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पूर्व करनल व एडीएम विवाद
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:04 AM IST
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सीओ और इंस्पेक्टर बर्खास्त नहीं तो हस्ताक्षर अभियान
पूर्व सैन्य अधिकारियों ने बैठक कर लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। पूर्व कर्नल को एडीएम की पत्नी से छेड़छाड़ के झूठे मामले में गिरफ्तार करने पर सीओ और इंस्पेक्टर का गैर-जनपद में तबादला तो हो गया है, मगर पूर्व सैन्य अधिकारी अभी भी दोनों अधिकारियों की बर्खास्तगी और एडीएम की गिरफ्तारी को लेकर अडे़ हुए हैं। सोमवार शाम को अरुण विहार क्लब में पूर्व सैन्य अधिकारियों ने बैठक की और निर्णय लिया कि अगर मंगलवार शाम तक कोई कार्रवाई न हुई, तो बुधवार से हस्ताक्षर अभियान शुरू कर देंगे। उधर, बुधवार को सीएम कार्यालय से भी बुलावा आ सकता है।
दरअसल, सेक्टर-29 में पूर्व कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान के खिलाफ 14 अगस्त को एडीएम की पत्नी की ओर से छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आनन-फानन में पूर्व कर्नल को गिरफ्तार कर हथकड़ी के साथ अदालत में पेश किया था। इस मामले को अमर उजाला ने उठाया और पुलिस-प्रशासन के अलावा शासन के हरकत में आते ही पूर्व कर्नल को जमानत मिल गई।
उधर, पूर्व कर्नल की ओर से एडीएम समेत 7 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में तत्कालीन सीओ और इंस्पेक्टर का दो-दो बार तबादला हो चुका है और चौकी इंचार्ज व सिपाही को भी निलंबित कर दिया गया है, मगर पूर्व सैन्य अधिकारी अभी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।
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पूर्व कर्नल शशि वैद्य ने बताया कि शुरू से ही उनकी मांग सीओ और इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने और एडीएम समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की थी। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन दोनों अफसरों को बचाने के लिए तबादला कर रहा है।
साथ में पूर्व कर्नल पर लगाए गए सभी चार्ज को हटाने की मांग रखी गई है। इसी संबंध में सोमवार शाम को अरुण विहार क्लब में बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि अगर मंगलवार शाम तक सीओ और इंस्पेक्टर को शासन ने बर्खास्त नहीं किया और एडीएम समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो बुधवार से हस्ताक्षर अभियान शहीद स्मारक से शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से रविवार को बुलावा आया था, लेकिन कम समय होने के कारण वहां नहीं जा पाए। उम्मीद है कि बुधवार को उनका फिर से बुलावा आ जाए तो उनके समक्ष पूरी बात रखी जाएगी।
एसपी क्राइम ने दिया न्याय का आश्वासन
पुलिस अधीक्षक (अपराध) अशोक कुमार सिंह ने सोमवार शाम को पूर्व कर्नल और उनके परिवार के अलावा अन्य लोगों से बातचीत की। उन्होंने साक्ष्य समेत अन्य मुद्दों को लेकर गहन चर्चा करते हुए आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।
युवक के बयान दर्ज
पूर्व कर्नल के साथ बेवजह गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों के बयान के लिए सोमवार को पूर्व कर्नल सेक्टर-20 थाने पहुंचे और एससी/एसटी से ताल्लुक रखने वाले सहयोगी के बयान दर्ज कराए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चूंकि उनके घर पर रहने वाला युवक एससी/एसटी जाति से ताल्लुक रखता है और उस पर भी हरिजन एक्ट लगाया गया था, इसलिए उसके बयान कराए गए हैं।
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पूर्व सैन्य अधिकारियों ने बैठक कर लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। पूर्व कर्नल को एडीएम की पत्नी से छेड़छाड़ के झूठे मामले में गिरफ्तार करने पर सीओ और इंस्पेक्टर का गैर-जनपद में तबादला तो हो गया है, मगर पूर्व सैन्य अधिकारी अभी भी दोनों अधिकारियों की बर्खास्तगी और एडीएम की गिरफ्तारी को लेकर अडे़ हुए हैं। सोमवार शाम को अरुण विहार क्लब में पूर्व सैन्य अधिकारियों ने बैठक की और निर्णय लिया कि अगर मंगलवार शाम तक कोई कार्रवाई न हुई, तो बुधवार से हस्ताक्षर अभियान शुरू कर देंगे। उधर, बुधवार को सीएम कार्यालय से भी बुलावा आ सकता है।
दरअसल, सेक्टर-29 में पूर्व कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान के खिलाफ 14 अगस्त को एडीएम की पत्नी की ओर से छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आनन-फानन में पूर्व कर्नल को गिरफ्तार कर हथकड़ी के साथ अदालत में पेश किया था। इस मामले को अमर उजाला ने उठाया और पुलिस-प्रशासन के अलावा शासन के हरकत में आते ही पूर्व कर्नल को जमानत मिल गई।
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उधर, पूर्व कर्नल की ओर से एडीएम समेत 7 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में तत्कालीन सीओ और इंस्पेक्टर का दो-दो बार तबादला हो चुका है और चौकी इंचार्ज व सिपाही को भी निलंबित कर दिया गया है, मगर पूर्व सैन्य अधिकारी अभी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।
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पूर्व कर्नल शशि वैद्य ने बताया कि शुरू से ही उनकी मांग सीओ और इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने और एडीएम समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की थी। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन दोनों अफसरों को बचाने के लिए तबादला कर रहा है।
साथ में पूर्व कर्नल पर लगाए गए सभी चार्ज को हटाने की मांग रखी गई है। इसी संबंध में सोमवार शाम को अरुण विहार क्लब में बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि अगर मंगलवार शाम तक सीओ और इंस्पेक्टर को शासन ने बर्खास्त नहीं किया और एडीएम समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो बुधवार से हस्ताक्षर अभियान शहीद स्मारक से शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से रविवार को बुलावा आया था, लेकिन कम समय होने के कारण वहां नहीं जा पाए। उम्मीद है कि बुधवार को उनका फिर से बुलावा आ जाए तो उनके समक्ष पूरी बात रखी जाएगी।
एसपी क्राइम ने दिया न्याय का आश्वासन
पुलिस अधीक्षक (अपराध) अशोक कुमार सिंह ने सोमवार शाम को पूर्व कर्नल और उनके परिवार के अलावा अन्य लोगों से बातचीत की। उन्होंने साक्ष्य समेत अन्य मुद्दों को लेकर गहन चर्चा करते हुए आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।
युवक के बयान दर्ज
पूर्व कर्नल के साथ बेवजह गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों के बयान के लिए सोमवार को पूर्व कर्नल सेक्टर-20 थाने पहुंचे और एससी/एसटी से ताल्लुक रखने वाले सहयोगी के बयान दर्ज कराए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चूंकि उनके घर पर रहने वाला युवक एससी/एसटी जाति से ताल्लुक रखता है और उस पर भी हरिजन एक्ट लगाया गया था, इसलिए उसके बयान कराए गए हैं।