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Noida News: रजिस्ट्री न होने पर जिलाधिकारी से लगाई गुहार
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आरोप अधूरी सुविधाओं के बीच फ्लैट की चाबी सौंप दी गई
सुविधाओं की कमी को लेकर डीएम से हस्तक्षेप की करने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
ग्रेनो वेस्ट स्थित महागुन मंत्रा सोसाइटी के निवासियों ने रजिस्ट्री नहीं होने पर मंगलवार को जिलाधिकारी मेधा रूपम से मुलाकात की। उन्होंने गुहार लगाई कि वह रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कराने और सोसाइटी में सुविधाओं की कमी को लेकर हस्तक्षेप करें ताकि निवासियों की परेशानियां कम हो सकें।
निवासी जेपी पांडेय ने बताया कि वर्ष 2014 में धान्या प्रमोटर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित जैन और धीरज जैन ने महागुन मंत्रा प्रोजेक्ट के 550 फ्लैटों की बुकिंग की थी। खरीदारों ने जीवनभर की पूंजी, बैंक लोन लेकर जुलाई 2021 तक स्टांप शुल्क सहित पूरी राशि बिल्डर को अदा कर दी थी। इसके बावजूद बिल्डर ने न तो भवन निर्माण कार्य को पूरा किया और न ही फ्लैट की रजिस्ट्री कराई। अधूरी सुविधाओं के बीच उन्हें फ्लैट की चाबी सौंप दी गई। अब चार साल बाद भी रजिस्ट्री की प्रक्रिया ठप है। प्राधिकरण द्वारा उठाई गई आपत्तियों को बिल्डर ने अभी तक दूर नहीं किया है। बेसमेंट में पानी टपकता है, जिसे कूड़ाघर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एसटीपी ठीक से काम नहीं करता है।
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सुविधाओं की कमी को लेकर डीएम से हस्तक्षेप की करने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
ग्रेनो वेस्ट स्थित महागुन मंत्रा सोसाइटी के निवासियों ने रजिस्ट्री नहीं होने पर मंगलवार को जिलाधिकारी मेधा रूपम से मुलाकात की। उन्होंने गुहार लगाई कि वह रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कराने और सोसाइटी में सुविधाओं की कमी को लेकर हस्तक्षेप करें ताकि निवासियों की परेशानियां कम हो सकें।
निवासी जेपी पांडेय ने बताया कि वर्ष 2014 में धान्या प्रमोटर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित जैन और धीरज जैन ने महागुन मंत्रा प्रोजेक्ट के 550 फ्लैटों की बुकिंग की थी। खरीदारों ने जीवनभर की पूंजी, बैंक लोन लेकर जुलाई 2021 तक स्टांप शुल्क सहित पूरी राशि बिल्डर को अदा कर दी थी। इसके बावजूद बिल्डर ने न तो भवन निर्माण कार्य को पूरा किया और न ही फ्लैट की रजिस्ट्री कराई। अधूरी सुविधाओं के बीच उन्हें फ्लैट की चाबी सौंप दी गई। अब चार साल बाद भी रजिस्ट्री की प्रक्रिया ठप है। प्राधिकरण द्वारा उठाई गई आपत्तियों को बिल्डर ने अभी तक दूर नहीं किया है। बेसमेंट में पानी टपकता है, जिसे कूड़ाघर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एसटीपी ठीक से काम नहीं करता है।
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