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Noida News: रावण को मानते हैं आदर्श, 61 सालों से नहीं फूंका पुतला

Thu, 02 Oct 2025 12:05 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Thu, 02 Oct 2025 12:05 AM IST
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Consider Ravana as an idol, haven't burnt his effigy for 61 years
 01जेएनडी04 : कृष्ण मुरारी
जींद। दशहरे का पर्व देशभर में रावण का पुतला दहन कर धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं इसके विपरीत सन 1964 से रामलीला कर रहे जींद के लोको रामलीला क्लब ने आज तक रावण का पुतला नहीं फूंका है। इस क्लब से जुड़े लोग रावन को आदर्श मानते हैं और उनकी बुराइयों को भूलकर उनकी अच्छाइयों को अपनाने का संदेश देते हैं।
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क्लब से जुड़े पुराने लोगों का मानना है कि रावण बहुत ज्ञानी, विद्वान, शिवभक्त और महान तपस्वी था। जिसे बुराई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इस रामलीला को लेकर कलाकार करीब एक महीने तक तैयारियां करते है। रामलीला में कई कलाकार तो सरकारी नौकरी करते है जो रात को किरदार निभाते है और सुबह अपनी ड्यूटी करते है। लोको रामलीला क्लब की रामायण में अंतिम दिन राम-रावण युद्ध का दृश्य दिखाकर लीला का समापन कर दिया जाता है।
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रामलीला के डायरेक्टर रहे 82 वर्षीय कृष्ण मुरारी बताते है कि उन्होंने लोको में एक मंदिर में रामलीला का मंचन करने की शुरूआत की थी। बाद में उन्होंने रामलीला के लिए स्थाई जगह बना ली जहां आज तक रामलीला का मंचन हो रहा है।
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उन्होंने कभी रावण दहन नहीं किया क्योंकि जिस तरह से रावण का किरदार पेश किया जाता है। रावण ऐसा नहीं था, वह ज्ञानी और विद्वान था वह महान शिव भक्त था। उन्होंने अपनी तपस्या से अनेकों सिद्धियां हासिल की थी। उनको सभी वेदों का ज्ञान था लेकिन उसका अंहकार और उसकी गलत इच्छाएं उसकी हार का कारण बनी।

क्लब से जुड़े ने लोग रावण को मानते हैं आदर्श

लोको रामलीला क्लब से जुड़े ने लोगों ने कहा कि हम रावण का पुतला दहन नहीं करते। यह दिखाती है कि रावण को आदर्श मानना सिर्फ उसकी बुराइयों को अपनाना नहीं, बल्कि उसकी अच्छाइयों से प्रेरणा लेना और उसकी गलतियों से सबक सिखना है। उनका क्लब रामलीला को सिर्फ एक उत्सव नहीं बल्कि आत्मचिंतन का माध्यम मानते हैं।

रामलीला का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं
लोको रामलीला क्लब का मानना है कि रामलीला का असली उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शिक्षा का संदेश देना है। भगवान राम के आदर्शों को जीवन में उतारना ही सबसे बड़ी विजय है। क्लब के आयोजक हर बार दर्शकों को यह संदेश देते हैं कि अगर हम अपने भीतर के रावण को खत्म कर पाएं, तभी सच्चे अर्थों में विजय दशमी मनेगी।

 01जेएनडी04 : कृष्ण मुरारी

 01जेएनडी04 : कृष्ण मुरारी

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