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ध्वस्तीकरण: नोएडा में ट्विन टावर से निकलेगा 13.35 करोड़ रुपये का मलबा, विस्फोटक से गिराई जाएगी इमारत

Tue, 08 Feb 2022 01:51 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Tue, 08 Feb 2022 01:51 AM IST
सार

विशेषज्ञों की मानें तो ध्वस्तीकरण के बाद मौके पर काफी धूल होगी। सुरक्षित धमाके के साथ ही इसका भी ध्यान रखा जाएगा कि आसपास रहने वाले अन्य लोगों को सांस लेने में दिक्कत न हो। इस स्थिति से निपटने के लिए आसपास रहने वाले लोगों को कुछ दिन के लिए शिफ्ट भी किया जा सकता है।

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Countdown for demolition will start again Debris worth Rs 13.35 crore will come out from Twin Towers
ट्विन टावर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के सोमवार के आदेश के बाद ट्विन टावर ध्वस्तीकरण की स्थिति अब पूरी तरह से साफ होने लगी है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि दो सप्ताह में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करनी होगी। उधर, आदेश से पहले ही प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी ने इस मामले में बुधवार को सभी संबंधित विभागों की बैठक बुलाई है। सुपरटेक ने भी इमारत ध्वस्त करने वाली मुंबई की कंपनी एडिफिस को 70 लाख रुपये का चेक एडवांस पेमेंट के रूप में दिया है। कंपनी का कहना है कि मंगलवार तक चेक क्लियर होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।

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माहेश्वरी ने बताया कि ट्विन टावर को ध्वस्त करने से पूर्व उन्होंने संबंधित सभी विभागों की बुधवार दोपहर 12 बजे बैठक बुलाई है। सुप्रीम कोर्ट ने भी सोमवार को आदेश में यह कहा है कि 72 घंटे के अंदर सीईओ की अध्यक्षता में बैठक होनी चाहिए, हालांकि हम इससे पहले ही बैठक की तारीख फाइनल कर चुके हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दो सप्ताह में ट्विन टावर विध्वंस किया जाना है, यह गलत है। सुपरटेक ने छह महीने की अदालती वार्ता में कार्ययोजना प्रस्तुत की है। जिसमें साढ़े तीन महीने विध्वंस का समय है। वह समय 22 जनवरी से शुरू हो चुका है। उस तारीख से साढ़े तीन महीने में काम पूरा किया जाना है। वहीं एडिफिस के इंजीनियर उत्कर्ष मेहता ने बताया कि सुपरटेक ने कार्य शुरू करने के लिए एडवांस के तौर पर 70 लाख का एक चेक दिया है। उम्मीद है कि यह अग्रिम भुगतान मंगलवार तक कंपनी के खाते में आ जाएगी। इसके बाद कंपनी उपकरण, मशीनें और इंजीनियरों को साइट पर भेजना शुरू कर देगी।
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मलबा देकर भी बिल्डर को देने होंगे 4.20 करोड़
सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि ट्विन टावर को तोड़ने में जो भी खर्च आएगा, उसे भी बिल्डर कंपनी को ही वहन करना होगा। पता चला है कि दोनों टावर तोड़ने के लिए मुंबई की एडिफिस एजेंसी करीब 17.55 करोड़ रुपये सुपरटेक बिल्डर से लेगी। इसमें करीब 13.35 करोड़ रुपये का मलबा निकलेगा। ऐसे में बिल्डर कंपनी एडिफिस को करीब 4.20 करोड़ रुपये का भी भुगतान करेगी।
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100 करोड़ से ज्यादा का बीमा कराएगी एडिफिस
अवैध करार दिए जा चुके यह ट्विन टावर को ध्वस्त करने के लिए मुंबई की एडिफिस कंपनी से बिल्डर कंपनी से करार किया है। विस्फोटक लगाकर इमारत को गिराया जाएगा। इस दौरान जोखिम की आशंका भी एक पहलू है। विशेष रूप से सुपरटेक का टावर संख्या-1 और एटीएस विलेज ट्विन टावर के सबसे पास है। विस्फोट के दौरान इन दोनों टावर को नुकसान हो सकता है। इसको देखते हुए एडिफिस एजेंसी 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का बीमा करवाएगी। इस जोखिम में अगर किसी इमारत में नुकसान होता है या कोई दुर्घटना होती है तो वो कवर होगी। वहीं पिछले दिनों हुए प्रजेंटेशन में एडिफिस कंपनी ने बताया कि किस तरह कंट्रोल ब्लास्ट से दोनों टावर को तोड़ते हुए झरने की तरह खाली जगह में गिराया जाएगा। विशेषज्ञों की देखरेख में 90 दिन में विस्फोटक लगाया जाएगा।
 

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