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यूपी: सिपाही ने सरकारी मकान आवंटित कराने के नाम पर साथी पुलिसकर्मियों को ठगा, जांच में जुटी पुलिस
Mon, 08 Feb 2021 10:30 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 08 Feb 2021 10:30 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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बड़े बाबू कार्यालय में तैनात रहे एक सिपाही ने सरकारी मकान आवंटित कराने के नाम पर आधे दर्जन पुलिसकर्मियों से ही ठगी कर ली। जब कई महीनों के बाद पुलिसकर्मियों को सरकारी आवास नहीं मिला, तब इस मामले की शिकायत एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से की गई।
यह मामला करीब छह महीने महीने पुराना है। सोमवार को इस मामले में कई पुलिसकर्मियों ने अपना बयान दर्ज कराया है। कमिश्नरेट बनने से पहले एसएसपी ऑफिस में बड़ा बाबू कार्यालय में तैनात सिपाही कपिल बालियान यह आरोप लगा है।
आरोप के मुताबिक उक्त सिपाही ने पुलिस लाइन समेत अन्य स्थानों पर पुलिस क्वार्टर आवंटित कराने के नाम पर कई पुलिसकर्मियों से मोटी रकम वसूली। आरोप है कि आरोपी सिपाही अधिकारियों से नजदीकी होने की दुहाई देकर इस तरह की ठगी की है।
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कई महीने बीत जाने के बाद जब पुलिसकर्मियों को मकान आवंटित नहीं हुआ तो यातायात पुलिस में तैनात एक सिपाही इस मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की। इसके बाद महकमे में हलचल मच गई और जांच शुरू की गई।
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यह मामला करीब छह महीने महीने पुराना है। सोमवार को इस मामले में कई पुलिसकर्मियों ने अपना बयान दर्ज कराया है। कमिश्नरेट बनने से पहले एसएसपी ऑफिस में बड़ा बाबू कार्यालय में तैनात सिपाही कपिल बालियान यह आरोप लगा है।
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आरोप के मुताबिक उक्त सिपाही ने पुलिस लाइन समेत अन्य स्थानों पर पुलिस क्वार्टर आवंटित कराने के नाम पर कई पुलिसकर्मियों से मोटी रकम वसूली। आरोप है कि आरोपी सिपाही अधिकारियों से नजदीकी होने की दुहाई देकर इस तरह की ठगी की है।
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कई महीने बीत जाने के बाद जब पुलिसकर्मियों को मकान आवंटित नहीं हुआ तो यातायात पुलिस में तैनात एक सिपाही इस मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की। इसके बाद महकमे में हलचल मच गई और जांच शुरू की गई।
अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय श्रीपर्णा गांगुली ने बताया कि यह मामला कमिश्नरेट बनने से पहले का है। जब आरोपी सिपाही बड़े बाबू कार्यालय में तैनात था। कमिश्नरेट बनने के कुछ महीने के बाद यह मामला संज्ञान में आया तो आरोपी सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया था और उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा रही है। इसमें सिपाही की बर्खास्तगी तक हो सकती है।
आवास आवंटित करने के लिए कमिटी: सीपी
पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों को सरकारी आवास आवंटित करने के लिए कमियनरेट में एक कमिटी काम करती है। इस कमिटी के अध्यक्ष डीआईजी नितीन तिवारी हैं। इनके साथ दो अन्य वरिष्ठï पुलिस अधिकारी शामिल हैं। जिस सिपाही पर यह आरोप लगा है वह इस कमिटी में किसी तरह से नहीं जुड़ा हुआ है।
आवास आवंटित करने के लिए कमिटी: सीपी
पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों को सरकारी आवास आवंटित करने के लिए कमियनरेट में एक कमिटी काम करती है। इस कमिटी के अध्यक्ष डीआईजी नितीन तिवारी हैं। इनके साथ दो अन्य वरिष्ठï पुलिस अधिकारी शामिल हैं। जिस सिपाही पर यह आरोप लगा है वह इस कमिटी में किसी तरह से नहीं जुड़ा हुआ है।