फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   court sends Umar Khalid to Judicial custody after interrogation

दिल्ली दंगा: अदालत ने उमर खालिद को न्यायिक हिरासत में भेजा

Fri, 25 Sep 2020 12:51 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2020 12:51 AM IST
विज्ञापन
court sends Umar Khalid to Judicial custody after interrogation
नई दिल्ली। अदालत ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े यूएपीए केस में पूछताछ के बाद जेएनयू के पूर्व छात्रनेता उमर खालिद को बृहस्पतिवार को 22 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत 13 सितंबर को गिरफ्तार किया था। उमर खालिद पर दंगों की साजिश तथा राजद्रोह का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

दिल्ली पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उमर खालिद को कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष पेश किया। दिल्ली पुलिस ने दस दिन के रिमांड के बाद कोर्ट के समक्ष पेश कर उमर खालिद को न्यायिक हिरासत में भेजने का आग्रह किया। अदालत ने उमर खालिद की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश तिहाड़ जेल प्रशासन को दिया है।
विज्ञापन

कोर्ट के समक्ष उमर खालिद ने कहा कि उसने पुलिस रिमांड में किसी कागज पर दस्तखत नहीं किए हैं। दिल्ली पुलिस ने अपनी एफआईआर में कहा है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा पूर्व सुनियोजित थे और इनकी साजिश उमर खालिद तथा दो अन्य लोगों ने रची थी। दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद पर राजद्रोह, हत्या, हत्या के प्रयास, भड़काऊ भाषण देने तथा दंगा फैलाने का आरोप लगाया है। - एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं प्रसिद्ध लेखक नोम चौमस्की और मीरा नायर समेत 200 से ज्यादा फिल्मकारों, शिक्षाविदों तथा लेखकों ने एक संयुक्त बयान जारी कर उमर खालिद को रिहा करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया है। दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को दिल्ली दंगों की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस बयान पर चौमस्की और नायर के अलावा रत्ना पाठक शाह, लेखक अमिताव घोष, सलमान रुशदी व अरुंधति रॉय ने हस्ताक्षर किए हैं।

इस बयान में कहा गया है कि हम भारत सरकार से उमर खालिद समेत उन सभी को छोड़ने का आह्वान करते हैं जिन्हें सीएए का विरोध करने पर झूठे आरोपों में फंसाकर जेल में डाला गया है। हम यह भी आग्रह करते हैं दिल्ली पुलिस संविधान के तहत लोक सेवक के रूप में ली गई शपथ के अनुसार निष्पक्षता से दंगों की जांच करे। -एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed