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ईएसआई की दवाईयां बेची जा रही थीं बाहर
Updated Sat, 01 Dec 2018 07:08 AM IST
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ईएसआई की दवाइयां बाहर
बेचने में फार्मासिस्ट धरा
- दूसरे को पैकेट सौंपते समय रंगेहाथ पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की डिस्पेंसरियों की दवाइयां बाजार में बेचने वाले फार्मासिस्ट और खरीदार को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब सवा दो लाख रुपये कीमत की दवाइयां बरामद की गई हैं।
अपराध शाखा के डीसीपी डॉ. जी रामगोपाल नायक ने बताया कि इंस्पेक्टर कैलाश चंदर को मिली सूचना के बाद उनकी देखरेख में एसआई नागेंद्र सिंह और चंदन कुमार की विशेष टीम बनाई गई। टीम ने ग्रीनफील्ड कॉलोनी, फरीदाबाद निवासी चंद्रप्रकाश (33) और बदरपुर, दिल्ली निवासी प्रवीण मांगला (40) को दवाइयों को आदान-प्रदान करते हुए बृहस्पतिवार को रेड लाइट, लाल कुआं, बदरपुर से रंगेहाथ पकड़ लिया। चंदप्रकाश ओखला स्थित ईएसआई अस्पताल में फार्मासिस्ट है। वह मांगला को ईएसआई की दवाइयों की खेप देने गया था। मूल रूप से पाली, राजस्थान के रहने वाले चंद्रप्रकाश ने सवाई मानसिंह कॉलेज, जयपुर से फार्मेसी में डिप्लोमा किया था। वर्ष 2008 में उसने मुंबई में निजी कंपनी में काम किया। उसकी नियुक्ति में दिल्ली में ईएसआई अस्पताल में फार्मासिस्ट के रूप में हुई थी। फिलहाल उसकी तैनाती ओखला डिस्पेंसरी में थी। वह डिस्पेंसरी से दवाइयां निकालकर बेचता था।
उधर, हरियाणा के पलवल निवासी प्रवीण का परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया था। वह दवाइयों की दुकान पर सेल्समैन था। इसके बाद इसने भागीरथ पैलेस में अपनी दवाईयों की दुकान शुरू की, मगर व्यवसाय सफल नहीं हुआ। बाद में वह चंद्रप्रकाश के संपर्क में आया और उससे दवाईयां लेकर बाजार में बेचने लगा। आरोपियों से अलग-अलग तरह की दवाइयों के 87 पैकेट बरामद हुए हैं। इन सभी पर ईएसआई सप्लाई, नॉट फॉर सेल लिखा है। बरामद दवाइयों की कीमत करीब 2.25 लाख रुपये बताई जा रही है।
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बेचने में फार्मासिस्ट धरा
- दूसरे को पैकेट सौंपते समय रंगेहाथ पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की डिस्पेंसरियों की दवाइयां बाजार में बेचने वाले फार्मासिस्ट और खरीदार को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब सवा दो लाख रुपये कीमत की दवाइयां बरामद की गई हैं।
अपराध शाखा के डीसीपी डॉ. जी रामगोपाल नायक ने बताया कि इंस्पेक्टर कैलाश चंदर को मिली सूचना के बाद उनकी देखरेख में एसआई नागेंद्र सिंह और चंदन कुमार की विशेष टीम बनाई गई। टीम ने ग्रीनफील्ड कॉलोनी, फरीदाबाद निवासी चंद्रप्रकाश (33) और बदरपुर, दिल्ली निवासी प्रवीण मांगला (40) को दवाइयों को आदान-प्रदान करते हुए बृहस्पतिवार को रेड लाइट, लाल कुआं, बदरपुर से रंगेहाथ पकड़ लिया। चंदप्रकाश ओखला स्थित ईएसआई अस्पताल में फार्मासिस्ट है। वह मांगला को ईएसआई की दवाइयों की खेप देने गया था। मूल रूप से पाली, राजस्थान के रहने वाले चंद्रप्रकाश ने सवाई मानसिंह कॉलेज, जयपुर से फार्मेसी में डिप्लोमा किया था। वर्ष 2008 में उसने मुंबई में निजी कंपनी में काम किया। उसकी नियुक्ति में दिल्ली में ईएसआई अस्पताल में फार्मासिस्ट के रूप में हुई थी। फिलहाल उसकी तैनाती ओखला डिस्पेंसरी में थी। वह डिस्पेंसरी से दवाइयां निकालकर बेचता था।
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उधर, हरियाणा के पलवल निवासी प्रवीण का परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया था। वह दवाइयों की दुकान पर सेल्समैन था। इसके बाद इसने भागीरथ पैलेस में अपनी दवाईयों की दुकान शुरू की, मगर व्यवसाय सफल नहीं हुआ। बाद में वह चंद्रप्रकाश के संपर्क में आया और उससे दवाईयां लेकर बाजार में बेचने लगा। आरोपियों से अलग-अलग तरह की दवाइयों के 87 पैकेट बरामद हुए हैं। इन सभी पर ईएसआई सप्लाई, नॉट फॉर सेल लिखा है। बरामद दवाइयों की कीमत करीब 2.25 लाख रुपये बताई जा रही है।
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