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Noida News: मुख्तारनामा की जांच पूरी नहीं कर सकी तीनों तहसील
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मुख्तारनामा की जांच पूरी नहीं कर सकीं तीनों तहसीलें
-शासन के आदेश पर एसआईटी कर रही है मुख्तारनामों के घोटाले की जांच
-जिले के करीब 11 हजार मुख्तारनामों की होनी हैं जांच, मेरठ कमिश्नर ने लगाई फटकार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले की तीनों तहसील के अफसर अब तक मुख्तारनामों की जांच पूरी नहीं कर सके हैं। जबकि जांच पूरी करने का समय निकल चुका है। अब मेरठ कमिश्नर ने ऑनलाइन बैठक कर प्रशासनिक अफसरों से जांच पूरी नहीं होने पर जवाब मांगा और फटकार लगाते हुए तत्काल जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण एसआईटी की जांच लंबित हैं।
प्रदेश सरकार ने जनवरी माह में गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में मुख्तारनामा पर रोक लगा दी थी। सरकार ने फर्जी मुख्तारनामा का मामला संज्ञान में आने पर यह कदम उठाया था। साथ ही एसआईटी गठित कर जांच सौंपी थी। गौतमबुद्ध नगर में 11 हजार मुख्तारनामों को संदिग्ध माना गया है। एसआईटी ने तीनों तहसील से मुख्तारनामों की जांच कर रिपोर्ट मांगी है, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। हाल ही में मेरठ कमिश्नर ने ऑनलाइन बैठक कर प्रशासनिक अफसरों से जांच के बारे में जानकारी ली। जहां अफसरों ने जांच रिपोर्ट तैयार नहीं होने का हवाला दिया। बैठक के बाद अफसरों ने तीनों तहसील के एसडीएम को मुख्तारनामा की जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। ताकि एसआईटी को जांच रिपोर्ट भेजी जा सके।
जिले के कई सब रजिस्ट्रार को जारी हो चुके हैं आरोप पत्र
जांच के दौरान एसआईटी जिले के कई सब रजिस्ट्रार को आरोप पत्र जारी कर चुकी है। जिन पर संबंधित सब रजिस्ट्रार का जवाब मांगा गया है। इन जवाब को भी जांच में शामिल किया गया है। आरोप पत्र जारी होने के बाद सब रजिस्ट्रारों में खलबली मच गई थी, लेकिन पिछले कुछ दिन से जांच धीमी होने के कारण मामला शांत हो गया है। वहीं, जिले में अब भी मुख्तारनामा पर रोक है।
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-शासन के आदेश पर एसआईटी कर रही है मुख्तारनामों के घोटाले की जांच
-जिले के करीब 11 हजार मुख्तारनामों की होनी हैं जांच, मेरठ कमिश्नर ने लगाई फटकार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले की तीनों तहसील के अफसर अब तक मुख्तारनामों की जांच पूरी नहीं कर सके हैं। जबकि जांच पूरी करने का समय निकल चुका है। अब मेरठ कमिश्नर ने ऑनलाइन बैठक कर प्रशासनिक अफसरों से जांच पूरी नहीं होने पर जवाब मांगा और फटकार लगाते हुए तत्काल जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण एसआईटी की जांच लंबित हैं।
प्रदेश सरकार ने जनवरी माह में गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में मुख्तारनामा पर रोक लगा दी थी। सरकार ने फर्जी मुख्तारनामा का मामला संज्ञान में आने पर यह कदम उठाया था। साथ ही एसआईटी गठित कर जांच सौंपी थी। गौतमबुद्ध नगर में 11 हजार मुख्तारनामों को संदिग्ध माना गया है। एसआईटी ने तीनों तहसील से मुख्तारनामों की जांच कर रिपोर्ट मांगी है, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। हाल ही में मेरठ कमिश्नर ने ऑनलाइन बैठक कर प्रशासनिक अफसरों से जांच के बारे में जानकारी ली। जहां अफसरों ने जांच रिपोर्ट तैयार नहीं होने का हवाला दिया। बैठक के बाद अफसरों ने तीनों तहसील के एसडीएम को मुख्तारनामा की जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। ताकि एसआईटी को जांच रिपोर्ट भेजी जा सके।
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जिले के कई सब रजिस्ट्रार को जारी हो चुके हैं आरोप पत्र
जांच के दौरान एसआईटी जिले के कई सब रजिस्ट्रार को आरोप पत्र जारी कर चुकी है। जिन पर संबंधित सब रजिस्ट्रार का जवाब मांगा गया है। इन जवाब को भी जांच में शामिल किया गया है। आरोप पत्र जारी होने के बाद सब रजिस्ट्रारों में खलबली मच गई थी, लेकिन पिछले कुछ दिन से जांच धीमी होने के कारण मामला शांत हो गया है। वहीं, जिले में अब भी मुख्तारनामा पर रोक है।
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