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Noida News: जेवर ब्लॉक में कोल्ड वार्ड रहे खाली, भर्ती नहीं हुआ एक भी मरीज
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- मौसम में लगातार उतीर-चढाव के कारण लोग नहीं हुए ज्यादा परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। भीषण गर्मी और लगातार बदलते मौसम के बीच जहां लोगों को लू और गर्मी जनित बीमारियों का डर बना रहा, वहीं इस बार स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों ने राहत देने वाली तस्वीर पेश की है। जेवर ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लू का एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्मी से निपटने के लिए बनाए गए कोल्ड वार्ड भी पूरे समय लगभग खाली रहे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। तेज धूप और गर्मी के बीच कई बार हवा और मौसम में बदलाव होने से तापमान लंबे समय तक एक जैसी स्थिति में नहीं रहा। इसी कारण लोगों को गर्मी से परेशानी तो हुई, लेकिन लू के गंभीर मामलों में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं देखी गई। अस्पतालों में गर्मी से संबंधित शिकायतों के साथ मरीज जरूर पहुंचे। इनमें पेट दर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, डिहाइड्रेशन और लूज मोशन जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं। हालांकि अधिकांश मामलों में मरीजों की स्थिति सामान्य रही और इलाज के बाद उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। गर्मी को देखते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहले से तैयारी कर ली गई थी। मरीजों के लिए कोल्ड वार्ड, पर्याप्त पेयजल, ओआरएस, आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध रखी गई थीं। अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज की जांच कर स्थिति के अनुसार उपचार दिया गया।
- इस बार में मौसम में लगातार उतार-चढाव देखने को मिला है, जिसके चलते गरमी ने लोगों की सेहत पर ज्यादा प्रभाव नहीं डाला है। इसी वजह से इस बार कोल्ड वार्ड में एक भी मरीज की भर्ती नहीं की गई।
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-डॉ. सर्फे जेया, चिकित्सा अधीक्षक, जेवर
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। भीषण गर्मी और लगातार बदलते मौसम के बीच जहां लोगों को लू और गर्मी जनित बीमारियों का डर बना रहा, वहीं इस बार स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों ने राहत देने वाली तस्वीर पेश की है। जेवर ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लू का एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्मी से निपटने के लिए बनाए गए कोल्ड वार्ड भी पूरे समय लगभग खाली रहे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। तेज धूप और गर्मी के बीच कई बार हवा और मौसम में बदलाव होने से तापमान लंबे समय तक एक जैसी स्थिति में नहीं रहा। इसी कारण लोगों को गर्मी से परेशानी तो हुई, लेकिन लू के गंभीर मामलों में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं देखी गई। अस्पतालों में गर्मी से संबंधित शिकायतों के साथ मरीज जरूर पहुंचे। इनमें पेट दर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, डिहाइड्रेशन और लूज मोशन जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं। हालांकि अधिकांश मामलों में मरीजों की स्थिति सामान्य रही और इलाज के बाद उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। गर्मी को देखते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहले से तैयारी कर ली गई थी। मरीजों के लिए कोल्ड वार्ड, पर्याप्त पेयजल, ओआरएस, आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध रखी गई थीं। अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज की जांच कर स्थिति के अनुसार उपचार दिया गया।
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- इस बार में मौसम में लगातार उतार-चढाव देखने को मिला है, जिसके चलते गरमी ने लोगों की सेहत पर ज्यादा प्रभाव नहीं डाला है। इसी वजह से इस बार कोल्ड वार्ड में एक भी मरीज की भर्ती नहीं की गई।
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-डॉ. सर्फे जेया, चिकित्सा अधीक्षक, जेवर