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Noida News: बुद्ध पर केंद्रित रहा सीएम योगी का 26 मिनट का भाषण
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बुद्ध पर केंद्रित रहा सीएम योगी का 26 मिनट का भाषण
- सीएम योगी ने नहीं की कोई राजनीतिक बात, बस युवाओं को श्रद्धा व कृतज्ञता का पढ़ाया पाठ
सीएल मौर्य
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 26 मिनट का भाषण बुद्ध के विचारों पर केंद्रित रहा। इस दौरान वह राजनीतिक बात करने से बचते रहे। उन्होंने बुद्ध के अनुयायियों को साधने के साथ युवाओं को श्रद्धा और कृतज्ञता का पाठ पढ़ाया।
दरअसल, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में सात हजार से अधिक छात्र-छात्राओं और करीब पांच हजार के करीब अभिभावक जीबीयू परिसर में मौजूद रहे। इनमें कई देशों के बुद्ध अनुयायी भी शामिल थे। इस अवसर पर दिए गए सीएम के संबोधन को लोकसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। योगी ने बुद्ध के रहस्यों से कई देश प्रेरणा प्राप्त करते हैं। नई संभावनाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। सीएम ने बुद्धम् शरणम गच्छाामि का अर्थ समझाते हुए कहा, इसका मतलब बुद्ध की शरण में जाने का नहीं है, बल्कि बुद्धि और विवेक से काम करना है। यह भी सीख दी कि एक बार आगे बढ़ने पर हमें पीछे नहीं हटना चाहिए। यह भी बताया कि भारत में बुद्ध के अनुयायी कम नहीं है।
यह कहकर युवा छात्र- छात्राओं में जोश भरने का काम किया कि भारत ही नहीं वैश्विक समुदाय का हित युवा पीढ़ी को तय करना है। सबसे ज्यादा युवा भारत देश में हैं। शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान होना जरूरी है। युवाओं को श्रद्धा व कृतज्ञता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि माता- पिता की सेवा के साथ देश व समाज के लिए भी श्रद्धा व कृतज्ञता का भाव होना चाहिए। यह भी अहम बात रही कि कार्यक्रम के दौरान पांच बौद्ध देशों के पांच बौद्ध विद्वानों को सम्मानित किया गया।
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- सीएम योगी ने नहीं की कोई राजनीतिक बात, बस युवाओं को श्रद्धा व कृतज्ञता का पढ़ाया पाठ
सीएल मौर्य
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 26 मिनट का भाषण बुद्ध के विचारों पर केंद्रित रहा। इस दौरान वह राजनीतिक बात करने से बचते रहे। उन्होंने बुद्ध के अनुयायियों को साधने के साथ युवाओं को श्रद्धा और कृतज्ञता का पाठ पढ़ाया।
दरअसल, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में सात हजार से अधिक छात्र-छात्राओं और करीब पांच हजार के करीब अभिभावक जीबीयू परिसर में मौजूद रहे। इनमें कई देशों के बुद्ध अनुयायी भी शामिल थे। इस अवसर पर दिए गए सीएम के संबोधन को लोकसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। योगी ने बुद्ध के रहस्यों से कई देश प्रेरणा प्राप्त करते हैं। नई संभावनाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। सीएम ने बुद्धम् शरणम गच्छाामि का अर्थ समझाते हुए कहा, इसका मतलब बुद्ध की शरण में जाने का नहीं है, बल्कि बुद्धि और विवेक से काम करना है। यह भी सीख दी कि एक बार आगे बढ़ने पर हमें पीछे नहीं हटना चाहिए। यह भी बताया कि भारत में बुद्ध के अनुयायी कम नहीं है।
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यह कहकर युवा छात्र- छात्राओं में जोश भरने का काम किया कि भारत ही नहीं वैश्विक समुदाय का हित युवा पीढ़ी को तय करना है। सबसे ज्यादा युवा भारत देश में हैं। शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान होना जरूरी है। युवाओं को श्रद्धा व कृतज्ञता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि माता- पिता की सेवा के साथ देश व समाज के लिए भी श्रद्धा व कृतज्ञता का भाव होना चाहिए। यह भी अहम बात रही कि कार्यक्रम के दौरान पांच बौद्ध देशों के पांच बौद्ध विद्वानों को सम्मानित किया गया।
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