीआरआई के पूर्व एक्टिंग डायरेक्टर नागेंद्र शर्मा को सजा
- नियुक्तियों में भ्रष्टाचार में रजिस्ट्रार को भी एक साल की कैद
- शेरे कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय जम्मू का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली/जम्मू। आईवीआरआई के पूर्व एक्टिंग डायरेक्टर रहे शेरे कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय (स्कास्ट) जम्मू के पूर्व वाइस चांसलर नागेंद्र शर्मा और पूर्व रजिस्ट्रार अशोक कुमार कौल को कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई। दोनों पर नियुक्तियों में भ्रष्टाचार का केस चल रहा था। एंटी करप्शन कोर्ट के स्पेशल जज वाईपी बौर्ने ने मंगलवार को इस मामले से जुड़ी याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया। आरोप है कि दोनों ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर अवैध रूप से नियुक्तियां कीं।
आईवीआरआई पूर्व एक्टिंग डायरेक्टर रहे नागेंद्र शर्मा वर्ष 2005 से 2008 तक स्कास्ट जम्मू के वीसी रहे हैं। नागेंद्र शर्मा बरेली में आईवीआरआई रोड इज्जतनगर की शिवनगर कॉलोनी निवासी हैं। वर्तमान में वह जम्मू के पलौड़ा में रहते हैं। दोनों पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले के अन्य आरोपी तत्कालीन एस्टेट आफिसर इकबाल सिंह, कंट्रोलर विजय कुमार और लाभ लेने वाले विशाल टंडन, विनायक विक्रम, नरिंद्र कुमार रैना, अंकुर शर्मा सहित अन्य दो लाभार्थियों को आरोपों से मुक्त कर दिया। विजिलेंस के पास यह केस दर्ज हुआ था। जांच में यह पाया गया कि नागेंद्र शर्मा ने रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर विभिन्न पदों पर नियुक्तियां कीं। कई को अस्थायी से स्थायी कर दिया। रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की गई। जो पद थे ही नहीं, उन पर नियुक्ति कर दी गईं। नियुक्तियों के लिए अतिरिक्त पद बढ़ाए गए।
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- नियुक्तियों में भ्रष्टाचार में रजिस्ट्रार को भी एक साल की कैद
- शेरे कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय जम्मू का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली/जम्मू। आईवीआरआई के पूर्व एक्टिंग डायरेक्टर रहे शेरे कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय (स्कास्ट) जम्मू के पूर्व वाइस चांसलर नागेंद्र शर्मा और पूर्व रजिस्ट्रार अशोक कुमार कौल को कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई। दोनों पर नियुक्तियों में भ्रष्टाचार का केस चल रहा था। एंटी करप्शन कोर्ट के स्पेशल जज वाईपी बौर्ने ने मंगलवार को इस मामले से जुड़ी याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया। आरोप है कि दोनों ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर अवैध रूप से नियुक्तियां कीं।
आईवीआरआई पूर्व एक्टिंग डायरेक्टर रहे नागेंद्र शर्मा वर्ष 2005 से 2008 तक स्कास्ट जम्मू के वीसी रहे हैं। नागेंद्र शर्मा बरेली में आईवीआरआई रोड इज्जतनगर की शिवनगर कॉलोनी निवासी हैं। वर्तमान में वह जम्मू के पलौड़ा में रहते हैं। दोनों पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले के अन्य आरोपी तत्कालीन एस्टेट आफिसर इकबाल सिंह, कंट्रोलर विजय कुमार और लाभ लेने वाले विशाल टंडन, विनायक विक्रम, नरिंद्र कुमार रैना, अंकुर शर्मा सहित अन्य दो लाभार्थियों को आरोपों से मुक्त कर दिया। विजिलेंस के पास यह केस दर्ज हुआ था। जांच में यह पाया गया कि नागेंद्र शर्मा ने रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर विभिन्न पदों पर नियुक्तियां कीं। कई को अस्थायी से स्थायी कर दिया। रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की गई। जो पद थे ही नहीं, उन पर नियुक्ति कर दी गईं। नियुक्तियों के लिए अतिरिक्त पद बढ़ाए गए।
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